मेरे खिलाफ गहरी साजिश, बातों का निकाला गलत अर्थ, घमासान के बाद वसुंधरा राजे की सफाई

Mukesh Sharma | Apr 11, 2026, 20:57 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने हालिया बयान को लेकर मचे घमासान के बाद शनिवार को सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके भाषण के अंश को संदर्भ से काटकर गलत अर्थ निकाला गया है।

News In Short

  • पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने अपने बयान को लेकर दी सफाई।
  • वसुंधरा ने कहा, असल मुद्दा हाईवे का, बयान को गलत संदर्भ से जोड़ा।
  • पूर्व सीएम ने कहा, षड़यंत्रकारी ना पहले सफल हुए और ना कभी होंग
  • वसुंधरा राजे की यह सफाई मदन राठौड़ के बयान के बाद आई।
  • मदन राठौड़ ने बीकानेर में कहा, जरूरी नहीं ​कि हर बार सीएम बना जाए।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने हालिया बयान को लेकर मचे घमासान के बाद शनिवार को कहा कि मेरे खिलाफ गहरा षडयंत्र चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके भाषण के अंश को संदर्भ से काटकर गलत अर्थ निकाला गया है। उनका मकसद केवल फोरलेन हाईवे की तकनीकी बाधाओं को समझाना था।



उन्होंने विरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ हितैषी लोग उनके पीछे लगे हैं, जो उनकी बातों का गलत रंग निकालकर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। राजे का यह स्पष्टीकरण राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के बीकानेर मे ंदिए उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं है कि हर बार सीएम बना जाए।



यह था पूरा मामला

राजे दो दिन पहले अपने पुत्र सांसद दुष्यंत सिंह की यात्रा शुरु होने पर कामखेड़ा में बालाजी के दर्शन करने पहुंची थी। इस दौरान कुछ लोगों ने उसने अपने खेतों में से बाईपास निकलने पर अलाईनमेंट बदलवाने की मांग की थी। इस दौरान राजे ने उनसे कहा कि मैं आपके लिए कुछ नहीं कर सकी, तुम्हारे लिए क्या करुं। मेरा चला गया, मैं अपना ही नहीं बचा सकी, आपके लिए क्या कर सकती हूं।



राजे ने शनिवार को अपनी सफाई में कहा कि वह धौलपुर में अपने घर की जमीन नेशनल हाईवे में जाने का हवाला दे रही थीं कि वह अपनी ही जमीन नहीं बचा सकीं तो दूसरों के लिए नियम कैसे बदलवा सकती हैं।



मुद्दा हाईवे का, रंग सियासी

वसुंधरा राजे ने कहा कि असल मुद्दा फोरलेन हाईवे के एलाइनमेंट को लेकर था। उनके पास कुछ ग्रामीण आए थे जिनकी जमीन बाईपास निर्माण के दायरे में आ रही थी। ग्रामीण चाहते थे कि हाईवे का नक्शा बदला जाए। राजे ने उन्हें समझाने के लिए अपने निजी अनुभव का उदाहरण दिया था।



राजे ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने ग्रामीणों को केवल नियम और प्रक्रिया समझाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि धौलपुर में मेरे घर के सामने से नेशनल हाईवे निकला है। जब मुंडिया यानी सीमांकन हो जाता है और काम शुरू हो जाता है, तो नियम सबके लिए समान होते हैं। मुझे खुद अपने घर की दीवार पीछे करनी पड़ी और मेरी जमीन भी गई। मैंने ग्रामीणों से यही कहा था कि जब मैं अपने घर की जमीन जाने से नहीं रोक सकी, तो नियम के विरुद्ध जाकर आपकी मदद कैसे कर पाऊंगी?



षडयंत्रकारी लोगों पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उनके भाषणों की निगरानी करते हैं, ताकि कोई ऐसी लाइन मिल जाए, जिसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा सके। उन्होंने कहा कि ये षडयंत्रकारी लोग पहले भी सक्रिय थे और आज भी हैं। ये लोग अलग रंग निकालकर गलतफहमी पैदा करना चाहते हैं, लेकिन भगवान की दया और जनता के प्यार के आगे ये कभी सफल नहीं होंगे।



झालावाड़ में भषण नहीं संवाद होता है

राजे ने कहा कि झालावाड़ में उनका कभी भाषण नहीं होता, बल्कि जनता के साथ संवाद होता है। क्यों कि वह वहां के लोगों को अपना परिवार मानती हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके बयान में पद को लेकर कोई बात ही नहीं हुई थी, इसलिए किसी को कोई गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए।



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