तबादले में पैसे मांगे, VDO ने दिलावर से शिकायत की, मंत्री के आदेश पर जीरो FIR
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का नाम लेकर ठगी का खुलासा।
- VDO ने मंत्री दिलावर से ट्रांसफर के नाम पर ठगी की शिकायत की।
- आरोपी ने मंत्री के भाई का नाम लेकर 50 हजार मांगे, 20 हजार ऑनलाइन लिए।
- पीड़िता के कहने पर दिलावर ने पुलिस को जीरो FIR दर्ज करने के दिए निर्देश।
- सांगोद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, अन्य ने भी लगाए आरोप।
राजस्थान में ट्रांसफर सीजन के दौरान ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। सांगोद ग्राम पंचायत की ग्राम विकास अधिकारी (VDO) मंजुला बैरागी सीधे शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर के पास पहुंचीं।
उन्होंने मंत्री जी को बताया कि आरोपी नरोत्तम बडारिया ने आपका और आपके भाई के नाम का झांसा दिया। और ट्रांसफर करवाने के एवज में 20 हजार रुपए ऑनलाइन ले लिए।
मंत्री दिलावर ने तत्काल जीरो FIR दर्ज करने के आदेश दिए और सांगोद पुलिस ने आरोपी नरोत्तम को गिरफ्तार कर लिया है।
50 हजार में हुई थी डील, 20 हजार ऑनलाइन गए
VDO मंजुला बैरागी ने बताया कि मामला 50 हजार रुपए में तय हुआ था। पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपए ऑनलाइन पेमेंट के जरिए ले लिए गए। ट्रांसफर होने के बाद बाकी 30 हजार और देने की बात थी।
लेकिन ट्रांसफर हुआ ही नहीं। जब मंजुला ने आरोपी से पैसे वापस मांगे तो उसने इनकार कर दिया। इसके बाद वह सीधे मंत्री के पास पहुंचीं।
मंत्री के भाई का नाम भी था झांसे में
जांच करने वाले सांगोद थाने के सब इंस्पेक्टर (SI) अभय सिंह ने बताया कि आरोपी नरोत्तम बडारिया बपावर की खड़िया गांव का मूल निवासी है और वर्तमान में बारां में रह रहा है।
वह भंवरगढ़ इलाके में एनजीओ (Non-Governmental Organization) के जरिए एसटी (Scheduled Tribe) स्टूडेंट का हॉस्टल संचालित करता है। उसने खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताया था।
FIR में उल्लेख है कि नरोत्तम ने पीड़िता को मंत्री के भाई का नाम लेकर यह विश्वास दिलाया कि वह ट्रांसफर लिस्ट में नाम डलवा सकता है। लेकिन जब पीड़िता खुद मंत्री के भाई के घर पहुंची तो उन्होंने किसी भी लिस्ट में नाम भेजने से साफ इनकार कर दिया।
तीन VDO से ठगी, एक की शिकायत पर कार्रवाई
पीड़िता की FIR में बताया गया है कि उनके अलावा दो अन्य VDO, भूपेंद्र सिंह और संदीप सिंह चौहान ने भी नरोत्तम के खिलाफ तबादले के नाम पर पैसे वसूलने की शिकायत की है।
मंत्री ने दिया जीरो FIR का आदेश
मंत्री मदन दिलावर ने शिकायत सुनते ही महावीर नगर पुलिस थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह सौदा को अपने घर बुलाया और आरोपी के खिलाफ नामजद जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए।
महावीर नगर थाने में FIR दर्ज की गई और फिर इसे सांगोद थाने को भेजा गया क्योंकि आरोपी सांगोद क्षेत्र का निवासी है। सांगोद थाना अधिकारी पवन मीणा ने आरोपी नरोत्तम बडारिया को गिरफ्तार कर लिया।
FAQ
- VDO से ट्रांसफर के नाम पर ठगी का मामला क्या है?
आरोपी नरोत्तम बडारिया ने मंत्री दिलावर और उनके भाई के नाम का झांसा देकर VDO मंजुला बैरागी से 50 हजार में ट्रांसफर करवाने का वादा किया। 20 हजार ऑनलाइन लिए लेकिन ट्रांसफर नहीं हुआ। पैसे वापस नहीं मिले तो VDO ने सीधे मंत्री से शिकायत की। - जीरो FIR क्या है?
जीरो FIR (Zero FIR) एक ऐसी कानूनी सुविधा है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी संज्ञेय अपराध (जघन्य अपराध जैसे हत्या, अपहरण, बलात्कार आदि) की शिकायत भारत के किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज करवा सकता है। भले ही वह घटना उस पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) में न हुई हो।
ये भी पढ़ें:-
8वीं के छात्र ने बताया 49+2 = 60, जवाब सुन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पकड़ा माथा
तबादलों में भ्रष्टाचार, शिक्षा मंत्री के लोग कर रहे वसूली, डोटासरा ने लगाया आरोप
फिर तो मैं भी ईमानदार नहीं, आखिर मदन दिलावर ने ऐसा क्यों कहा
सरकारी स्कूलों में डेढ़ लाख शिक्षकों की होगी भर्ती, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने किया बड़ा ऐलान