पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह पर FIR: आय से 250 फीसदी अधिक संपत्ति का आरोप, भोपाल में कई मकान और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स
Sumit Kumar | Nov 04, 2026, 24:09 IST
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में FIR दर्ज।
मध्य प्रदेश के नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टीएंडसीपी) की पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह के खिलाफ लोकायुक्त ने FIR दर्ज की है। उन पर सेवाकाल के दौरान वैध आय से करीब 250 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। शुरुआती जांच में भोपाल में कई मकान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फार्म हाउस और पेट्रोल पंप जैसी संपत्तियां सामने आई हैं।
इनमें कुछ संपत्तियां उनके परिजनों के नाम पर भी बताई गई हैं।
भोपाल में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त ने 3 नवंबर 2026 को सुनीता सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत की जांच के बाद की गई। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) लगाई गई हैं।
इन धाराओं के तहत सरकारी सेवक के पास उसकी ज्ञात वैध आय से अधिक संपत्ति होने के मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। लोकायुक्त की शुरुआती जांच में सुनीता सिंह की आय और अर्जित संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। इसी आधार पर मामला दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू की गई है।
सुनीता सिंह के खिलाफ लोकायुक्त संगठन में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल के दौरान वैध आय से ज्यादा संपत्ति जुटाई। इसके बाद लोकायुक्त ने शिकायत में लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच की।
जांच के दौरान सुनीता सिंह की सेवा अवधि में हुई आय और अर्जित संपत्तियों का आकलन किया गया। इसमें उनके नाम के साथ परिजनों के नाम पर मौजूद चल-अचल संपत्तियों को भी शामिल किया गया। प्रारंभिक जांच में ऐसी संपत्तियों की जानकारी सामने आई, जिनका मूल्य उनकी वैध आय से अधिक बताया गया है।
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में सुनीता सिंह द्वारा लगभग 250 फीसदी असमानुपातिक संपत्ति अर्जित किए जाने की बात सामने आई है। यह आकलन उनके पूरे सेवाकाल की वैध आय और अर्जित संपत्तियों के आधार पर किया गया है।
जांच में स्वयं और परिजनों के नाम पर संपत्तियां होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन संपत्तियों की कुल कीमत और उनकी संख्या का विस्तृत ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं है। अब लोकायुक्त की विवेचना में आय और संपत्तियों के बीच अंतर का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
सुनीता सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में भोपाल की कई संपत्तियां जांच के दायरे में हैं। इनमें आवासीय मकान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फार्म हाउस और पेट्रोल पंप शामिल बताए गए हैं। इन संपत्तियों को उनके सेवाकाल के दौरान अर्जित किए जाने का आरोप है।
लोकायुक्त अब इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और उनकी खरीद के स्रोतों की पड़ताल करेगा। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संपत्तियां कब अर्जित की गईं और उनकी वास्तविक कीमत कितनी है। इसके साथ ही संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई राशि का भी परीक्षण किया जाएगा।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किस संपत्ति का मूल्य कितना है। यह भी सामने नहीं आया है कि कुल कितनी संपत्तियां सुनीता सिंह और उनके परिजनों के नाम पर हैं।
लोकायुक्त संगठन के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर इस मामले में कार्रवाई की गई है। उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शिकायत की जांच और आगे की कार्रवाई की गई।
प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के तथ्य सामने आने के बाद मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही अब संबंधित संपत्तियों और उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की विस्तृत विवेचना की जाएगी।
FIR दर्ज होने के बाद लोकायुक्त ने सुनीता सिंह के खिलाफ विवेचना शुरू कर दी है। जांच में उनके सेवाकाल के दौरान अर्जित चल-अचल संपत्तियों का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा परिजनों के नाम पर अर्जित संपत्तियों और उनसे संबंधित वित्तीय तथ्यों की भी पड़ताल होगी।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि अर्जित संपत्तियों का वास्तविक मूल्य कितना है। साथ ही, उनकी वैध आय और संपत्तियों के बीच कितना अंतर है, इसका भी आकलन किया जाएगा।
अभी लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। सुनीता सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम कानूनी निर्णय नहीं हुआ है। विस्तृत विवेचना के बाद ही संपत्तियों और उनसे जुड़े आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार की धाराओं में दर्ज की FIR
इन धाराओं के तहत सरकारी सेवक के पास उसकी ज्ञात वैध आय से अधिक संपत्ति होने के मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। लोकायुक्त की शुरुआती जांच में सुनीता सिंह की आय और अर्जित संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। इसी आधार पर मामला दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू की गई है।
शिकायत के बाद शुरू हुई थी संपत्तियों की जांच
जांच के दौरान सुनीता सिंह की सेवा अवधि में हुई आय और अर्जित संपत्तियों का आकलन किया गया। इसमें उनके नाम के साथ परिजनों के नाम पर मौजूद चल-अचल संपत्तियों को भी शामिल किया गया। प्रारंभिक जांच में ऐसी संपत्तियों की जानकारी सामने आई, जिनका मूल्य उनकी वैध आय से अधिक बताया गया है।
वैध आय से 250 फीसदी अधिक संपत्ति मिलने का दावा
जांच में स्वयं और परिजनों के नाम पर संपत्तियां होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन संपत्तियों की कुल कीमत और उनकी संख्या का विस्तृत ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं है। अब लोकायुक्त की विवेचना में आय और संपत्तियों के बीच अंतर का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
भोपाल में मकान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और पेट्रोल पंप
लोकायुक्त अब इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और उनकी खरीद के स्रोतों की पड़ताल करेगा। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संपत्तियां कब अर्जित की गईं और उनकी वास्तविक कीमत कितनी है। इसके साथ ही संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई राशि का भी परीक्षण किया जाएगा।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किस संपत्ति का मूल्य कितना है। यह भी सामने नहीं आया है कि कुल कितनी संपत्तियां सुनीता सिंह और उनके परिजनों के नाम पर हैं।
महानिदेशक के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला
प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के तथ्य सामने आने के बाद मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही अब संबंधित संपत्तियों और उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की विस्तृत विवेचना की जाएगी।
अब आय और संपत्तियों का होगा मूल्यांकन
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि अर्जित संपत्तियों का वास्तविक मूल्य कितना है। साथ ही, उनकी वैध आय और संपत्तियों के बीच कितना अंतर है, इसका भी आकलन किया जाएगा।
अभी लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। सुनीता सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम कानूनी निर्णय नहीं हुआ है। विस्तृत विवेचना के बाद ही संपत्तियों और उनसे जुड़े आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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