...तो मैं मुख्यमंत्री के घर का घेराव करूंगा, क्यों नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा ऐसा?
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शनिवार को मीडिया से बातचीत की।
- उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही।
- नेता प्रतिपक्ष जूली ने मानसून सत्र को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
- उन्होंने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
- साथ ही पौधारोपण के आंकड़ों पर भी सवाल खड़े किए।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर आंदोलनकारियों की आवाज दबाने और तानाशाही करने का आरोप लगाया है। उन्होंने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने से लेकर छात्रसंघ चुनाव तक पर सरकार से जवाब मांगा।
आंदोलनकारियों की आवाज दबाने का आरोप
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों को आंदोलन करने की अनुमति नहीं दी जा रही। उनके मुताबिक प्रदर्शन करने वालों को पुलिस पकड़कर दूर छोड़ आती।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने आंदोलनकारियों की आवाज दबाने का प्रयास जारी रखा तो वे खुद मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
मानसून सत्र को लेकर उठाए सवाल
जूली ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार मानसून सत्र से भागनाचाहती। उनके मुताबिक सरकार सिर्फ तीनसे चार दिन का सत्र चलाकर अहम मुद्दों सेबचने की कोशिश कर सकती।
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ओबीसी आयोग नेअपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। उनकेअनुसार यह रिपोर्ट कैबिनेट में भीआ चुकी है।जूली ने मांग की कि सरकार कोअब यह रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।उन्होंनेपूछा कि सरकार आखिर इसे छुपाना क्योंचाहती है।
पौधारोपण के दावों पर उठाए सवाल
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जूली ने राज्य सरकार के 50करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य पर सवालउठाए। उन्होंने कहा कि पिछले साल15 करोड़ पौधे लगाने का दावा किया गयाथा, लेकिन मौके पर 2 करोड़ पौधे भी नहींलग पाए।उन्होंने मांग की कि सरकारपिछले साल लगाए गए पौधों का सत्यापनकराए। उनके मुताबिक इनमें सेआधे पौधे भी जीवित नहीं बचे हैं।
उन्होंने प्रदेश मेंअवैध खनन और अवैध वन कटाई कामुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मानसूनसत्र में इन आंकड़ों के सत्यापन की मांगकी जाएगी।
विरासत बचाने की योजना पर सवाल
जूलीने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकालमें जयपुर को यूनेस्को की पहचान मिलीथी। उन्होंने मौजूदा सरकार पर विरासतसंरक्षण के फंड में पक्षपात का आरोपलगाया।उन्होंनेसवाल किया कि राजस्थान की संस्कृति औरजयपुर की ऐतिहासिक धरोहर बचाने की सरकारकी ठोस योजना क्याहै।
छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग
जूली ने कहा कि प्रदेशभर में युवा छात्रसंघचुनाव कराने की मांग को लेकरआंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार सेजल्द चुनाव कराने की मांग की।
इससे पहलेजूली राजस्थानकांग्रेस के सामाजिक न्याय अधिकारिताप्रकोष्ठ के तिरंगा मार्च में भी शामिलहुए थे।
FAQ
- राजस्थान विधानभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
जूली ने सरकार पर आंदोलनकारियों की आवाज दबाने और तानाशाही का आरोप लगाया। - राजस्थान में सरकार द्वारा कराए जा रहे पौधारोपण को लेकर जूली ने क्या कहा?
टीकाराम जूली ने कहा कि 15 करोड़ पौधे लगाने के दावे के बावजूद मौके पर 2 करोड़ पौधे भी नहीं लगे। उन्होंने सत्यापन की मांग की। - टीकाराम जूली ने ओबीसी रिपोर्ट को लेकर क्या मांग की?
जूली ने मांग की कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। उनके मुताबिक रिपोर्ट कैबिनेट में आ चुकी है।
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