बाघों के डर से चीता ने छोड़ा रणथंभौर नेशनल पार्क, अब रिहायशी इलाकों में ढूढ़ रहा है आशियाना
News In Short
- कूनो के चीता ने छोड़ा रणथंभौर नेशनल पार्क।
- बाघ, बाघिन और पैंथर के डर के कारण छोड़ा पार्क।
- सवाई माधोपुर के रिहायशी इलाकों में तलाश रहा आशियाना।
- वन विभाग ने चीते को पकड़ने के लिए की घेराबंदी।
- वन प्रशासन ने की स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील।
News In Detail
राजस्थान के रणथंभौर में कूनो से भटककर आए चीता KP2 ने अब अपनी जगह बदल ली है। यह चीता रणथंभौर नेशनल पार्क से मूवमेंट करने के बाद अब रिहायशी इलाकों में घूम रहा है। इसे सवाई माधोपुर के श्याम वाटिका, जीनापुर और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में देखा गया है। उसकी मौजूदगी से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
चीते की लगातार मूवमेंट
पहले चीता KP2 रणथंभौर नेशनल पार्क के जोन-9 में सक्रिय था, लेकिन अब यह जनसंख्या वाले इलाकों में आ गया है। नेशनल पार्क के अधिकारियों का मानना है कि बाघ, बाघिन और पैंथर के दबाव के कारण यह चीता जंगल से बाहर आकर आबादी क्षेत्र की ओर चला गया है। इससे पहले यह चीता कूनो नेशनल पार्क से रणथंभौर पहुंचा था। इसके बाद चीते के मूवमेंट की खबरें आईं।
वन विभाग की कार्रवाई
रविवार को जब स्थानीय लोगों ने श्याम वाटिका और जीनापुर के बीच खेतों में चीते को देखा, तो उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। अब विभाग के अधिकारी और वनकर्मी चीते की ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग में जुटे हुए हैं। इसके लिए ड्रोन कैमरे और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि चीते की लोकेशन पर नजर रखी जा सके।
चीते को पकड़ना बना चुनौती
वन विभाग के अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चीते को बिना किसी जनहानि के सुरक्षित रूप से पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में वापस भेजा जाए। यह प्रक्रिया न केवल जोखिमपूर्ण है, बल्कि इसे सावधानी और मैन्युअल रूप से सही तरीके से अंजाम दिया जाना आवश्यक है।
स्थानीय लोगों से की अपील
चीते के रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने के बाद स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है। क्योंकि इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही लगातार रहती है। वन प्रशासन ने सभी स्थानीय लोगों से घरों में रहने, सतर्क रहने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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