सीकर PWD ऑफिस में ठेकेदार से मारपीट का मामला, ठेकेदार संघ ने कलेक्टर-SP को सौंपा ज्ञापन
सीकर के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय में ठेकेदार के साथ हुई मारपीट के मामले में ठेकेदारों में आक्रोश है। घटना के विरोध में ठेकेदार एसोसिएशन संघर्ष समिति ने बुधवार को जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और ठेकेदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
7 अक्टूबर को हुई थी मारपीट
ज्ञापन के अनुसार, 7 अक्टूबर को PWD खंड प्रथम कार्यालय परिसर में ठेकेदार रामावतार जाखड़ के साथ मारपीट की गई थी। ठेकेदार संघ ने आरोप लगाया कि विभागीय इंजीनियरों ने बाहर से असामाजिक तत्वों को बुलाकर इस घटना को अंजाम दिया। मारपीट में रामावतार जाखड़ की आंख, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आने की बात कही गई है।
घटना के बाद अब ठेकेदार संघ ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता चल सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
CCTV फुटेज की जांच और गिरफ्तारी की मांग
ठेकेदार एसोसिएशन संघर्ष समिति ने ज्ञापन में मांग की है कि 7 अक्टूबर को दोपहर 1:38 बजे से 2:40 बजे तक PWD कार्यालय और पास की पुलिया के आसपास लगे सभी सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जाए।
समिति का कहना है कि CCTV फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है। साथ ही, ठेकेदार के साथ मारपीट करने के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
कॉन्ट्रैक्टर प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
ज्ञापन में ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों पर पद का दुरुपयोग करने और समय पर बिलों का भुगतान नहीं करने के आरोप भी लगाए हैं। ठेकेदार संघ का कहना है कि भुगतान में देरी और विभागीय स्तर पर आने वाली समस्याओं से ठेकेदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। संघ ने ठेकेदारों की सुरक्षा के लिए कॉन्ट्रैक्टर प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने और भुगतान से जुड़े नियमों का समय पर पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
ठेकेदार एसोसिएशन संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। अब इस मामले में पुलिस जांच और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।