राजस्थान में ट्रेन गुजरने के 45 मिनट बाद रेलवे ट्रैक पर धमाका, दो स्लीपर टूटे, ATS जांच में जुटी, ट्रेनें रद्द
Raghvendra Singh Rathore | Nov 04, 2026, 07:55 IST
अनूपगढ़ रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: ट्रेन गुजरने के 45 मिनट बाद धमाका, दो स्लीपर टूटे, ATS जांच में जुटी
दिवाली से पहले राजस्थान के सीमावर्ती इलाके में रेलवे की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। अनूपगढ़ में पटरी पर हुए विस्फोट के बाद एटीएस समेत कई जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। रेलवे ने प्रभावित रूट पर ट्रेनों का संचालन रोका है। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि धमाके के पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी या इसकी दूसरी वजह है।
राजस्थान के अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके ने रेल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामसिंहपुर थाना क्षेत्र के गांव 50 जीबी के पास रेलवे लाइन पर विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि पटरी के नीचे लगे कंक्रीट के दो स्लीपर टूटकर बिखर गए। उनके भीतर लगे लोहे के सरिए बाहर निकल आए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धमाके से करीब 45 मिनट पहले इसी रेलवे लाइन से एक यात्री ट्रेन गुजरी थी। ट्रेन के निकलने के बाद विस्फोट होने से बड़ा रेल हादसा टल गया। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के पीछे किसी की साजिश थी या धमाके की कोई दूसरी वजह है, इसका पता लगाया जा रहा है।
रामसिंहपुर थाना प्रभारी राम प्रताप के अनुसार मंगलवार रात करीब 8:30 बजे अनूपगढ़ जंक्शन से सूरतगढ़ की ओर जाने वाली यात्री ट्रेन रवाना हुई थी। रात करीब 9 बजे ट्रेन गांव 50 जीबी के आसपास पहुंची और वहां से गुजर गई। इसके करीब 45 मिनट बाद रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के समय कोई ट्रेन उस स्थान से नहीं गुजर रही थी। इससे यात्रियों को नुकसान पहुंचने की घटना नहीं हुई।
रेलवे ट्रैक से करीब 200 मीटर दूर ढाणी में रहने वाले ग्रामीणों ने धमाके की तेज आवाज सुनी। आवाज सुनकर आसपास के लोग रेलवे लाइन की ओर पहुंचे। वहां पटरी के नीचे लगे स्लीपर टूटे हुए मिले। विस्फोट के कारण जमीन में गड्ढा भी बन गया था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलने के बाद रात करीब 11 बजे पुलिस और दूसरे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का जायजा लिया और रेलवे अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी।
रेलवे ट्रैक पर विस्फोट की सूचना मिलने के बाद श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर मौके पर पहुंचे। रात करीब दो बजे आईबी और सीआईडी की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। बुधवार सुबह करीब दो बजे एटीएस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार के पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस के साथ जांच एजेंसियां घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी हैं। धमाके में किस तरह की सामग्री इस्तेमाल हुई और उसे रेलवे ट्रैक तक कौन लेकर आया, इन सवालों की जांच की जा रही है। जांच में विस्फोट के कारण बने गड्ढे, टूटे स्लीपर और घटनास्थल पर मिले दूसरे अवशेष महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
श्रीगंगानगर एसपी हरिशंकर के अनुसार धमाके की तीव्रता और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि एफएसएल की टीम घटनास्थल से नमूने लेकर जांच करेगी। सुरक्षा एजेंसियां भी मामले में शामिल लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि विस्फोट में किस प्रकार की सामग्री इस्तेमाल की गई थी। किसी व्यक्ति या संगठन की भूमिका भी जांच में साबित नहीं हुई है। इसलिए घटना को अभी किसी खास संगठन या सीमा पार की साजिश से जोड़ना जल्दबाजी होगी।
धमाके के बाद अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलमार्ग पर सुरक्षा जांच और ट्रैक की मरम्मत के कारण रेल संचालन प्रभावित हुआ है। सामने आई जानकारी के अनुसार बुधवार, 4 नवंबर को इस रूट की पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया। इनमें ट्रेन संख्या 59711 और 59712 का उल्लेख है।
