सीकर में रिश्वत लेते 4 यूपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, कार में जगह-जगह छुपाए थे पैसे
समझें क्या है पूरा मामला
- अयोध्या साइबर पुलिस के चार जवान सीकर में रिश्वत लेने पहुंचे थे।
- उन्होंने एक पुराने मामले को निपटाने के लिए 8 लाख मांगे थे।
- 18 अगस्त को 2.80 लाख रुपए की रिश्वत लेते एसीबी ने पकड़ा।
- कार की तलाशी में टूल बॉक्स से 1.80 लाख का अतिरिक्त कैश मिला।
- अयोध्या एसएसपी ने चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
राजस्थान के सीकर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की। उत्तर प्रदेश पुलिस के चार जवानों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
आरोपी पुलिसकर्मी अयोध्या के साइबर पुलिस थाने में तैनात थे। ये सभी एक पुराने केस को रफा-दफा करने के एवज में रिश्वत वसूलने राजस्थान आए थे।
8 लाख की रिश्वत का पूरा खेल
सीकर निवासी पीड़ित ने राजस्थान एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके भाई के खिलाफ 2024 में अयोध्या में शिकायत हुई थी।
मामला खत्म करने के लिए यूपी पुलिस टीम ने 8 लाख रुपए की मांग की। पीड़ित पहले ही 4 लाख रुपए दे चुका था। इसके बाद आरोपी 4 लाख रुपए और मांगने लगे और मामला 2.80 लाख रुपए में तय हुआ।
मोबाइल छीने और कार में बैठाकर ली घूस
शिकायत की पुष्टि होने के बाद 18 अगस्त को एसीबी ने ट्रैप रचा। जयपुर-बीकानेर बाईपास पर स्थित एक होटल के पास यूपी पुलिस टीम क्रेटा कार से पहुंची।
आरोपियों ने पीड़ित और उसके साथी के मोबाइल कब्जे में ले लिए। इसके बाद कुछ दूरी तक कार के पीछे घुमाया और फिर कार में बैठाकर 2.80 लाख रुपए ले लिए।
एसीबी की कार को मारी टक्कर
रिश्वत का लेनदेन होते ही एसीबी की टीम ने आरोपियों का पीछा किया। टोल नाके के पास एसीबी ने अपनी गाड़ियां आगे-पीछे लगाकर रास्ता रोक दिया।
पकड़े जाने के डर से यूपी पुलिस वालों ने एसीबी की गाड़ियों को टक्कर मार दी। यही नहीं, उन्होंने घूस के पैसों का पैकेट पास की झाड़ियों में फेंक दिया।
टूल बॉक्स में छिपा रखा था कैश
एसीबी ने आरोपियों को दबोचकर झाड़ियों से रिश्वत का पैकेट बरामद किया। इसके बाद जब क्रेटा कार की सघन तलाशी ली गई तो अधिकारी हैरान रह गए।
कार की डिग्गी में रखे बैग से 1.18 लाख रुपए मिले। इसके अलावा गियर बॉक्स के पास बने टूल बॉक्स से 61,800 रुपए नकद बरामद हुए।
कैश मिलने पर आरोपियों ने क्या कहा?
आरोपी पवन त्रिपाठी (कॉन्स्टेबल) ने कहा कि 1 लाख रुपए पत्नी और भाई से लेकर आया है। वहीं यशवंत सिंह (SI) ने कहा की वह 18,500 रुपए खर्चे के लिए लाया है। जबकि टूल बॉक्स के पैसे को चारों आरोपियों ने सामूहिक खर्च बताया।
ACB ने इन स्पष्टीकरणों को खारिज करते हुए पूरी राशि जब्त कर ली है। संदेह है कि यह रकम भी किसी अन्य वसूली की हो सकती है।
चारों आरोपी पुलिसकर्मी सस्पेंड
सीकर एसीबी के एएसपी विजय सिंह ने बताया कि सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह, कॉन्स्टेबल गौरव, सोहन और पवन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मामला उजागर होने के बाद अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (Senior Superintendent of Police – SSP) डॉ. गौरव ग्रोवर ने चारों आरोपियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
ये भी पढ़ें:-
8 साल, 2 अफसर, ACB से अरेस्ट के बाद भी देवस्थान में वही म्यूजिकल चेयर
राजस्थान: RTO इंस्पेक्टर की वसूली गैंग बेनकाब, ACB ने 2 दलालों को दबोचा
घूस की पहली किस्त ली ,दूसरी लेते ACB ने फूड सेफ्टी ऑफिसर को पकड़ा
50 लाख की डिमांड, 30 लाख में सौदा, फिर 10 महीने फरार, अब पटवारी को ACB ने दबोचा