सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ाया चांदी का हार्ट, भक्त की यह मन्नत हुई थी पूरी?
News In Short
- राजस्थान के श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में भक्त ने चांदी का हार्ट चढ़ाया।
- बालमुकुंद तिवारी को दो साल पहले हार्ट अटैक हुया था।
- ऑपरेशन सफल होने पर परिवार ने भगवान को मन्नत पूरी होने पर चढ़ावा दिया।
- मंदिर के मासिक भण्डार में अब तक 25 करोड़ रुपए से अधिक की दानराशि गिनी जा चुकी है।
- पूरा परिवार बैंड-बाजों और नाच-गाने के साथ मंदिर पहुंचा और अपनी मन्नत पूरी की।
News In Detail
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ का सांवलिया सेठ मंदिर में आस्था एक अलग तस्वीर सामने आई है। वैसे तो मंदिर में अक्सर चढ़ावे की चर्चा होती है, लेकिन इस बार कुछ अनोखा चढ़ावा आया है। भक्त बालमुकुंद तिवारी के परिवार ने पहली बार चांदी का हार्ट भेंट किये है।
चांदी का हार्ट भेंट करने की कहानी
दो साल पहले बालमुकुंद तिवारी को अचानक दिल का दौरा पड़ा था। गंभीर हालत में उन्हें पहले उदयपुर और फिर अहमदाबाद ले जाया गया। डॉक्टरों ने हार्ट बाईपास सर्जरी की सलाह दी। ऑपरेशन से पहले परिवार ने भगवान से मन्नत मांगी कि यदि वह सुरक्षित घर लौट आए, तो वे भगवान को चांदी का हार्ट चढ़ाएंगे।
मन्नत पूरी होने पर उत्सव
बालमुकुंद के परिवार का कहना है कि सांवलिया सेठ की कृपा से ऑपरेशन सफल रहा। बालमुकुंद तिवारी स्वस्थ होकर लौटे। इसके बाद पूरा परिवार, बच्चों और रिश्तेदारों के साथ, बैंड-बाजों और नाच-गाने के साथ मंदिर पहुंचे और अपनी मन्नत पूरी की।
मंदिर में चढ़ावे की गिनती
मंदिर के मासिक भण्डार में चढ़ावे की गिनती चल रही है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर खोले भण्डार में अब तक 25 करोड़ से अधिक की राशि गिनी जा चुकी है। चार चरणों में गिनती का विवरण इस प्रकार है:
पहले चरण: ₹11 करोड़ 30 लाख
दूसरे चरण: ₹5 करोड़ 77 लाख 50 हजार
तीसरे चरण: ₹6 करोड़ 46 लाख
चौथे चरण: ₹1 करोड़ 62 लाख 60 हजार 100
बाकी दानराशि की गिनती 21 मई को पूरी होगी।
दानराशि की विविधता
दानपेटी, भेंटकक्ष, कार्यालय, ऑनलाइन और मनी ऑर्डर से मिलने वाले चढ़ावे की गणना अभी बाकी है। पिछली बार खोले भण्डार से 42 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड चढ़ावा आया था, जिसमें सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा भी शामिल थी।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. सांवलिया सेठ मंदिर में चांदी का हार्ट चढ़ाने की परंपरा क्या है?
सांवलिया सेठ मंदिर में यह पहली बार हुआ है कि किसी भक्त ने भगवान को चांदी का हार्ट भेंट किया। यह मन्नत और आस्था का प्रतीक है।
2. बालमुकुंद तिवारी ने चांदी का हार्ट क्यों चढ़ाया?
बालमुकुंद तिवारी को दो साल पहले हार्ट अटैक (Heart Attack) आया था। ऑपरेशन सफल होने पर परिवार ने भगवान को चांदी का हार्ट चढ़ाकर अपनी मन्नत पूरी की।
3. मंदिर में दानराशि की गिनती कैसे होती है?
मासिक भण्डार खोलकर नोटों को बोर में भरकर गिनती की जाती है। चार चरणों में अब तक ₹25 करोड़ से अधिक की राशि गिनी जा चुकी है।
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