ट्रेन संख्या 59711 सूरतगढ़ से अनूपगढ़ और 59712 अनूपगढ़ से सूरतगढ़ के बीच चलती है। उपलब्ध ट्रेन-स्टेटस रिकॉर्ड में भी 4 नवंबर को ट्रेन संख्या 59711 रद्द दिखाई गई है। रेलवे को क्षतिग्रस्त स्लीपर बदलने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पटरी पर दोबारा ट्रेन चलाना सुरक्षित है।
इस घटना के बीच राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में हाल के दिनों में सामने आए सुरक्षा मामलों की भी चर्चा हो रही है। अक्टूबर 2026 में श्रीगंगानगर के रावला मंडी क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा की ओर से ड्रोन के जरिए गिराई गई संदिग्ध सामग्री और हथियार मिलने का मामला सामने आया था।
उस समय की रिपोर्ट के अनुसार बरामद सामान में करीब 7.750 किलोग्राम आरडीएक्स, दो जिगाना पिस्तौल, चार मैगजीन, करीब 867 कारतूस, पांच बैटरियां और दो रिमोट शामिल थे। पिस्तौल पर 'Made in Turkey' लिखा होने की जानकारी भी सामने आई थी।
अनूपगढ़ की घटना से पहले भी राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर सामान रखकर ट्रेन को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आ चुके हैं।
19 जनवरी 2026, जयपुर: जयपुर में विदेशी पर्यटकों से भरी महाराजा एक्सप्रेस को नुकसान पहुंचाने की साजिश का मामला सामने आया था। रेलवे ट्रैक पर लोहे की एंगल रखी गई थीं। लोको पायलट ने समय रहते ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
7 अप्रैल 2026, चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ में रात करीब 2:37 बजे रेलवे ट्रैक पर लोहे की पटरी रखकर मालगाड़ी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। आई नदी की पुलिया पर रखे करीब 17 फीट लंबे लोहे के टुकड़े से इंजन टकराया, लेकिन वह नीचे गिर गया और बड़ा हादसा टल गया।
23 अगस्त 2024, पाली: पाली में वंदे भारत ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का मामला सामने आया था। रेलवे ट्रैक पर सीमेंट का ब्लॉक रख दिया गया था। रात करीब 8:30 बजे अहमदाबाद से जोधपुर आ रही ट्रेन उससे टकराई थी।
इन घटनाओं में रेलवे ट्रैक पर सामान रखकर ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की बात सामने आई थी। अनूपगढ़ का मामला इसलिए अलग है, क्योंकि यहां पटरी के पास विस्फोट हुआ है।
अनूपगढ़ में धमाका कैसे हुआ, यह सबसे बड़ा सवाल है। इसके साथ ही पुलिस और रेलवे के सामने कई दूसरी बातें स्पष्ट करना भी जरूरी है। धमाके के लिए किस सामग्री का इस्तेमाल किया गया? क्या विस्फोट जानबूझकर रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया? ट्रेन के गुजरने के बाद ही धमाका होना संयोग था या इसके पीछे कोई योजना थी?
यह भी पता लगाना होगा कि घटना से पहले रेलवे ट्रैक की आखिरी जांच कब हुई थी। रेलवे को नुकसान की पूरी जानकारी कब मिली और उसके बाद ट्रेनों का संचालन रोकने में कितना समय लगा? इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट और रेलवे के रिकॉर्ड से ही सामने आएंगे।
अनूपगढ़ में हुए विस्फोट ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह रही कि धमाके के समय कोई यात्री ट्रेन वहां से नहीं गुजर रही थी। अब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां विस्फोट की वजह तलाश रही हैं। वहीं रेलवे के सामने क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कर सुरक्षित संचालन बहाल करने की चुनौती है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि रेलवे लाइन पर धमाका किसने और क्यों किया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धमाके से करीब 45 मिनट पहले इसी रेलवे लाइन से एक यात्री ट्रेन गुजरी थी। ट्रेन के निकलने के बाद विस्फोट होने से बड़ा रेल हादसा टल गया। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के पीछे किसी की साजिश थी या धमाके की कोई दूसरी वजह है, इसका पता लगाया जा रहा है।
रात 8:30 बजे रवाना हुई ट्रेन, 9:45 बजे धमाका
धमाके की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीण, रात 11 बजे आई पुलिस
रात दो बजे पहुंचीं जांच टीमें, एटीएस के अधिकारी भी मौके पर
