विधायक बनाम अफसर मारपीट मामले में प्रशासनिक जांच शुरू, एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप
News In Short
- विधायक और अधिकारियों के बीच हाथापाई मामले की पुलिस और प्रशासनिक जांच जारी।
- विधायक जयदीप बिहाणी ने अधिकारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया, एईएन ने चोट के निशान दिखाए।
- प्रशासनिक स्तर पर यूडीएच सचिव रवि जैन की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है।
- यूडीएच सचिव रवि जैन ने शनिवार को श्रीगंगानगर पहुंचकर दोनों पक्षों के पक्ष सुने और बैठक की।
- मामले की अंतिम रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजी जाएगी, जिसके बाद दोषियों पर एक्शन लिया जाएगा।
News In Detail
Sri Ganganagar: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भाजपा विधायक जयदीप बिहानी और सरकारी अधिकारियों के बीच कथित हाथापाई का मामला अब एक बड़े सियासी और प्रशासनिक विवाद में बदल गया है। मारपीट के असली सच का पता लगाने के लिए अब एक साथ दो जांचें शुरू कर दी गई हैं। पहली जांच पुलिस स्तर पर और दूसरी जांच प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है।
विधायक द्वारा की गई शिकायत पर जवाहर नगर थाना पुलिस ने तीन अधिकारियों राजस्थान अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (RUIDP) के AEN जगनलाल बैरवा, प्रोजेक्ट मैनेजर शहनवाज और L&T कंपनी के प्लानिंग मैनेजर सोएम को गिरफ्तार किया है। जबकि प्रशासनिक स्तर पर यूडीएच सचिव रवि जैन की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है।
जांच टीम का श्रीगंगानगर दौरा
सरकार द्वारा गठित जांच कमेटी के अध्यक्ष और यूडीएच सचिव रवि जैन शनिवार को अपनी टीम के साथ श्रीगंगानगर पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में विधायक बिहाणी और संबंधित अधिकारियों से अलग-अलग बात कर उनके पक्ष सुने।
चार घंटे की मैराथन बैठक: सचिव रवि जैन और हाउसिंग बोर्ड आयुक्त अरविंद पोसवाल ने करीब चार घंटे तक अधिकारियों के साथ बैठक की और प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस के साथ-साथ विवाद के कारणों को समझा।
क्षेत्रीय निरीक्षण: अधिकारियों ने शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी जांची, जहां स्थानीय लोगों ने पेयजल और अन्य बुनियादी समस्याओं की शिकायतें कीं।
सीसीटीवी फुटेज पर गहराता सस्पेंस
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज को लेकर उठ रहा है। पुलिस और जांच टीम को अब तक कोई स्पष्ट वीडियो साक्ष्य नहीं मिला है। यह संदेह जताया जा रहा है कि क्या फुटेज को जानबूझकर हटाया गया या तकनीकी खराबी के कारण वह उपलब्ध नहीं है। स्पष्ट साक्ष्यों के अभाव में चश्मदीदों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट ही जांच का मुख्य आधार बनेगी।
किसने किस पर किया हमला?
इस मामले में दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे के बिल्कुल उलट हैं, जिससे गुत्थी पूरी तरह उलझ गई है। भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान आरयूआईडीपी और एलएंडटी के तीन अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। विधायक ने कहा इंजीनियर को लगी चोटें किसके द्वारा दी गई हैं इसकी जांच होनी चाहिए।
दूसरी ओर, एईएन जगनलाल बैरवा ने खुद को पीड़ित बताते हुए अपनी चोटों के निशान दिखाए हैं। उनका आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उन पर हमला किया, थप्पड़-मुक्के मारे और बेल्ट से भी पिटाई की।
यूडीएच सचिव रवि जैन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट मुख्य सचिव (CS) को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार तय करेगी कि दोषी कौन है और उनके खिलाफ क्या अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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