उदयपुर में 492 करोड़ से डबल होगा 24 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
Udaipur: लेकसिटी के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उदयपुर के उमरड़ा से देबारी के बीच 24.78 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक को डबल किया जाएगा। इस परियोजना पर 492 करोड़ रुपए खर्च होने की सम्भावना है। रेलवे ट्रैक की दूसरी लाइन बिछाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार ने 5 अक्टूबर 2026 को जमीन अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही अधिसूचना में शामिल जमीन केंद्र सरकार के पास सभी कानूनी बाधाओं से मुक्त होकर आ जाएगी।
रेलवे के इस प्रोजेक्ट से उदयपुर क्षेत्र में ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, दूसरी लाइन का निर्माण कब शुरू होगा और काम पूरा होने की समयसीमा क्या होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
6 आपत्तियां आईं, सभी खारिज
रेलवे (Indian Rail) ने जमीन अधिग्रहण के लिए 1 जून 2026 को शुरुआती अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद प्रभावित जमीन को लेकर लोगों से आपत्तियां मांगी गईं। निर्धारित प्रक्रिया के दौरान कुल छह आपत्तियां दर्ज हुईं। सक्षम अधिकारी ने इन पर सुनवाई और जांच की। इसके बाद सभी छह आपत्तियों को खारिज कर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी।
रिपोर्ट मिलने के बाद रेल मंत्रालय ने 5 अक्टूबर को अंतिम अधिसूचना जारी की। इसमें स्पष्ट किया गया कि परियोजना के लिए तय जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद जमीन केंद्र सरकार में निहित हो जाएगी। यानी जमीन अधिग्रहण से जुड़ी यह कानूनी प्रक्रिया एक अहम चरण पार कर चुकी है।
सिंगल ट्रैक से मिलेगी राहत
उमरड़ा से देबारी के बीच रेलवे ट्रैक डबल होने से ट्रेन संचालन में आसानी होने की उम्मीद है। अभी सिंगल ट्रैक पर ट्रेनों को निकालने के लिए परिचालन के हिसाब से दूसरी ट्रेन को स्टेशन या अन्य निर्धारित स्थान पर रोकना पड़ सकता है। दूसरी लाइन बनने से इस हिस्से में दोनों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु तरीके से किया जा सकेगा।
इससे ट्रेनों को क्रॉस कराने में लगने वाला समय घट सकता है। साथ ही, ट्रेनों की आवाजाही में होने वाली रुकावटें कम होने की संभावना है। हालांकि, समयपालन में कितना सुधार होगा और कितनी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकेंगी, यह रेलवे की परिचालन योजना पर निर्भर करेगा।
पर्यटन और कारोबार को भी फायदा
उदयपुर देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां आने वाले पर्यटक रेल से भी बड़ी संख्या में सफर करते हैं। रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ने से उदयपुर और आसपास के इलाकों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है। इससे पर्यटन गतिविधियों को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।
इस रेल खंड का फायदा सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से मालगाड़ियों के संचालन में भी मदद मिल सकती है। इससे भीलवाड़ा के कपड़ा उद्योग और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र की सीमेंट फैक्ट्रियों जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना है। माल ढुलाई अधिक सुचारु होने पर कारोबार की लागत और परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक फायदा परियोजना पूरी होने और मालगाड़ियों के संचालन की योजना पर निर्भर करेगा।
492 करोड़ की परियोजना, अब निर्माण पर नजर
उमरड़ा-देबारी रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना राजस्थान में रेलवे की क्षमता बढ़ाने वाली योजनाओं में शामिल है। रेलवे के लिए जमीन उपलब्ध होना निर्माण की दिशा में अहम कदम है। अब आगे की प्रक्रिया में निर्माण की तैयारी, जरूरी मंजूरियां और मौके पर काम शुरू होने की तारीख महत्वपूर्ण रहेंगी।
फिलहाल जमीन अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी होने से परियोजना आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है। अब उदयपुर के यात्रियों और कारोबारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि दूसरी रेल लाइन का निर्माण कब शुरू होता है और इसका लाभ कब से मिलने लगता है।