एक दुल्हन, दो दूल्हे, राजस्थान और कश्मीर के बीच उलझी लवस्टोरी, सवाल यही कि शकीला को किस राज्य की पुलिस खोजेगी?
News In Short
- शकीला की लवस्टोरी में आया नया मोड़, अब कश्मीर के शब्बीर ने भी जताया दावा।
- राजस्थान के जितेंद्र के बाद कश्मीर के शब्बीर का शकीला से निकाह करने का दावा।
- दोनों ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए हाई कोर्ट में पेश किए कानूनी दस्तावेज।
- राजस्थान पुलिस शकील को तलाशने गई तो वहां की पुलिस ने नहीं किया सहयोग।
- दोनों राज्यों की हाई कोर्ट में शकीला को लेकर इसी महीने होगी सुनवाई।
News In Detail
Jaipur: कहते हैं प्यार की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन जब एक ही प्यार पर दो राज्यों के दो अलग-अलग दावों की मुहर लग जाए, तो वह सीमा पुलिस और न्याय व्यवस्था के लिए सिरदर्द बन जाती है।
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के बीच एक ऐसी ही अनोखी प्रेम कहानी ने जन्म लिया है। इसने अब दो राज्यों के हाई कोर्ट को आमने-सामने ला खड़ा किया है।
शकीला अख्तर नाम की एक युवती को लेकर मचे इस घमासान में पेंच ऐसा फंसा है कि अब सवाल यह नहीं है कि शकीला किसके साथ रहेगी, बल्कि सवाल यह है कि कौन सी पुलिस उसे पहले तलाशेगी और कौन सा दस्तावेज असली माना जाएगा।
दो राज्य, दो दावे और दो अलग-अलग कोर्ट
इस पूरे मामले में एक तरफ जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर निवासी शब्बीर अहमद खान हैं, तो दूसरी तरफ राजस्थान के सुदरासन (डीडवाना) निवासी जितेंद्र सिंह। दोनों ही खुद को शकीला का पति बता रहे हैं और दोनों के पास अपने दावों को पुख्ता करने के लिए कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं।
शब्बीर ने श्रीनगर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उसका और शकीला का निकाह 12 जून 2024 को हुआ था। उसने कोर्ट से गुहार लगाई है कि शकीला के परिजन इस निकाह के खिलाफ हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।
उधर, राजस्थान के जितेंद्र सिंह ने जोधपुर हाई कोर्ट में हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका लगा रखी है। जितेंद्र का कहना है कि उसने 16 फरवरी 2025 को पंजाब के फिरोजपुर स्थित हनुमान धाम मंदिर में शकीला से हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। उसके पास बाकायदा मैरिज सर्टिफिकेट और लिव-इन रिलेशनशिप का हलफनामा भी है।
पुलिस की बढ़ रहीं मुश्किलें
राजस्थान पुलिस की एक टीम पिछले हफ्ते शकीला की तलाश में सीआरपीएफ (CRPF) के साथ मिलकर कश्मीर के आतंक प्रभावित इलाकों में खाक छानकर लौटी है, लेकिन उनके हाथ खाली रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वहां की स्थानीय पुलिस का सहयोग 'जीरो' रहा।
डीडवाना-कुचामन के थाना अधिकारी महेंद्र सिंह पालावत ने बताया कि श्रीनगर हाई कोर्ट ने जहां जम्मू-कश्मीर पुलिस को शकीला और शब्बीर को सुरक्षा देने का आदेश दिया है, वहीं जोधपुर हाई कोर्ट का आदेश है कि शकीला को ढूंढकर जल्द से जल्द कोर्ट में पेश किया जाए। अब स्थिति यह है कि राजस्थान पुलिस जिसे बरामद करना चाहती है, जम्मू-कश्मीर पुलिस उसे प्रोटेक्शन देने की तैयारी में है।
कैसे शुरू हुई यह उलझी दास्तान
बताया जाता है कि जितेंद्र सिंह जम्मू में किसी कंपनी के ठेके पर काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात अनंतनाग की शकीला से हुई। जितेंद्र का दावा है कि शकीला के घरवालों की सहमति से दोनों पंजाब आए और शादी कर ली। लेकिन बाद में शकीला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई और जम्मू पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। जितेंद्र का आरोप है कि वहां शकीला ने उसके पक्ष में बयान दिए, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया, लेकिन शकीला को उसके साथ नहीं भेजा गया। बरड़वा थाना के सीआई महेंद्र सिंह पालावत का कहना है कि अब मामला दो हाई कोर्ट के बीच है। उनके आपसी समन्वय से ही आगे की दिशा तय होगी। हमारी टीम ने कई जगह दबिश दी, पर सफलता नहीं मिली।
क्या होगा आगे
वर्तमान में मामला कानूनी पेचीदगियों में बुरी तरह उलझ गया है। जोधपुर हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को होनी है। श्रीनगर हाई कोर्ट में इस मामले से जुड़ी अगली पेशी 13 मार्च को तय की गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शकीला का पहला निकाह वैध है या फिर जितेंद्र के साथ की गई उसकी दूसरी शादी? या फिर इनमें से कोई एक दावा पूरी तरह फर्जी है? जब तक शकीला खुद कोर्ट के सामने पेश होकर अपना पक्ष नहीं रखती, तब तक 'दो दूल्हों' की यह जंग ठंडी पड़ती नहीं दिख रही है। फिलहाल, राजस्थान पुलिस फिर से कश्मीर जाने की तैयारी में है।
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