सड़क पर बिना कपड़े क्यों घूम रहा था UPSC एस्पिरेंट? HC ने पुलिस से मांगा जवाब
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में भीलवाड़ा का यूपीएससी अभ्यर्थी मौत से पहले सड़क पर नग्न देखा गया।
- अभ्यर्थी का शव राजकोट-अहमदाबाद हाईवे पर एक ओवरब्रिज पर मिला।
- सीसीटीवी फुटेज में लड़का आधी रात को बिना कपड़ों के पैदल टहलते दिखाई दिया।
- आरोप है कि गायब होने के बाद युवक के साथ एक पूर्व विधायक के घर पर मारपीट हुई।
- अब गुजरात हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया, नग्न होने की परिस्थिति की जांच हो।
गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को उन परिस्थितियों की जांच रिपोर्ट दाखिल करने का कहा है, जिनके तहत राजस्थान में भीलवाड़ा का 23 साल का यूपीएससी अभ्यर्थी अपनी मौत से पहले सड़क पर नग्न देखा गया था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि परिवार की सीबीआई जांच की याचिका पर सुनवाई बढ़ाने से पहले इस मुद्दे की गहन जांच की जरूरत है।
अभ्यर्थी के पिता की याचिका पर जस्टिस एमआर मेंगडे ने जांच अधिकारी को अतिरिक्त रिपोर्ट जमा करने का समय देने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
यह रिपोर्ट उन परिस्थितियों को संबोधित करेगी, जिनमें वह व्यक्ति 3 मार्च, 2025 को सड़क पर नग्न घूमता हुआ पाया गया था। शव 9 मार्च को राजकोट-अहमदाबाद हाईवे पर एक ओवरब्रिज पर मिला थां।
आरोप- पूर्व विधायक के घर मारपीट
परिवार के मुताबिक कहानी 2 मार्च 2025 से शुरू होती है। युवक ग्रे टी-शर्ट और नीले ट्राउज़र में घर से निकला, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटा। आरोप है कि गायब होने के बाद युवक के साथ एक पूर्व विधायक के घर पर मारपीट की गई।
राजकोट-अहमदाबाद हाईवे के सीसीटीवी फुटेज में वह लड़का आधी रात को बिना कपड़ों के पैदल टहलते हुए दिखाई दिया। दूसरी सीसीटीवी क्लिप में वह अलग कपड़ों में दिखा, लेकिन जो कपड़े उसने घर से निकलते वक्त पहने थे, उनका आज तक कोई अता-पता नहीं है।
याचिका में परिवार ने सवाल उठाया कि बिना मोबाइल और पैसों के कोई लड़का रातों-रात 52 किलोमीटर दूर कैसे पहुंच सकता है? फुटेज में दिख रहा है कि जब वह सड़क पर नग्न हालत में चल रहा था, तब कई गाड़ियां उसका पीछा कर रही थीं।
यह एक्सीडेंट नहीं, मर्डर है- पिता का आरोप
9 मार्च 2025 को राजकोट-अहमदाबाद हाईवे के एक ओवरब्रिज से युवक का शव बरामद हुआ। पुलिस ने इसे तेजी से आती लग्जरी बस से हुआ हादसा करार दिया, लेकिन मृतक के पिता का साफ कहना है कि उनके बेटे का कत्ल हुआ है।
पिता का आरोप है कि इस मामले में एक पूर्व विधायक और उनका बेटा शामिल हैं। स्थानीय पुलिस उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर लगी चोटें भी किसी सड़क हादसे से मेल नहीं खाती हैं।
यही वजह है कि परिवार अब इस पूरे मामले की जांच CBI (केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से कराने की मांग कर रहा है।
नार्को टेस्ट का ट्विस्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस एमआर मेंगडे ने जांच अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए एक और विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने सरकारी वकील से सीधे सवाल पूछे कि क्या मृतक और आरोपियों के बीच कोई पुरानी दुश्मनी थी? मृतक और उसके पिता संदिग्धों के घर क्यों गए थे। वहां क्या बात हुई? और सबसे अहम- वह लड़का सड़क पर बिना कपड़ों के क्यों घूम रहा था?
नार्को टेस्ट में भी नहीं खुला राज
गुजरात सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की गहराई से जांच की गई थी। पूर्व विधायक के बेटे का राजकोट कोर्ट की इजाजत से 31 सवालों के साथ नार्को टेस्ट भी कराया गया था। लेकिन उस टेस्ट का नतीजा अभियोजन पक्ष के पक्ष में नहीं रहा।
अदालत ने जांच अधिकारी को 25 अगस्त 2026 तक अपनी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट दाखिल करने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को होगी।
ये भी पढ़ें:-
नीरज शर्मा हत्याकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, वकील से मिलने आया था बलराम
मामा का आरोप- आयुषी ने पहले पिता को मारा, फिर चुराई ज्वेलरी से दी मां की सुपारी
आयुषी केस में नया मोड़, पिता की मौत भी शक के घेरे में, कोर्ट ने खारिज की जमानत
PWD कर्मचारी ने की मां की हत्या, अनुकंपा पर लगी थी नौकरी