पुलिस के साथ जांच एजेंसियां घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी हैं। धमाके में किस तरह की सामग्री इस्तेमाल हुई और उसे रेलवे ट्रैक तक कौन लेकर आया, इन सवालों की जांच की जा रही है। जांच में विस्फोट के कारण बने गड्ढे, टूटे स्लीपर और घटनास्थल पर मिले दूसरे अवशेष महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
एसपी बोले- धमाके के पीछे किसका हाथ, इसकी जांच जारी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि विस्फोट में किस प्रकार की सामग्री इस्तेमाल की गई थी। किसी व्यक्ति या संगठन की भूमिका भी जांच में साबित नहीं हुई है। इसलिए घटना को अभी किसी खास संगठन या सीमा पार की साजिश से जोड़ना जल्दबाजी होगी।
रेलवे ने रोकी ट्रेनें, यात्रियों को परेशानी
ट्रेन संख्या 59711 सूरतगढ़ से अनूपगढ़ और 59712 अनूपगढ़ से सूरतगढ़ के बीच चलती है। उपलब्ध ट्रेन-स्टेटस रिकॉर्ड में भी 4 नवंबर को ट्रेन संख्या 59711 रद्द दिखाई गई है। रेलवे को क्षतिग्रस्त स्लीपर बदलने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पटरी पर दोबारा ट्रेन चलाना सुरक्षित है।
अक्टूबर में सीमा क्षेत्र से बरामद हुई थी विस्फोटक सामग्री
उस समय की रिपोर्ट के अनुसार बरामद सामान में करीब 7.750 किलोग्राम आरडीएक्स, दो जिगाना पिस्तौल, चार मैगजीन, करीब 867 कारतूस, पांच बैटरियां और दो रिमोट शामिल थे। पिस्तौल पर 'Made in Turkey' लिखा होने की जानकारी भी सामने आई थी।
राजस्थान में पहले भी सामने आ चुकी हैं ट्रेन पलटाने की कोशिशें
19 जनवरी 2026, जयपुर: जयपुर में विदेशी पर्यटकों से भरी महाराजा एक्सप्रेस को नुकसान पहुंचाने की साजिश का मामला सामने आया था। रेलवे ट्रैक पर लोहे की एंगल रखी गई थीं। लोको पायलट ने समय रहते ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
7 अप्रैल 2026, चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ में रात करीब 2:37 बजे रेलवे ट्रैक पर लोहे की पटरी रखकर मालगाड़ी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। आई नदी की पुलिया पर रखे करीब 17 फीट लंबे लोहे के टुकड़े से इंजन टकराया, लेकिन वह नीचे गिर गया और बड़ा हादसा टल गया।
23 अगस्त 2024, पाली: पाली में वंदे भारत ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का मामला सामने आया था। रेलवे ट्रैक पर सीमेंट का ब्लॉक रख दिया गया था। रात करीब 8:30 बजे अहमदाबाद से जोधपुर आ रही ट्रेन उससे टकराई थी।
इन घटनाओं में रेलवे ट्रैक पर सामान रखकर ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की बात सामने आई थी। अनूपगढ़ का मामला इसलिए अलग है, क्योंकि यहां पटरी के पास विस्फोट हुआ है।
अब जांच में इन सवालों के जवाब जरूरी
यह भी पता लगाना होगा कि घटना से पहले रेलवे ट्रैक की आखिरी जांच कब हुई थी। रेलवे को नुकसान की पूरी जानकारी कब मिली और उसके बाद ट्रेनों का संचालन रोकने में कितना समय लगा? इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट और रेलवे के रिकॉर्ड से ही सामने आएंगे।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड: ड्राइवर समेत दो आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर, बंदूक छीनकर पुलिस पर किया था फायर
By Aman Vaishnav
MP-CG में थमा तूफान मुरासु का असर, राजस्थान में भी गिरा पारा, अब तीनों राज्यों में सताएगी रात की ठंड
By Aman Vaishnav
पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह पर FIR: आय से 250 फीसदी अधिक संपत्ति का आरोप, भोपाल में कई मकान और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स
By Sumit Kumar
MP में 13 या 20 दिसंबर को हो सकती है TET परीक्षा, शिक्षकों ने 21 दिसंबर से फिर आंदोलन की दी चेतावनी
By Ramanand Tiwari
भोपाल में भाजपा की पदयात्रा, एक लाख लोगों को जुटाने की तैयारी, क्या 2027 और 2028 के चुनावों पर है नजर?
By Ramanand Tiwari
IPS अनुराग सुजानिया का इस्तीफा होगा वापस? PHQ की बैठक सीएम हाउस शिफ्ट, अफसर को मनाने की चर्चा तेज
By Ramanand Tiwari
भोपाल में 500 करोड़ की सरकारी जमीन पर संकट: राजस्व विभाग की कार्रवाई सुस्त, वन विभाग भी पैरवी से दूर
By Ramanand Tiwari