राजस्थान की राजनीति को राघवेंद्र सिंह राठौड़ ने सिर्फ खबरों में नहीं पढ़ा, उसे करीब से जिया भी है। पिछले 8 साल से ज्यादा समय से वे पत्रकारिता, राजनीतिक संचार और चुनावी अभियानों से जुड़े रहे हैं। इस सफर ने उन्हें प्रदेश की सियासत, शासन व्यवस्था और जनता के मुद्दों की गहरी समझ दी है। चुनावी अभियानों में काम करते हुए उन्होंने देखा कि रणनीति कैसे बनती है। जमीनी समीकरण कैसे बदलते हैं और वोटर किस बात पर फैसला करता है। सरकारी तंत्र कैसे चलता है, यह भी उन्होंने भीतर से समझा है। यही अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अलग धार देता है। राघवेंद्र की खास रुचि राजनीतिक रिपोर्टिंग, खोजी पत्रकारिता, शासन और चुनाव में है। लेकिन उनके लिए सबसे अहम वे खबरें हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। फील्ड का अनुभव होने के साथ वे रिसर्च, मजबूत सोर्स नेटवर्क, तथ्यों पर टिकी स्टोरीटेलिंग और राजनीतिक विश्लेषण में भी माहिर हैं। द सूत्र जयपुर में उनका लक्ष्य साफ है: भरोसेमंद, असरदार और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता।
राजस्थान की राजनीति को राघवेंद्र सिंह राठौड़ ने सिर्फ खबरों में नहीं पढ़ा, उसे करीब से जिया भी है। पिछले 8 साल से ज्यादा समय से वे पत्रकारिता, राजनीतिक संचार और चुनावी अभियानों से जुड़े रहे हैं। इस सफर ने उन्हें प्रदेश की सियासत, शासन व्यवस्था और जनता के मुद्दों की गहरी समझ दी है। चुनावी अभियानों में काम करते हुए उन्होंने देखा कि रणनीति कैसे बनती है। जमीनी समीकरण कैसे बदलते हैं और वोटर किस बात पर फैसला करता है। सरकारी तंत्र कैसे चलता है, यह भी उन्होंने भीतर से समझा है। यही अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अलग धार देता है। राघवेंद्र की खास रुचि राजनीतिक रिपोर्टिंग, खोजी पत्रकारिता, शासन और चुनाव में है। लेकिन उनके लिए सबसे अहम वे खबरें हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। फील्ड का अनुभव होने के साथ वे रिसर्च, मजबूत सोर्स नेटवर्क, तथ्यों पर टिकी स्टोरीटेलिंग और राजनीतिक विश्लेषण में भी माहिर हैं। द सूत्र जयपुर में उनका लक्ष्य साफ है: भरोसेमंद, असरदार और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता।
02 Oct 2026
By Raghvendra Singh Rathore
सांगानेर में टेक्सटाइल उद्योग के कारण उत्पन्न हो रहे गंदे पानी की समस्या को लेकर अब NGT में सुनवाई चल रही है। 2024 में 1,255 और 2026 में 1,767 टेक्सटाइल यूनिट्स की पहचान की गई है। इनमें से केवल 892 इकाइयां CETP नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं, जबकि 875 यूनिट्स अभी भी नेटवर्क से बाहर हैं। कई यूनिट्स पर क्लोजर निर्देश और कार्रवाई की गई है।
सांगानेर में टेक्सटाइल उद्योग के कारण उत्पन्न हो रहे गंदे पानी की समस्या को लेकर अब NGT में सुनवाई चल रही है। 2024 में 1,255 और 2026 में 1,767 टेक्सटाइल यूनिट्स की पहचान की गई है। इनमें से केवल 892 इकाइयां CETP नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं, जबकि 875 यूनिट्स अभी भी नेटवर्क से बाहर हैं। कई यूनिट्स पर क्लोजर निर्देश और कार्रवाई की गई है।
02 Oct 2026
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर की ई-चालान प्रक्रिया में अधिकारियों की यूजर आईडी के अवैध उपयोग की कई रिपोर्ट मिली हैं। कांस्टेबल द्वारा सीनियर अधिकारियों की आईडी से चालान जारी करने के मामले सामने आए हैं। इस पर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ऐसा करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। साथ ही, पुरानी ई-चालानों के ऑडिट की आवश्यकता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
जयपुर की ई-चालान प्रक्रिया में अधिकारियों की यूजर आईडी के अवैध उपयोग की कई रिपोर्ट मिली हैं। कांस्टेबल द्वारा सीनियर अधिकारियों की आईडी से चालान जारी करने के मामले सामने आए हैं। इस पर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ऐसा करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। साथ ही, पुरानी ई-चालानों के ऑडिट की आवश्यकता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
02 Oct 2026
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर के ऐतिहासिक परकोटे में अवैध निर्माण की घटनाएं काफी समय से चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल में, राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अगले दो सप्ताह में एक रिपोर्ट पेश करें। साथ ही, पिछले पांच वर्षों में अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों का भी विवरण मांगा गया है।
जयपुर के ऐतिहासिक परकोटे में अवैध निर्माण की घटनाएं काफी समय से चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल में, राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अगले दो सप्ताह में एक रिपोर्ट पेश करें। साथ ही, पिछले पांच वर्षों में अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों का भी विवरण मांगा गया है।
01 Oct 2026
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर में 28,744 युवा मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत जनवरी से मार्च तक का भत्ता नहीं मिला है। आर्थिक सहायता की राशि 31 करोड़ 14 लाख रुपए है जो अब तक खातों में नहीं पहुंची है। रोजगार विभाग ने बिल तो बनाए हैं लेकिन भुगतान की तकनीकी प्रक्रिया अब पूरी होनी बाकी है। अप्रैल और मई के लिए भी बिल प्रक्रियाधीन हैं और उनकी स्थिति जल्द स्पष्ट होगी।
जयपुर में 28,744 युवा मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत जनवरी से मार्च तक का भत्ता नहीं मिला है। आर्थिक सहायता की राशि 31 करोड़ 14 लाख रुपए है जो अब तक खातों में नहीं पहुंची है। रोजगार विभाग ने बिल तो बनाए हैं लेकिन भुगतान की तकनीकी प्रक्रिया अब पूरी होनी बाकी है। अप्रैल और मई के लिए भी बिल प्रक्रियाधीन हैं और उनकी स्थिति जल्द स्पष्ट होगी।
By Jitendra Shrivastava
By The Sootr

By Amresh Kushwaha
By Pooja Kumari
By Pratibha Rana
By Pooja Kumari
By Pratibha Rana