उदयपुर नगर निगम के भूखंड घोटाले में बड़ा एक्शन, 17 साल बाद आरोपी गिरफ्तार

Jyoti Mahender Bhardwaj | Sept 16, 2026, 13:29 IST
17 साल बाद पकड़ा गया भूखंड घोटाले का आरोपी
उदयपुर नगर निगम भूखंड घोटाले में SOG ने 17 साल से फरार भंवर सिंह राव को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने मृत पिता के नाम से फर्जी दस्तावेज बनवाकर भूखंड बेचा। अब तक 11 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • 17 साल बाद पकड़ा गया भूखंड घोटाले का आरोपी
  • मृत पिता के नाम से बनवाए फर्जी जमीन के दस्तावेज
  • उदयपुर नगर निगम घोटाले में अब तक 11 गिरफ्तार
  • SOG ने 17 साल की तलाश के बाद दबोचा आरोपी
  • फर्जी लीज डीड से भूखंड बेचकर हड़पी रकम

नगर निगम उदयपुर के भूखंडों से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 51 वर्षीय भंवर सिंह राव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 17 साल से इस मामले में फरार चल रहा था। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।



2004 में ट्रांसफर हुए भूखंडों से जुड़ा मामला

पुलिस के मुताबिक मामला उदयपुर नगर निगम के उन भूखंडों से जुड़ा है, जो वर्ष 2004 में नगर विकास प्रन्यास, उदयपुर से हस्तांतरित किए गए थे। आरोप है कि इनमें से खाली और निरस्त भूखंडों के संबंध में आरोपियों ने नगर विकास प्रन्यास के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उनके आधार पर नगर निगम से लीज डीड जारी करवा ली। इस मामले में सूरजपोल थाने में प्रकरण संख्या 97/2022 दर्ज कर जांच की गई। आरोपियों पर IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज है।



मृत पिता के नाम से बनवाए फर्जी दस्तावेज

जांच के दौरान पुलिस को पूछताछ और केस में उपलब्ध साक्ष्यों से भंवर सिंह राव की कथित भूमिका के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार भंवर सिंह राव, निवासी आईडाणा, थाना आमेट, जिला राजसमंद ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हिरणमगरी सेक्टर-11 के भूखंड संख्या 1165 से संबंधित कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए।



पुलिस का आरोप है कि इन दस्तावेजों को उसकेमृत पिता गुलाब सिंह राव के नाम से तैयार कराया गया। इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भूखंड की लीज डीड नगर निगम उदयपुर से अपने नाम जारी करवाई गई और बाद में भूखंड को बेचकर प्राप्त रकम अपने बैंक खाते में ली गई।



SOG की टीम लगातार तलाश में जुटी थी

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित होने के बाद उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। SOG के उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी की अगुवाई वाली SOG यूनिट उदयपुर ने आरोपी की तलाश के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।



11 आरोपी गिरफ्तार, बाकी की भूमिका की जांच जारी

पुलिस का कहना है कि नगर निगम से कूटरचित दस्तावेजों के जरिए भूखंडों की लीज डीड जारी करवाकर उन्हें बेचने के इस मामले में भंवर सिंह राव समेत कुल 11 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही पुलिस इस कथित भूखंड घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और उनकी जानकारी जुटाने में लगी हुई है।



17 साल बाद गिरफ्तारी से खुलेंगे कई राज

भंवर सिंह राव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, नगर निगम से लीज डीड जारी करवाने और भूखंडों की बिक्री की पूरी प्रक्रिया मेंकौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर पर मदद मिली। मामले में आगे की जांच के दौरान अन्य आरोपियों और कथित नेटवर्क से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।



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