एसआई भर्ती परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट से आरपीएससी को राहत, 2.25 लाख अभ्यर्थियों का सपना टूटा
News In Short
- एसआई भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर आरपीएससी को मिली राहत।
- सुप्रीम कोर्ट ने ओवरएज अभ्यर्थियों से पुराने आदेश को किया मॉडिफाई।
- कोर्ट ने एक दिन पहले ओवरएज अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने के आदेश दिए थे।
- सुप्रीम कोर्ट ने छुट्टी के बावजूद शुक्रवार को आरपीएससी के आवेदन पर की सुनवाई।
- परीक्षा निर्धारित तारीख 5 और 6 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में होगी।
News In Detail
Jaipur: एसआई भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। ओवरएज अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बैंच ने अवकाश के दिन शुक्रवार को सुनवाई की।
शीर्ष कोर्ट ने आरपीएससी के आग्रह पर एक दिन पहले के अपने आदेश को मॉडिफाई कर दिया। उसने स्पष्ट किया कि आदेश सुप्रीम कोर्ट पहुंचे एप्लीकेंट सूरजमल मीणा तक सीमित रहेगा। एक व्यक्ति दूसरों के लिए राहत की मांग नही कर सकता हैं।
एक दिन पहले यह आया था आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन सूरजमल मीणा की याचिका पर यह आदेश दिया था कि एसआई भर्ती 2021 के ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को 2025 की परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाए। इसके बाद आरपीएससी ने शीर्ष कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दायर किया।
आयोग का कहना था कि परीक्षा में मात्र दो दिन शेष हैं। ऐसे में 2.25 लाख ओवरएज अभ्यर्थियों से फॉर्म भरवाकर उन्हें परीक्षा में शामिल करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच शुक्रवार को छुट्टी के दिन दोपहर 2 बजे सुनवाई करेगी। अब परीक्षा तय तारीख के हिसाब से 5 और 6 अप्रैल को प्रदेशभर में होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में संशोधन की गुहार
आरपीएससी की ओर से एडवोकेट युवराज सामंत ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने आयोग का पक्ष सुने बिना ही आदेश पारित कर दिया है। आयोग ने अपील की है कि अदालत अपने पूर्व आदेश में संशोधन करे और राहत को केवल याचिकाकर्ताओं तक ही सीमित रखे।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 2021 की भर्ती में शामिल उन सभी अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने की अनुमति दी थी, जो 2025 की भर्ती में ओवरएज हो चुके थे।
परीक्षा की तैयारियों का हवाला
आयोग ने स्पष्ट किया है कि लिखित परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को प्रस्तावित है। साढ़े सात लाख से अधिक अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। परीक्षा केंद्रों पर सभी पुख्ता इंतजाम हो चुके हैं और पेपर वितरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस अंतिम समय में 2.25 लाख नए फॉर्म लेना और उनके लिए व्यवस्था करना पूरी व्यवस्था को बाधित कर सकता है।
अवकाश के दिन हुई सुनवाई
आरपीएससी का यह भी तर्क था कि यदि आदेश को केवल मुख्य याचिकाकर्ता सूरजमल मीणा या हाईकोर्ट के याचिकाकर्ताओं तक सीमित रखा जाता है तो सुचारू रूप से निर्धारित समय पर परीक्षा आयोजित की जा सकेगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की स्पेशल बेंच ने अवकाश के दिन शुक्रवार दोपहर सुनवाई की।
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