SI पेपर लीक मामले में SOG का एक्शन, मैनेजर गिरफ्तार, 50 लाख में खरीदा था पेपर
News In Short
- SOG ने SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में RSBCL डिपो मैनेजर लोकेंद्र पंडया को किया गिरफ्तार।
- आरोपी पर अपने बेटे, बेटी और भतीजी को लीक पेपर पढ़ाने का है आरोप।
- जांच में खुलासा हुआ कि पेपर 50 लाख रुपए में बाबूलाल कटारा से खरीदा गया था।
- SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक 142 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
News In Detail
राजस्थान में चर्चित SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है। SOG ने राजस्थान राज्य बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RSBCL) के डिपो मैनेजर लोकेंद्र पंडया को गिरफ्तार किया है। मंगलवार दोपहर SOG टीम ने लोकेंद्र पंडया (58) को डूंगरपुर जिले के वरदा गांव स्थित उसके घर से हिरासत में लिया। इसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर भेजा गया।
50 लाख रुपए में खरीदा गया था पेपर
जांच में सामने आया कि लोकेंद्र पंडया के भाई कुंदन कुमार पंडया ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा से SI भर्ती परीक्षा का पेपर खरीदा था। इस सौदे की कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई गई है।
SOG के अनुसार कुंदन कुमार ने वर्ष 2021 में बाबूलाल कटारा से संपर्क किया था। कटारा की हर्बल दवाइयों के बहाने मुलाकात हुई और इसी दौरान पेपर खरीदने का सौदा तय हुआ।
कैसे हुआ पेपर लीक सौदा?
बताया जा रहा है कि कुंदन कुमार 10 सितंबर 2021 को बाबूलाल कटारा के घर पहुंचा था। वहां उसने हर्बल दवाइयों के साथ लिफाफे में नकदी देकर परीक्षा के प्रश्नपत्र हासिल किए। कटारा ने 13, 14 और 15 सितंबर 2021 को आयोजित परीक्षा के सभी पेपर आरोपी को उपलब्ध कराए थे। इसके बाद इन पेपरों को परिवार के सदस्यों को पढ़ाया गया।
बेटे-बेटी और भतीजी को पढ़ाए गए पेपर
SOG की जांच में खुलासा हुआ कि लोकेंद्र पंडया ने परीक्षा से पहले अपने बेटे नैतिक, बेटी नेहा और भतीजी रिद्धि को लीक पेपर पढ़ाए थे। इसके बाद वह खुद उन्हें अपनी कार से जयपुर परीक्षा दिलाने लेकर गया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार तीनों अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए थे। हालांकि बाद में वे फिजिकल टेस्ट में असफल हो गए थे।
परीक्षा में मिले थे अच्छे अंक
नैतिक को हिंदी विषय में 200 में से 143.33 अंक और सामान्य ज्ञान में 147.20 अंक मिले थे। वहीं नेहा ने हिंदी में 158.89 और सामान्य ज्ञान में 153.46 अंक प्राप्त किए थे।
SOG ने तीनों आरोपियों को 10 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद लगातार पूछताछ में कई नए खुलासे सामने आए हैं।
SOG की जांच में बढ़ रही सख्ती
एडीजी (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है। पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
SOG अब आर्थिक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल
SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले ने राजस्थान की भर्ती प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लगातार सामने आ रहे खुलासों से युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है। इससे भविष्य में इस तरह के संगठित परीक्षा घोटालों पर रोक लगाई जा सकती है।
FAQ
- SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में कौन गिरफ्तार हुआ?
SOG ने RSBCL के डिपो मैनेजर लोकेंद्र पंडया को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने परिवार के सदस्यों को लीक पेपर पढ़ाए थे। - पेपर लीक मामले में बाबूलाल कटारा की क्या भूमिका है?
जांच के अनुसार RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा ने 50 लाख रुपए लेकर परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराए थे। यह सौदा वर्ष 2021 में हुआ था। - SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
SOG के अनुसार अब तक इस मामले में 142 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां अभी भी अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं।
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