श्रीगंगानगर किशोरी दुष्कर्म में 19 गिरफ्तार, 3 होटलों पर चला प्रशासन का बुलडोजर
समझें क्या है पूरा मामला
- श्रीगंगानगर किशोरी दुष्कर्म मामले में 19 आरोपी गिरफ्तार।
- 3 होटलों पर चला बुलडोजर, इन होटलों में बुक होते थे कमरे।
- 13 वर्षीय पीड़िता 18-21 जून तक तीन होटलों में रखी गई।
- 4 होटलों का ठेका लेने वाला मास्टरमाइंड अभी फरार।
- 19 आरोपियों में ग्राहक, होटल संचालक-मैनेजर भी शामिल।
राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
घर से लापता हुई एक 13 वर्षीय मासूम बच्ची को बंधक बनाकर उसके साथ कई दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस जघन्य मामले के उजागर होने के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश फैल गया था, जिसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन दोनों पूरी तरह मुस्तैद और एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं।
इस संवेदनशील मामले में पुलिसिया कार्रवाई के साथ-साथ प्रशासनिक हंटर भी तेजी से चला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जहां पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर लगातार छापेमारी करके अब तक 19 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
वहीं जिला प्रशासन ने उन व्यावसायिक परिसरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है जहां इस कृत्य को अंजाम दिया गया। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए घटना से जुड़े 3 होटलों को बकायदा जमींदोज कर दिया है।
इंस्टाग्राम फ्रेंड से मिलने गई थी
मामले की जांच कर रहे अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) कैलाश दान के अनुसार, यह पूरी घटना 18 जून से 22 जून 2026 के बीच की है। तफ्तीश में सामने आई टाइमलाइन इस प्रकार है:
- 18 जून (विजयनगर यात्रा): पीड़िता की इंस्टाग्राम पर एक लड़के से दोस्ती हुई थी। उससे मिलने के लिए वह 18 जून को श्रीगंगानगर से करीब 100 किलोमीटर दूर विजयनगर गई थी। वहां उस सोशल मीडिया फ्रेंड ने उसके साथ पहली बार दुष्कर्म किया।
- 18 जून की रात (रिक्शा चालक की साजिश): विजयनगर से बस द्वारा पीड़िता रात के समय वापस श्रीगंगानगर बस स्टैंड पहुंची। घर जाने के लिए उसने एक ऑटो रिक्शा किया, लेकिन रिक्शा चालक उसे घर छोड़ने के बजाय बहला-फुसलाकर शहर के एक होटल में ले गया। वह रिक्शा चालक पूरी रात खुद भी होटल में रुका और बच्ची के साथ दरिंदगी की।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक और स्थानीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कई विशेष टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने पीड़िता के बयान और तकनीकी अनुसंधान की मदद से जांच का दायरा बढ़ाया।
पुलिस ने घटना स्थलों और उसके आस-पास के सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज एकत्र किए। इन फुटेज का बारीकी से तकनीकी और वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया, जिससे वारदात के समय चिन्हित स्थानों पर आरोपियों की मौजूदगी और उनकी सक्रिय संलिप्तता के अकाट्य प्रमाण मिले।
इस पूरे मामले में कुल 32 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें से अब तक 19 की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि शेष बचे आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस का मुख्य उद्देश्य अदालत में एक बेहद मजबूत और अकाट्य चार्जशीट पेश करना है ताकि दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जा सके।
दागदार इमारतों पर चला प्रशासन का बुलडोजर
इस घिनौने अपराध के खिलाफ केवल पुलिस डायरी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि अपराधियों और समाज विरोधी तत्वों में खौफ पैदा करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया।
पुलिस अनुसंधान में यह बात पुख्ता तौर पर सामने आई थी कि आरोपियों ने सगीरा को शहर के कुछ चिन्हित होटलों में ठहराया और वहीं वारदात को अंजाम दिया। इन होटलों के संचालकों द्वारा नियमों की भारी अनदेखी की गई थी और बिना पहचान पत्र या अवैध तरीके से कमरे उपलब्ध करवाए गए थे।
जिला प्रशासन और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में अवैध निर्माण और आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बने 3 होटलों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया। प्रशासन के इस कड़े कदम से अवैध गतिविधियों में लिप्त अन्य होटल संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।
सख्त कार्रवाई का भरोसा, मॉनिटरिंग जारी
राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय इस पूरे घटनाक्रम पर सीधे नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को, चाहे वह कितना ही रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विधिक प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।
इस सख्त कदम के बाद स्थानीय व्यापारिक और सामाजिक संगठनों में भी यह संदेश गया है कि किसी भी अनैतिक या आपराधिक गतिविधि को संरक्षण देने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का हश्र क्या हो सकता है।
ये भी पढ़ें:-
जयपुर में छिपा बैठा था दुष्कर्म का आरोपी, 5 साल की बच्ची से की थी घिनौनी करतूत
इंसानियत हुई शर्मसार, 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी की तलाश में पुलिस
पंचायत में पिता ने कहा - बेटियां चंबल नदी में गिर गईं, धक्का देने की आशंका