सेलेक्टेड अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से हाथ लगी निराशा, रद्द का आदेश बरकरार
News In Short
- सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की एसआई भर्ती 2021 को रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले को रखा बरकरार।
- हाईकोर्ट ने सलेक्टेड कैंडीडेट्स की अपील खारिज कर एकलपीठ का आदेश रखा था बरकरार।
- राजस्थान सरकार ने अब तक खंडपीठ के आदेश के खिलाफ नहीं की सुप्रीम कोर्ट में अपील।
- एसआई भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपों के बाद कई आरपीएससी सदस्य हुए थे गिरफ्तार।
News In Detail
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की एसआई भर्ती 2021 को रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 4 अप्रेल के फैसले के खिलाफ सलेक्टेड कैंडीडेट्स की अपील को खारिज कर दिया है।
राजस्थान हाई कोर्ट की एकलपीठ ने लंबी सुनवाई के बाद पिछले साल 28 अगस्त,2025 को भर्ती रद्द करने के आदेश दिए थे। इस आदेश को सलेक्टेड कैंडीडेट्स ने खंडपीठ में चुनौती दी थी। सलेक्टेड कैंडीडेट्स के साथ राजस्थान सरकार ने भी भर्ती रद्द करने का विरोध किया था। 4 अप्रेल,2026 को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार व सलेक्टेड कैंडीडेट्स की अपील खारिज करते हुए भर्ती रद्ध करने के एकलपीठ के आदेश को बहाल रखा था।
राजस्थान सरकार ने नहीं की अपील
एकलपीठ और खंडपीठ में भर्ती रद्द करने के खिलाफ जमकर पैरवी करने वाली राजस्थान सरकार ने अब तक खंडपीठ के 4 अप्रेल के आदेश केा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दी है। जबकि सलेक्टेड कैंडीडेट्स और उनके परिजन निरंतर सरकार से अपील करने और पैरवी के लिए किसी बड़े वकील की सेवाएं लेने की मांग कर रहे थे। हालांकि,सरकार में अपील करने या नहीं करने पर फैसले लेने में देरी नई बात नहीं है। लेकिन,अब देखना होगा कि सलेक्टेड कैंडीडेट्स की अपील खारिज होने के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करती है या नहीं।
धांधली के आरोप
एसआई भर्ती-2021 परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली के आरोप लगे थे। एसओजी की जांच में आरपीएससी के मेंबर तक के नाम सामने आए। मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा था। परीक्षा से पहले ही पेपर लीक करने पर आरपीएससी सदस्य रामूराम राईका और बाबूलाल कटारा की गिरफ्तारी भी हुई। इसके अलावा आरपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय व अन्य सदस्यों पर भी जानबूझकर गड़बड़ियों केा अनदेखा करने के आरोप लगे थे। इसके बाद सदस्य संगीता आर्य और मंजू शर्मा ने इस्तीफे दे दिए थे। श्रोत्रिय के साथ ही मंजू शर्मा व संगीता आर्य ने एकलपीठ के आदेश में अपने खिलाफ की गई टिप्पणियों को खंडपीठ में चुनौती दी थी। लेकिन खंडपीठ ने तीनों ही अपील भी खारिज कर दी हैं।
खंडपीठ ने 8 सितंबर,2025 को एकल पीठ के फैसले पर अंतरिम रोक लगाते हुए सलेक्टेड कैंडीडेट्स को फील्ड पोस्टिंग देने को कहा था। इस आदेश के खिलाफ भर्ती परीक्षा को रद्द करवाने वाले सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने 24 सितंबर को एकल पीठ के फैसले को बहाल करते हुए सलेक्टेड कैंडीडेटस को फील्ड पोस्टिंग देने पर रोक लगाते हुए खंडपीठ को तीन महीने में फैसला करने का निर्देश दिए थे।
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