सांवलिया सेठ के दरबार में आस्था का महाकुंभ, चढ़ावे में आए 36 करोड़, अभी आखिरी राउंड बाकी
News In Short
- सांवलिया सेठ मंदिर अब तक चढ़ावे में आई 36 करोड़ से अधिक की राशि।
- भंडार की गिनती का सातवां और अंतिम चरण बाकी, बढ़ सकती है दान राशि।
- पहले चरण की गिनती में मिला था 10 करोड़ 65 लाख रुपये का चढ़ावा।
- हर महीने होती है दान राशि की गणना, सार्वजनिक होती है हर चरण की जानकारी।
- मंदिर प्रशासन दान राशि से दे रहा है श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर जोर।
News In Detail
अगर आस्था को मापना हो, राजस्थान के श्री सांवलिया सेठ जी मंदिर से बेहतर कोई जगह नहीं है। यहां के दानपात्र से फरवरी महीने की निकल रही राशि ने सबको हैरान कर दिया। फरवरी के भंडार की गिनती का छठा चरण मंगलवार को पूरा हुआ, जिसमें दान पात्र और भंडार से 1 करोड़ 95 लाख 27 हजार रुपये की राशि मिली।
मंदिर प्रशासन के अनुसार अब तक छह चरणों की गिनती में कुल 36 करोड़ 49 लाख 82 हजार रुपये का चढ़ावा आ चुका है। मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिसके चलते प्रत्येक महीने भंडार से बड़ी दान राशि निकलती है।
अंतिम चरण की गिनती है अभी बाकी
मंदिर प्रशासन का कहना है कि भंडार की गिनती अभी पूरी नहीं हुई है। बुधवार को संभवतः सातवां और अंतिम चरण पूरा किया जाएगा। इस अंतिम दौर में चिल्लर राशि, ऑनलाइन दान और सोने-चांदी के आभूषणों सहित अन्य दान सामग्री का वजन और मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद फरवरी महीने के कुल चढ़ावे की अंतिम राशि स्पष्ट हो सकेगी।
पहले चरण में ही मिला था बड़ा चढ़ावा
भंडार खुलने के बाद पहले दिन ही बड़ी राशि सामने आई थी। पहले चरण की गिनती में 10 करोड़ 65 लाख रुपये का चढ़ावा मिला था। इसके बाद 5 मार्च को दूसरे दौर में 7 करोड़ 25 लाख 80 हजार रुपये की राशि सामने आई। तीसरे चरण में 2 करोड़ 61 लाख 75 हजार रुपये और चौथे चरण में 8 करोड़ 55 लाख 55 हजार रुपये की गिनती हुई। पांचवें और छठे चरण के बाद यह कुल राशि 36 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है।
पारदर्शी तरीके से होती है पूरी प्रक्रिया
मंदिर प्रशासन का कहना है कि भंडार में अभी भी काफी मात्रा में दान राशि और अन्य सामग्री मौजूद है, जिसकी गिनती चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से करवाई जाती है और हर चरण की जानकारी सार्वजनिक की जाती है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर जोर
मंदिर मंडल प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई नए प्रोजेक्ट भी शुरू किए गए हैं। मंदिर परिसर में भक्तों के लिए एक नई धर्मशाला और भोजनशाला का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जल्द ही इन्हें श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को ठहरने और भोजन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
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