शून्य से 56 तक का सफर, राजस्थान ने दिखाया बाघ बचाने का रास्ता
समझें क्या है पूरा मामला
- सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 56 तक पहुंच गई है।
- 2008 में यहां दुनिया का पहला वैज्ञानिक बाघ पुनर्स्थापन शुरू हुआ था।
- 2004 में सरिस्का से आखिरी बाघ भी पूरी तरह गायब हो गया था।
- सरिस्का में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
- राजस्थान ने केंद्र से प्रोजेक्ट चीता लागू करने की मांग रखी है।
सुनील जैन@अलवर
राजस्थान का सरिस्का टाइगर रिजर्व कभी पूरी तरह बाघ-विहीन हो गया था। 2008 में दुनिया का पहला वैज्ञानिक बाघ पुनर्स्थापन कार्यक्रम यहीं शुरू हुआ। आज 18 साल बाद सरिस्का में 56 बाघ हैं। इस उपलब्धि के मौके पर राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के विशेषज्ञ जुटे। राजस्थान सरकार ने केंद्र से चीता परियोजना की भी मांग रखी।
खाली जंगल में लौटी रौनक
एक वक्त था जब सरिस्का के जंगलों में बाघ की दहाड़ सुनाई नहीं देती थी। वर्ष 2004 में सरिस्का से आखिरी बाघ भी गायब हो गया। यह देश के लिए बड़ा झटका था।
लेकिन इस हार को जीत में बदला गया। 2008 में यहां बाघ पुनर्स्थापन का दुनिया का पहला वैज्ञानिक प्रयोग शुरू हुआ। आज 18 साल बाद सरिस्का में 56 बाघ हैं और जल्द ही यह संख्या 60 तक पहुंचने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय कार्यशाला में जुटे विशेषज्ञ
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के 18 वर्ष पूरे होने पर रविवार को सरिस्का में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसका विषय था "बाघ पुनर्स्थापन: अवसर एवं चुनौतियां"।
इसका आयोजन एनटीसीए (NTCA – National Tiger Conservation Authority), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राजस्थान सरकार ने मिलकर किया। उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया। देशभर के वरिष्ठ वन अधिकारी, वैज्ञानिक और वन्यजीव विशेषज्ञ इसमें शामिल हुए।
दुनिया के लिए उदाहरण
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सरिस्का का 18 साल का सफर ऐतिहासिक है। बेहतर निगरानी, मजबूत प्रबंधन और आवास संरक्षण के चलते सरिस्का दुनिया के लिए अनुकरणीय उदाहरण बन गया है।
उन्होंने कहा कि बाघ संरक्षण के साथ-साथ जल संरक्षण, पक्षी संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और प्रकृति पर्यटन को भी बराबर महत्व देना होगा। टाइगर रिजर्व से जुड़े ग्रामीणों के कौशल विकास पर जोर देने की जरूरत भी उन्होंने बताई। उन्होंने यह भी कहा कि सरिस्का परियोजना के 20 साल पूरे होने पर बड़ा राष्ट्रीय आयोजन होगा।
राजस्थान मांगे चीता परियोजना
राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कार्यशाला में बड़ी मांग रखी। उन्होंने केंद्र सरकार से राजस्थान के लिए भी प्रोजेक्ट चीता स्वीकृत करने की अपील की। उन्होंने बाघ संरक्षण में ग्रामीणों की भूमिका को भी बहुत अहम बताया।
सरिस्का अब 'सोर्स एरिया'
एनटीसीए के सदस्य सचिव संजय कुमार ने कहा कि 2004 में जो चूक हुई, उससे सबक लेकर 2008 में दुनिया का पहला वैज्ञानिक बाघ पुनर्स्थापन शुरू किया गया। आज सरिस्का सिर्फ बाघों का संरक्षण क्षेत्र नहीं, बल्कि "सोर्स एरिया" बन चुका है। यानी भविष्य में यहां से बाघ दूसरे अभ्यारण्यों तक पहुंचाए जा सकेंगे।
रूस में नहीं चला, राजस्थान में चला
आईबीसीए (IBCA – International Big Cat Alliance) के महानिदेशक डॉ. एस.पी. यादव ने बताया कि बाघ पुनर्स्थापन का प्रयास रूस में सफल नहीं हो पाया। लेकिन राजस्थान ने इसे दुनिया के सामने सफल मॉडल के रूप में स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि मजबूत ढांचा, प्रभावी निगरानी और शिकार पर सख्त नियंत्रण ही इस सफलता की असली वजह हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सितंबर में सरिस्का में 32 देशों के वन्यजीव विशेषज्ञों का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होगा।
भारत के पास दुनिया के 70 फीसदी बाघ
कार्यशाला में बताया गया कि भारत आज विश्व के करीब 70 प्रतिशत जंगली बाघों का घर है। देश के 58 टाइगर रिजर्व में लगभग 3,682 बाघ हैं। पिछले एक दशक में टाइगर रिजर्व की संख्या 46 से बढ़कर 58 हो गई है। संरक्षित क्षेत्र अब 84,450 वर्ग किलोमीटर तक फैल गया है।
महत्वपूर्ण दस्तावेज किए जारी
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने तीन महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किए। पहला, बाघों के सक्रिय प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय रोडमैप। दूसरा, भारत में बाघ पुनर्स्थापन पर विस्तृत पुस्तिका। तीसरा, प्रोजेक्ट चीता की वार्षिक रिपोर्ट जो सितंबर 2024 से दिसंबर 2025 तक की है।
इस दो दिवसीय कार्यशाला के सुझावों के आधार पर देश के बाघ-विहीन और कम बाघ घनत्व वाले क्षेत्रों के लिए नई वैज्ञानिक कार्ययोजना बनाई जाएगी।
FAQ
- सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापन कब शुरू हुआ और अभी कितने बाघ हैं?
2004 में सरिस्का से सभी बाघ समाप्त हो गए थे। इसके बाद 2008 में दुनिया का पहला वैज्ञानिक बाघ पुनर्स्थापन कार्यक्रम यहां शुरू किया गया। आज सरिस्का में 56 बाघ हैं और जल्द ही यह संख्या 60 तक पहुंचने की उम्मीद है। - भारत में कुल कितने बाघ हैं और कितने टाइगर रिजर्व हैं?
भारत में 58 टाइगर रिजर्व हैं जहां करीब 3,682 बाघ हैं। यह दुनिया के कुल जंगली बाघों का लगभग 70 प्रतिशत है। पिछले एक दशक में टाइगर रिजर्व की संख्या 46 से बढ़कर 58 हो गई है। - सरिस्का को 'सोर्स एरिया' क्यों कहा जा रहा है?
पहले सरिस्का केवल संरक्षण क्षेत्र था। अब यहां इतने बाघ हो गए हैं कि भविष्य में यहां से बाघ दूसरे अभ्यारण्यों में भेजे जा सकेंगे। इसीलिए इसे 'सोर्स एरिया' कहा जा रहा है।
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