वायुसेना का होगा पाकिस्तान के सामने शक्ति प्रदर्शन, 51 देशों को दिया न्यौता
समझें क्या है पूरा मामला
- तरंगशक्ति-2026 युद्धाभ्यास सितंबर में जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर होगा।
- ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास होगा।
- 8 देशों के लड़ाकू विमान और 18 देशों के सैन्य पर्यवेक्षक शामिल होंगे।
- अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई समेत कई देश हिस्सा लेंगे।
- तेजस, राफेल, सुखोई-30 MKI समेत कई भारतीय विमान दिखाए जाएंगे।
भारतीय वायुसेना का बड़ा युद्धाभ्यास तरंगशक्ति-2026 सितंबर से शुरू होगा। यह जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित होगा। इसमें 8 देशों के लड़ाकू विमान शामिल होंगे। यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है। 51 देशों को इसके लिए आमंत्रित किया गया है।
जोधपुर में क्यों हो रहा है अभ्यास
तरंगशक्ति यह भारतीय वायुसेना का मेगा मल्टीलेटरल युद्धाभ्यास है। इसका दूसरा संस्करण जोधपुर में होने जा रहा है। यह अभ्यास केवल विमानों की उड़ान तक सीमित नहीं रहेगा।
यह भारत की सैन्य क्षमता, रणनीतिक साझेदारी और स्वदेशी तकनीक का भी प्रदर्शन बनेगा। मानसून के बाद जोधपुर का आसमान बिल्कुल साफ रहता है। इसी वजह से फ्लाइंग के लिए यह जगह सबसे बेहतर मानी जाती है।
पहला संस्करण वर्ष 2024 में हुआ था। तब यह तमिलनाडु और जोधपुर, दोनों जगह आयोजित हुआ था। इस बार पूरा अभ्यास जोधपुर पर केंद्रित रहेगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अहम अभ्यास
मई 2025 में भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के एयरबेस पर कार्रवाई की थी। उसके बाद यह पहला बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास होने जा रहा है।
इसमें अमरीका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और यूएई जैसे देश शामिल होंगे। ग्रीस, सिंगापुर, बांग्लादेश और श्रीलंका भी अपने विमानों के साथ हिस्सा लेंगे। 18 देशों के सैन्य पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे।
भारत ने कुल 51 देशों को न्योता भेजा है। इनमें से ज्यादातर देशों ने शामिल होने पर सहमति दे दी है। यह अभ्यास करीब एक पखवाड़े तक चलेगा।
डिफेंस एक्सपो और नई तकनीक का प्रदर्शन
युद्धाभ्यास के दौरान डिफेंस एक्सपो जैसे कई कार्यक्रम भी होंगे। हर देश अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा। नई युद्ध तकनीक भी दिखाई जाएगी।
भारत भी अपनी स्वदेशी तकनीक दुनिया को दिखाएगा। इससे रक्षा सामग्री के लिए नया बाजार मिलने की उम्मीद है। भारतीय वायुसेना के विमान अलग-अलग करतब भी दिखाएंगे।
सूर्यकिरण टीम 9 हॉक विमानों के साथ हिस्सा लेगी। सारंग हेलीकॉप्टर टीम के भी शामिल होने की संभावना है।
कौन-कौन से विमान होंगे शामिल
विदेशी विमानों में ऑस्ट्रेलिया का एफ-18 और ग्रीस का एफ-16 शामिल रहेगा। यूएई एफ-16 के साथ अवॉक्स विमान भी भेजेगा। अमरीका एफ-16, ए-10 जैसे विमान लाएगा।
बांग्लादेश और सिंगापुर सी-130 ट्रांसपोर्ट विमान भेजेंगे। जापान एयरफोर्स भी अपने लड़ाकू विमानों के साथ शामिल होगा।
भारतीय वायुसेना की ओर से तेजस, राफेल और सुखोई-30 एमकेआई शामिल होंगे। मिराज-2000, जगुआर और मिग-29 भी अभ्यास का हिस्सा बनेंगे। एलसीएच प्रचंड और एएलएच रुद्र हेलीकॉप्टर भी दिखेंगे। इसके साथ सी-130, आईएल-78 और अवॉक्स विमान भी शामिल रहेंगे।
FAQ
- तरंगशक्ति-2026 युद्धाभ्यास कब और कहां होगा?
यह अभ्यास सितंबर से राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर शुरू होगा। यह करीब एक पखवाड़े तक चलेगा। - तरंगशक्ति-2026 युद्धाभ्यास में कौन-कौन से देश शामिल होंगे?
अमरीका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, ग्रीस, सिंगापुर, बांग्लादेश और श्रीलंका शामिल होंगे। 18 देशों के सैन्य पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे। - तरंगशक्ति-2026 युद्धाभ्यास को ऑपरेशन सिंदूर से क्यों जुड़ा माना जा रहा है?
मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान एयरबेस पर कार्रवाई की थी। इसके बाद यह पहला बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है।
ये खबर भी पढे़:-
राजस्थान में फिजियोथेरेपिस्ट भर्ती रद्द, 20 पदों पर निकाली थी वैकेंसी
पंचायतीराज में 50%, निकाय में 33%, जानें राजस्थान में महिला आरक्षण का फर्क क्यों
राजस्थान कैबिनेट का फैसला, वन स्टेट-वन इलेक्शन के तहत पंचायत और नगरीय चुनाव
जयपुर सबसे महंगा, पाली किफ़ायती: राजस्थान निकाय चुनाव का बड़ा बजट