सांवलिया सेठ का खजाना खुला: पहले दिन 11.11 करोड़ की नकदी निकली, सोने-चांदी की गिनती अभी बाकी
News In Short
- सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार खुला, पहले दिन निकले 11.11 करोड़।
- मंदिर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच नगदी बैंकों में जमा कराई।
- नकदी के अलावा सोने-चांदी की भी छंटनी शुरू, पूरी गिनती अभी बाकी।
- भेंट कक्ष और मनीऑर्डर की राशि का हिसाब किया जाना भी बाकी।
- श्री सांवलियाजी मंदिर में रिकॉर्ड भेंट मिलने की संभावना जताई जा रही है।
News In Detail
Chittorgarh: चित्तौड़गढ़ का सांवलिया सेठ मंदिर अपने चढ़ावे के लिए प्रसिद्ध है, मंदिर में गुरुवार को भगवान का भंडार विधिवत रूप से खोला गया। यह प्रक्रिया राजभोग आरती के तुरंत बाद शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जैसे ही भंडार खुला, पूरा मंदिर परिसर जय श्री सांवलियाजी के जयकारों से गूंज उठा।
भंडार खोलने के दौरान मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिव शंकर पारीक और मंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया पर उनकी सतत नज़र बनी हुई थी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
पहले ही दिन 11.11 करोड़ रुपए निकले
भंडार खुलते ही उसमें रखी नकदी की गणना शुरू की गई। पहले राउंड की गिनती में अब तक कुल 11 करोड़ 11 लाख रुपए की राशि सामने आई है। इतनी बड़ी रकम को तुरंत बैंकों में जमा कराने की व्यवस्था की गई, ताकि किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो सके। मंदिर प्रशासन और बैंक अधिकारियों की संयुक्त टीम पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। पूरे काम को कड़ी सुरक्षा के बीच अंजाम दिया जा रहा है, जिससे गणना में किसी भी प्रकार की त्रुटि या गड़बड़ी न हो।
सोने-चांदी की छंटनी शुरू
भंडार से नगदी के अलावा सोने और चांदी के विभिन्न आभूषण, सिक्के, छत्र, मुकुट और अन्य कीमती वस्तुएं भी निकली हैं। इन सभी की छंटनी का काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन अभी इनका सटीक वजन और पूरी गिनती होना बाकी है। मंदिर मंडल के सदस्य पवन तिवारी के अनुसार, हर वस्तु को अलग-अलग श्रेणी में रखकर सुरक्षित किया जा रहा है।
सोने-चांदी की तौल बेहद सावधानी से की जाती है, इसलिए इस प्रक्रिया में कई दिन लग सकते हैं। फिलहालभगवान सांवलिया सेठ का मंदिर प्रशासन ने सभी कीमती वस्तुओं को सुरक्षित कक्ष में रखवा दिया है, जहाँ उनकी विस्तृत सूची बनाई जा रही है।
भेंट कक्ष और मनीऑर्डर की राशि का हिसाब अभी बाकी
मंदिर में केवल भंडार ही नहीं, बल्कि भेंट कक्ष और मनीऑर्डर के माध्यम से भी श्रद्धालु अपनी भेंट चढ़ाते हैं। इन सभी स्रोतों से प्राप्त नगदी, सोना और चांदी का हिसाब अभी किया जाना बाकी है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में इन सभी की विस्तृत गणना और वजन किया जाएगा।तभी जाकर पूरे माह में मंदिर को हुई कुल आय का पूरा आंकड़ा सामने आ पाएगा।
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