सीकर गैस एजेंसी के पास लगी आग: 30 फीट ऊंची लपटें उठीं,कोतवाली पुलिस और तीन दमकल मौके पर पहुंचीं
समझें क्या है पूरा मामला
- रविवार शाम करीब 4:15 बजे भगवती गैस एजेंसी के पास कबाड़ में आग लगी।
- घटना कोतवाली थाना इलाके में फतेहपुर रोड पर हुई।
- आग की लपटें करीब 30 फीट तक उठीं और धुआं फैला।
- कोतवाली पुलिस और तीन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
- दमकलकर्मियों ने करीब 10 मिनट में आग पर काबू पा लिया।
सीकर गैस एजेंसी के पास कबाड़ में आग लगने से रविवार शाम हड़कंप मच गया। घटना कोतवाली थाना इलाके में फतेहपुर रोड पर हुई। आग भगवती गैस एजेंसी के पास बाड़े में रखे कबाड़ में लगी। सीकर भगवती गैस एजेंसी आग की लपटें करीब 30 फीट तक उठती दिखीं। चारों ओर धुआं फैल गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
फतेहपुर रोड सीकर कबाड़ आग कैसे लगी?
कोतवाली थाना SHO सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया कि घटना फतेहपुर रोड पर भगवती गैस एजेंसी के पास स्थित बाड़े की है। यहां आगे की तरफ दुकानें हैं और पीछे एक बाड़ा है। इस बाड़े में काफी कबाड़ रखा हुआ था। SHO के मुताबिक कबाड़ में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग की वजह अभी साफ नहीं है। कोतवाली थाना सीकर आग हादसा रविवार शाम 4:15 बजे हुआ। आग लगते ही आसपास हड़कंप मच गया। सवाल यह है कि गैस एजेंसी के इतने पास लगी आग से कितना खतरा था?
गैस एजेंसी की दीवार से लगा बाड़ा क्यों चर्चा में?
पुलिस के अनुसार जहां आग लगी, उस बाड़े और गैस एजेंसी की दीवार एक ही है। यानी गैस एजेंसी और कबाड़ का बाड़ा आपस में सटे हुए हैं। इसी वजह से आग पर समय रहते काबू पाना अहम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि काबू न पाया जाता तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी। सोर्स में यह नहीं बताया गया कि गैस एजेंसी में उस समय सिलेंडर रखे थे या नहीं। यह भी नहीं बताया गया कि आग की लपटें एजेंसी की दीवार तक पहुंचीं या नहीं।
दमकल ने 10 मिनट में आग पर काबू पाया
सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस और तीन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने वहां मौजूद लोगों के सहयोग से महज 10 मिनट में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग बुझने के बाद स्थिति सामान्य हुई। इस दौरान भीड़ भी मौके पर जमा हो गई थी।
बड़ा हादसा टला सीकर में, क्या कहा पुलिस ने?
पुलिस के अनुसार समय पर आग पर काबू पा लिया गया। इसलिए कोई बड़ी घटना नहीं हुई। यह पुलिस का आकलन है कि काबू न पाने पर बड़ा हादसा हो सकता था। सोर्स में किसी के घायल होने या नुकसान के आंकड़े का जिक्र नहीं है। कबाड़ का मालिक कौन है और कितना कबाड़ जला, यह भी नहीं बताया गया। अब नजर इस पर रहेगी कि पुलिस और दमकल विभाग की जांच में आग का कारण क्या सामने आता है।
यह खबर क्यों जरूरी है:
गैस एजेंसी के पास ज्वलनशील कबाड़ रखे जाने से हमेशा जोखिम रहता है। इस मामले में बाड़े और गैस एजेंसी की दीवार एक ही है। इसलिए आसपास रहने वाले और दुकानदार भी सुरक्षित नहीं माने जा सकते थे। रिहायशी या कारोबारी इलाके में कबाड़ के भंडारण के नियम और सुरक्षा इंतजाम पर सवाल उठ सकते हैं। यह घटना आग से बचाव और समय पर दमकल पहुंचने की अहमियत भी बताती है।