वन मंत्री के धरने के बाद 5 को मिले नियुक्ति पत्र, शेष को अमित शाह सौंपेंगे
समझें क्या है पूरा मामला
- वन मंत्री संजय शर्मा के साढ़े चार घंटे धरने के बाद 5 कर्मचारियों को मिले नियुक्ति पत्र।
- शेष सफाई कर्मियों को 16 अगस्त को अमित शाह के हाथों दिलाएंगे नियुक्ति पत्र।
- मंत्री ने कलक्टर और निगम आयुक्त पर जताई नाराजगी, सरकार से बड़ा मानने का लगाया आरोप।
- समर्थन में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं व भाजपा पार्षद के बीच नोकझोंक, पुलिस ने संभाला मामला।
अलवर में सफाई कर्मियों की नियुक्ति को लेकर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा साढ़े चार घंटे धरने पर बैठने के बाद पांच सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र मिल गए। इसके बाद वन मंत्री ने धरना समाप्त कर दिया। शेष कर्मचारियों को 16 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों नियुक्ति पत्र देने का आश्चासन दिया है।
कलक्टर व आयुक्त से खफा हुए मंत्री
धरने के दौरान मंत्री संजय शर्मा ने जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला और नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में 329 सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। लेकिन आज तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिले। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के पक्ष में राजस्थान हाई कोर्ट का फैसला आने के साथ ही राजस्थान सरकार, डीएलबी और प्रमुख सचिव के भी आदेश जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों को लगातार गुमराह किया जा रहा है।
अधिकारियों की मंशा ही नहीं है
मंत्री शर्मा ने कहा कि जब उन्होंने जिला कलक्टर से बात की तो उन्होंने स्वयं को नियोक्ता नहीं बताते हुए नियुक्ति पत्र जारी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कलक्टर नियोक्ता नहीं हैं तो संबंधित विभाग से समन्वय कर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारियों की मंशा नियुक्ति पत्र जारी करने की नहीं है।
आयुक्त से भी जताई नाराजगी
धरना स्थल पर पहुंचे नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका से भी मंत्री ने तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि कलक्टर नियोक्ता नहीं हैं तो आयुक्त नियुक्ति पत्र जारी करें। मंत्री ने आरोप लगाया कि अधिकारी सरकार के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और पूछा कि क्या अधिकारी स्वयं को राज्य सरकार से बड़ा मानते हैं।
कांग्रेसी कार्यकर्ता भी पहुंचे धरने में
इस दौरान भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी नगर निगम पहुंचे और आयुक्त के कक्ष में हंगामा किया। इस दौरान एक भाजपा पार्षद और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक एवं हाथापाई की स्थिति बन गई, जिसे पुलिस ने हस्तक्षेप कर शांत कराया। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले भी अभ्यर्थियों ने नगर निगम आयुक्त का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया था।
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