भीलवाड़ा UIT सचिव ललित गोयल APO, नेहरू विहार प्रोजेक्ट और लॉटरी घोटाले के बाद बड़ी कार्रवाई
News In Short
- भीलवाड़ा यूआईटी सचिव आईएएस ललित गोयल को अनियमितताओं के चलते एपीओ किया गया।
- कार्रवाई का मुख्य आधार भूखंड आवंटन लॉटरी में अपनों को फायदा पहुंचाने की धांधली बनी।
- मुख्यमंत्री जन आवास योजना की 25% जमीन गैर-पार्टनर को देने का भी उन पर गंभीर आरोप है।
- इस प्रशासनिक फेरबदल से भीलवाड़ा के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
News In Detail
Bhilwara: राजस्थान सरकार ने भीलवाड़ा नगर विकास न्यास (UIT) के सचिव और 2019 बैच के आईएएस अधिकारी ललित गोयल को तत्काल प्रभाव से पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (APO) में रख दिया है। कार्मिक विभाग के संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह द्वारा रविवार को जारी इस आदेश ने भीलवाड़ा के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
कार्रवाई का कारण
आधिकारिक सूत्रों और शिकायतों के अनुसार, ललित गोयल पर मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत नेहरू विहार प्रोजेक्ट में गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप हैं।
आरोप है कि प्रोजेक्ट की 25 प्रतिशत जमीन करीब 8306 वर्ग मीटर, जो मूल रूप से प्रोजेक्ट के अधिकृत ठेकेदार को आवंटित होनी थी, उसे मिलीभगत कर किसी अन्य गैर-साझेदार (शेयर होल्डर) को दे दिया गया। इस आवंटन में निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई, जिससे सरकार को राजस्व की हानि और प्रोजेक्ट की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।
आवंटन लॉटरी में भी धांधली
हाल ही में यूआईटी द्वारा निकाली गई विभिन्न भूखंड आवंटन लॉटरी में भी बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतें सामने आई थीं। न्यास के कर्मियों ने मिलीभगत कर करीब 80 हजार आम आवेदकों के हक को मारकर अपने करीबियों और चहेतों के नाम भूखंड आवंटित करवा दिए थे।
प्रशासनिक हलचल और जांच की दिशा
आईएएस ललित गोयल को एपीओ किए जाने के बाद उनका मुख्यालय जयपुर रखा गया है। जानकारों का मानना है कि नेहरू विहार प्रोजेक्ट और भूखंड आवंटन के दस्तावेजों की गहन जांच के बाद इस मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
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