सरिस्का पैलेस होटल पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, एफआईआर दर्ज
समझें क्या है पूरा मामला
- अलवर के सरिस्का पैलेस होटल और वन विभाग में विवाद गहराया।
- होटल मैनेजर ने वनकर्मियों पर गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप लगाए।
- वन विभाग ने आरोपों को खारिज कर इसे अवैध पौधारोपण का मामला बताया।
- दोनों पक्षों ने थानागाजी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जांच जारी।
- वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत होटल प्रबंधन पर FIR दर्ज की।
सुनील जैन@अलवर
अलवर के सरिस्का पैलेस होटल और वन विभाग के बीच गंभीर विवाद सामने आया है। होटल मैनेजर ने वन विभाग के कर्मचारियों पर गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाया है। वहीं वन विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे अवैध पौधारोपण से जुड़ा मामला बताया है। दोनों पक्षों ने थानागाजी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई है।
अलवर के सरिस्का पैलेस होटल और वन विभाग के बीच विवाद सामने आया है। होटल के मैनेजर प्रेमचंद्र शर्मा ने वन विभाग के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ थानागाजी थाने में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणी, धमकी देने और ड्रोन के जरिए होटल की गोपनीयता भंग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं वन विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को वन भूमि पर बिना अनुमति पौधारोपण करने से जुड़ा विवाद बताया है।
होटल मैनेजर के आरोप
होटल मैनेजर प्रेमचंद्र शर्मा के अनुसार, होटल के कर्मचारी जब भी बाहर निकलते हैं, तब वन विभाग के कर्मचारी उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। कर्मचारियों ने इसकी जानकारी होटल के सुपरवाइजर धर्मेंद्र जाटव को दी थी।
आरोप है कि गुरुवार शाम होटल के सामने पौधारोपण को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। शिकायत में कहा गया है कि वन विभाग के कर्मचारी धर्मसिंह और कप्तान सिंह करीब 15 कर्मचारियों के साथ होटल पहुंचे।
जातिसूचक टिप्पणी और धमकी का आरोप
इस दौरान होटल स्टाफ के साथ गाली-गलौज की गई और सुपरवाइजर धर्मेंद्र जाटव के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही कथित तौर पर धमकी दी गई कि बाहर निकलने पर देख लेंगे।
मैनेजर का दावा है कि इस घटना के बाद डर के माहौल के चलते होटल के करीब 15 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी।
ड्रोन से निगरानी का आरोप
मैनेजर ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारी अक्सर रात के समय ड्रोन कैमरे होटल परिसर के ऊपर उड़ाते हैं, जिससे होटल की गोपनीयता भंग होती है। उनका कहना है कि होटल में महिला कर्मचारी भी कार्यरत हैं, इसलिए इससे उनकी निजता प्रभावित होती है।
डीएफओ ने बताया आरोपों को निराधार
वहीं सरिस्का के डीएफओ (DFO – Divisional Forest Officer) अभिमन्यु सहारण ने होटल प्रबंधन के सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि होटल के कर्मचारी परिसर के बाहर वन विभाग की भूमि पर गड्ढे खोदकर पौधारोपण करना चाहते हैं।
उनके अनुसार होटल प्रबंधन को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि परिसर के बाहर कोई भी काम करने से पहले विभाग से अनुमति लेनी जरूरी है। अनुमति मिलने के बाद ही ऐसे कार्य किए जा सकते हैं।
बाउंसर बुलाने का भी आरोप
डीएफओ का कहना है कि कई बार होटल प्रबंधन हरियाणा से बाउंसर बुलाकर वन भूमि पर गड्ढे खुदवाने का प्रयास करता है। जब वन विभाग के कर्मचारी उन्हें रोकते हैं, तो होटल पक्ष ही कहासुनी पर उतर आता है।
ड्रोन कैमरे के आरोपों पर डीएफओ ने स्पष्ट किया कि वन विभाग सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की मॉनिटरिंग और वन क्षेत्र की निगरानी के लिए नियमित रूप से ड्रोन का इस्तेमाल करता है। उनका कहना है कि इसका मकसद किसी होटल की निगरानी करना नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और गश्त करना है।
पुलिस कर रही जांच मामले में थानागाजी थाना अध्यक्ष रामस्वरूप का कहना है कि गुरुवार को शिकायत मिली थी और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वन विभाग ने भी दर्ज कराई शिकायत
सरिस्का वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में स्थित सरिस्का पैलेस प्रबंधन पर वन विभाग की भूमि पर बिना अनुमति अवैध गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगा है। वन विभाग के अनुसार ये गतिविधियां रात के समय गुप्त रूप से की जा रही थीं।
विभाग का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के दौरान 20 से 30 बाउंसरों के जरिए विभागीय टीम के काम में बाधा डालने का प्रयास किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।
साथ ही थानागाजी थाने में शिकायत देकर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभयारण्य क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि, अतिक्रमण या वन कानूनों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये खबर भी पढ़े:-
पेपर लीक पर किरोड़ी का धमाका, ढाका-स्पर्धा के सिंडिकेट पर साधा निशाना
आखरी दिन रेवेन्यू बोर्ड में बड़ा फेरबदल, 1735 अधिकारियों के किए तबादले
सोना अब लॉकर में नहीं, गोल्ड लोन का बढ़ रहा क्रेज, जानिए पूरा गणित
विदेश की लाखों-करोड़ों की नौकरी छोड़ बने IAS, जानिए आईएएस अभिषेक सुराणा की कहानी