श्रीविजयनगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में बवाल, मतदान के दौरान फायरिंग की खबर से हड़कंप
समझें क्या है पूरा मामला
- श्रीविजयनगर नगर पालिकाअध्यक्ष चुनाव मेंहंगामा।
- कांग्रेस पार्षदों को उठानेके आरोप पर भड़का बवाल।
- श्रीविजयनगर अध्यक्ष पद की वोटिंग के दौरानफायरिंग की खबर।
- अध्यक्षचुनाव के बीच हंगामा,पुलिसकर्मी घायल हुआ।
- मिड्ढा-लेघा के बीचअध्यक्ष पद की कड़ीटक्कर।
श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीविजयनगर नगर पालिका में अध्यक्ष चुनने के लिए मतदान के बीच सोमवार को माहौल गरमा गया। कांग्रेस ने अपने पार्षदों को रास्ते से कथित तौर पर उठाए जाने का आरोप लगाया। इसकी खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर पहुंच गए। बैरिकेडिंग के पास भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। पुलिस को भीड़ पीछे हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसी बीच फायरिंग की सूचना से हड़कंप मच गया।
हंगामे के दौरान एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट लगने की भी सूचना है। हालात को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में बवाल
विवाद कांग्रेस पार्षदों को रास्ते से कथित तौर पर उठाए जाने की सूचना के बाद शुरू हुआ। इसकी जानकारी मिलते ही कांग्रेस समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई।बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया।
कांग्रेस पार्षदों को जबरदस्ती रोकने का आरोप
मौके पर पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। हंगामा बढ़ने के बाद कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया। हालात बिगड़ते देख हल्का बल प्रयोग कर लोगों को पीछे हटाया गया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट लगने की भी सूचना सामने आई है।
मतदान के दौरान फायरिंग की सूचना से हड़कंप
अध्यक्ष चुनाव के बीच फायरिंग की सूचना भी सामने आई। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। फायरिंग किसने और किन हालात में की, इसे लेकर खबर लिखे जाने तक स्थिति साफ नहीं थी। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
नगर पालिका अध्यक्ष के लिए मिड्ढा और लेघा में मुकाबला
श्रीविजयनगर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के सुशील कुमार मिड्ढा (बिट्टू) और भाजपा के राजेंद्र कुमार लेघा के बीच मुकाबला है। नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं। अध्यक्ष बनने के लिए 13 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। चुनाव में कांग्रेस के 11 और भाजपा के 10 पार्षद जीते हैं। चार निर्दलीय पार्षद भी चुनकर आए हैं। ऐसे में अध्यक्ष की कुर्सी के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है।
दोनों दलों का बहुमत का दावा
कांग्रेस ने सुशील मिड्ढा के पक्ष में जरूरी संख्या से ज्यादा पार्षदों का समर्थन होने का दावा किया है। पार्टी अपने पार्षदों को एकजुट रखने और मतदान तक संख्या बनाए रखने की कोशिश में जुटी है। दूसरी तरफ भाजपा भी बहुमत का दावा कर रही है। भाजपा का कहना है कि राजेंद्र कुमार लेघा के समर्थन में 25 में से 15 पार्षद हैं। दोनों पार्टियों के अपने-अपने दावे हैं। वास्तविक तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही साफ होगी।
यह खबरें भी पढ़ें...
जोधपुर निगम चुनाव: 51 के जादुई आंकड़े की रसाकशी में पार्षद का अपहरण, FIR से गरमाई सियासत
निकाय चुनाव: अजमेर में 4 वोट की तलाश, सीकर में बहुमत; फिर कांग्रेस को किस बात का डर?
उदयपुर नगर निगम के भूखंड घोटाले में बड़ा एक्शन, 17 साल बाद आरोपी गिरफ्तार
जोधपुर नगर निगम चुनाव: फलोदी सट्टा बाजार का आया अनुमान, जानें किसका पलड़ा भारी