SMS अस्पताल में विरोध प्रदर्शन, संविदा नर्सिंगकर्मी की मौत से हालात तनावपूर्ण
समझें क्या है पूरा मामला
- एसएमएस मेडिकल कॉलेज में संविदा नर्सिंग कर्मी दीपक चरवाल ने की आत्महत्या।
- संविदा कर्मियों को हटाए जाने के फैसले से वह मानसिक तनाव में था।
- शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद घर पर अचेत मिला था।
- एसएमएस हॉस्पिटल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
- मौत के बाद बड़ी संख्या में नर्सिंग कर्मियों ने अस्पताल परिसर में किया प्रदर्शन।
जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज से अटैच महिला चिकित्सालय में संविदा नर्सिंग कर्मी के रूप में कार्यरत दीपक चरवाल की मौत हो गई। वह पिछले कुछ वर्षों से संविदा पर वहां सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में संविदा कर्मियों को हटाए जाने के फैसले के बाद वे मानसिक तनाव में थे।
शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद घर पर वे बेहोश मिले और SMS अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
150 हटाए, 200 को नोटिस, कर्मियों में भारी नाराजगी
नर्सिंगकर्मी जितेंद्र कटारा ने बताया कि कुछ दिन पहले ही महिला चिकित्सालय से करीब 150 संविदा कर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया गया था। इसके साथ ही जेके लोन अस्पताल में भी करीब 200 संविदा कर्मचारियों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
इस फैसले के बाद से संविदा कर्मचारियों में भारी असंतोष का माहौल था। कटारा के अनुसार नौकरी जाने की आशंका और भविष्य की अनिश्चितता के कारण दीपक गहरे मानसिक तनाव में थे।
विरोध प्रदर्शन के बाद हुई दुखद घटना
शुक्रवार को संविदा कर्मियों ने इस फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया। दीपक भी इस प्रदर्शन में शामिल थे। प्रदर्शन के बाद वे अपने कमरे पर लौट आए थे।लेकिन जब उनके साथी उनके कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा बंद मिला।
दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने उसे तोड़ा तो दीपक बेहोश मिले। उन्हें तुरंत SMS अस्पताल लाया गया। लेकिन उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मौत के बाद अस्पताल परिसर में फूटा गुस्सा
दीपक की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी SMS मेडिकल कॉलेज परिसर में जमा हो गए। कर्मचारियों ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, संविदा संविदा कर्मीको हटाने के फैसले को वापस लिया जाए। दूसरी, मृतक के परिजनों को उचित सहायता और मुआवजा दिया जाए।
FAQ
- संविदा कर्मचारी और नियमित कर्मचारी में क्या फर्क होता है?
संविदा (Contract) कर्मचारी एक निश्चित अवधि के लिए नियुक्त होते हैं और उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी नौकरी की सुरक्षा, पेंशन और अन्य सुविधाएं नहीं मिलतीं। नियमित कर्मचारी स्थायी पद पर होते हैं। - राजस्थान में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की क्या स्थिति है?
राजस्थान में सरकारी अस्पतालों और अन्य विभागों में हजारों संविदा कर्मचारी वर्षों से काम कर रहे हैं। नियमितीकरण की मांग लंबे समय से उठती रही है लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
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