ट्रांसफर छूट समाप्त, हर विभाग में विवाद, जानें किसमें कितने तबादले हुए
समझें क्या है पूरा मामला
- परिवहन विभाग में मंत्री और अफसरों में नहीं बनी बात, तबादला लिस्ट लटकी।
- कुल 40 हजार तबादले, 15 हजार अकेले शिक्षा विभाग में, कई अटके।
- बैकडेट में आदेश, ऑफलाइन हस्ताक्षर, सीएमओ में भी अटकी फाइलें।
- हाईवे जाम, स्कूल पर ताला, 67 अभिभावकों ने दे दिया TC का आवेदन।
- जालोर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर में आक्रोश, छात्र-ग्रामीण सड़क पर उतरे।
राजस्थान सरकार की तबादला छूट शनिवार 10 जुलाई को समाप्त हो गई। लेकिन तबादलों का दौर थमने के साथ ही विवाद और असंतोष का नया दौर शुरू हो गया।
सूत्रों के अनुसार इस बार पूरे राज्य में 40 हजार से अधिक कार्मिकों के तबादले हुए जिनमें अकेले शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार स्थानांतरण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की सक्रिय भूमिका प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। परिवहन विभाग में मंत्री और ब्यूरोक्रेसी के बीच मतभेद खुलकर सामने आए और तबादला सूची ही जारी नहीं हो सकी।
मंत्री और अफसरों में खींचतान
परिवहन विभाग इस तबादला सीजन का सबसे बड़ा विवाद बना। मंत्री और ब्यूरोक्रेसी के बीच तबादला सूची पर सहमति नहीं बन सकी। तबादला प्रस्ताव परिवहन आयुक्त स्तर तक भी नहीं पहुंचे और सूची सीधे CMO को भेज दी गई।
वहां से अंतिम स्वीकृति न मिलने के कारण तबादला आदेश जारी नहीं हो सके। विभागीय कर्मचारी संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई है। हालांकि परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा का कहना है कि सूची निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही तैयार की गई।
बैकडेट और ऑफलाइन आदेशों की चर्चा
शुक्रवार देर रात तक अधिकांश विभागों ने आदेश जारी किए, लेकिन कई जगह शुक्रवार की तारीख वाले आदेश शनिवार को सामने आए। समय सीमा बीतने के बाद बैकडेट में आदेश जारी होने की भी चर्चा रही।
स्वायत्त शासन और नगरीय विकास विभाग ने बाद में ऑफलाइन हस्ताक्षरयुक्त आदेश जारी किए जबकि अधिकांश विभागों के आदेश डिजिटल हस्ताक्षर से आए। कई विभागों की सूचियां अभी भी CMO में लंबित बताई जा रही हैं।
हाईवे जाम, स्कूल पर ताला
शिक्षकों के तबादलों से जालोर, श्रीगंगानगर और बाड़मेर में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। जालोर के ऐलाना गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से तीन शिक्षकों, एक व्याख्याता और प्रधानाचार्य के तबादले के विरोध में छात्रों ने बाड़मेर-बिशनगढ़ स्टेट हाईवे जाम कर दिया। विद्यालय के 24 स्वीकृत पदों में से 13 रिक्त हो गए हैं।
श्रीगंगानगर के बीरमाना में ग्राम पंचायत बख्तावरपुरा के विद्यालय में प्रधानाचार्य गुरदीप नोखवाल के तबादले के विरोध में ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ा। एक घंटे की वार्ता के बाद मंगलवार तक आंदोलन स्थगित हुआ।
रघुनाथपुरा में भी प्रधानाचार्य-पीईईओ रामकुमार साहू के तबादले के विरोध में ताला लगाया गया। श्रीकरणपुर में 67 अभिभावकों ने गणित शिक्षक रविंद्र कुमार का तबादला निरस्त न होने तक बच्चों को स्कूल न भेजने की चेतावनी दी और TC के लिए आवेदन दे दिए।
बाड़मेर में भी आक्रोश
बाड़मेर के धोरीमन्ना के गेनाणियों का तला विद्यालय से प्रधानाचार्य सहित तीन वरिष्ठ शिक्षकों के एक साथ तबादले पर भी ताला जड़ा गया। अधिकारियों के आश्वासन और तीन शिक्षकों को डेपुटेशन पर लगाने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
किस विभाग में कितने तबादले
शिक्षा विभाग में 15,000, राजस्व विभाग में 4,000, कृषि विभाग में 1,500, विद्युत कंपनियों में 2,200, पंचायती राज में 1,165, यूडीएच-डीएलबी में 466, वित्त विभाग में 989 और विधि विभाग में 300 तबादले हुए।
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