मदन राठौड़ के बयान के विरोध में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, अजमेर में BJP दफ्तर पर लिखे अमर्यादित नारे
राजस्थान के अजमेर में भाजपा जिला कार्यालय (BJP District office) की दीवार पर अमर्यादित नारे लिखने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। मामला तूल पकड़ रहा है।
सूचना मिलने पर सिटी एएसपी हिमांशु जांगिड़ और पुलिस उपाधीक्षक शिवम जोशी मौके पर पहुंचे। दो थानों की पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला भी सिविल लाइंस थाने पहुंचे।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस (Youth Congress) के राष्ट्रीय संयोजक मोहित मल्होत्रा सहित 12 लोगों को डिटेन किया है। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।
किस बात का था विरोध?
जानकारी के अनुसार भाजपा कार्यालय की दीवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी लिखे जाने के बाद एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में टिप्पणी करने वालों ने खुद को यूथ कांग्रेस से जुड़ा बताया है।
उन्होंने वीडियो में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) के पाकिस्तान को लेकर दिए गए कथित बयान का विरोध करने की बात कही। यह बयान पहले भी विवादों में रहा है।
हालांकि यूथ कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष हनीश मारोठिया ने इस घटना से संगठन का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यूथ कांग्रेस का आधिकारिक प्रदर्शन नहीं है। संगठन इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है। लेकिन कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने शाबाशी दी है।
भाजपा ने क्या आरोप लगाए?
इधर भाजपा शहर अध्यक्ष रमेश सोनी, उप महापौर हेमंत सांखला, अमित भंसाली, विक्रम सिंह और दिनेश चौधरी सहित कई पदाधिकारी सिविल लाइंस थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को शिकायत दी।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यालय की दीवार पर अमर्यादित नारे लिखकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है।
उन्होंने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जबरन कार्यालय में घुसने का प्रयास करने के आरोप भी लगाए हैं। भाजपा पदाधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
डिटेन किए गए लोगों से हो रही पूछताछ
फिलहाल पुलिस डिटेन किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस वीडियो में किए गए दावों की भी जांच कर रही है।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के खंडन और भाजपा की शिकायत के आधार पर भी पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की जांच जारी
राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर इस तरह की घटनाएं तनाव पैदा करती हैं। इससे कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को हिरासत में लिया है।
अब देखना जरूरी है कि जांच में क्या सामने आता है। क्या यह घटना किसी संगठन की आधिकारिक थी या कुछ लोगों ने खुद ऐसा किया। पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।