TRAI की नौकरी छोड़ बिना कोचिंग, सेल्फ-स्टडी और अनुशासन से बनीं आईएएस सृजना यादव
भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC पास करना कई युवाओं का सपना होता है। लेकिन, बहुत कोशिश के बाद भी कम ही सफल हो पाते हैं। इन्हीं में से एक हैं आईएएस सृजना यादव। सृजना ने नौकरी के साथ ही यूपीएससी की तैयारी शुरू की। अपनी उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और मजबूत रणनीति के चलते इसमें सफलता हासिल की। आज वो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।
शुरू से ही पढ़ाई में थीं होनहार
IAS सर्जना यादव का जन्म 16 फरवरी 1993 को दिल्ली में हुआ। उन्होंने अपनी 10वीं विश्व भारती पब्लिक स्कूल, नोएडा और 12वीं एएचएलकॉन मयूर विहार, दिल्ली से पूरी की है। दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। वे पढ़ाई में बचपन से ही होनहार थीं ग्रेजुएशन में उन्होंने डिस्टिंक्शन हासिल की।पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) में रिसर्च ऑफिसर के रूप में नौकरी की। अच्छी नौकरी के बावजूद उनके मन में सिविल सेवा में जाने का सपना था। इस वजह से उन्होंने UPSC की ओर कदम बढ़ाया।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
उन्होंने अपनी नौकरी के साथ दो प्रयास दिए। इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन हार नहीं मानी।2018 में उन्होंने UPSC पर पूरी तरह फोकस करने के लिए नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया। 2019 में तीसरे प्रयास में उन्हें ऑल इंडिया रैंक AIR-126 मिली और वे IAS अधिकारी बनीं। ये भी पढ़ें आईटी की जॉब छोड़कर की यूपीएससी की तैयारी, तीसरे प्रयास में हासिल की 35वीं रैंक आईएएस शिशिर गेमावत ने
सेल्फ स्टडी से मिली सफलता
सृजना यादव की खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के UPSC की तैयारी की। वे मानती हैं कि अच्छे नोट्स, सही किताबें और सही रणनीति कोचिंग से ज्यादा जरूरी हैं। यह हर अभ्यर्थी की अपनी क्षमता और परिस्थिति पर निर्भर करता है कि वो कैसे तैयारी करता है? आप चाहें तो कोचिंग ले सकते हैं। लेकिन अगर आप कोचिंग नहीं ले पा रहे हैं तो कोई दिक्कत नहीं है। आप बिना कोचिंग के खुद ही इस परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। शुरुआत से ही एक स्पष्ट रणनीति बनाना और पढ़ाई के लिए निश्चित समय तय करना बेहद जरूरी है। वे उम्मीदवारों को सलाह देती हैं कि किसी भी विषय को सतही रूप से न पढ़ें। उसे गहराई से समझने की कोशिश करें ताकि तैयारी के दौरान कोई भ्रम न रहे। ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में 13 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई विभागों में बड़ा फेरबदल
उत्तर लेखन का प्रयास सबसे जरूरी
IAS Srijna Yadav कहती हैं कि सिलेबस पूरा हो जाने के बाद अधिक से अधिक रिवीजन और उत्तर लेखन का अभ्यास सफलता की कुंजी है। वे अभ्यर्थियों को प्रत्येक विषय के लिए एक अच्छी और विश्वसनीय किताब चुनने और उसी को बार-बार दोहराने की सलाह देती हैं। साथ ही, उनका सुझाव है कि UPSC उम्मीदवारों को जरूरी विषयों की अवधारणाओं और तथ्यों को समझने के लिए गूगल और ऑनलाइन संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना चाहिए।
मॉक टेस्ट सफलता की कुंजी
सर्जना का कहना है कि कई अभ्यर्थी हनोट्स बनाने में बहुत समय लगा देते हैं। जबकि इसकी जरूरत नहीं होती।
उनके अनुसार, UPSC की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण है नियमित मॉक टेस्ट देना। इससे अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारने का अवसर मिलता है।
नोट्स केवल उन्हीं विषयों के बनाएं जो समझने में कठिन हों या जिनमें लंबे पैराग्राफ हों। यह तरीका समय बचाने के साथ-साथ तैयारी को अधिक प्रभावी बनाता है।
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पॉवर कपल के रूप में जाने जाते हैं पति-पत्नी
IAS Srijna Yadav की शादी IAS हिमांशु जैन से हुई है। शुरुआत में वे AGMUT कैडर में नियुक्त थीं, लेकिन बाद में उनका मध्य प्रदेश कैडर में परिवर्तन हो गया। LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान ही दोनों की मुलाकात हुई थी। बाद में साल 2022 में दोनों ने शादी कर ली। बैच 2020 की ‘परिवीक्षाधीन IAS की वरिष्ठता निर्धारण’ सूची में मध्य प्रदेश कैडर के नौ अधिकारियों में आईएएस हिमांशु जैनशीर्ष स्थान पर रहे थे। फाइनल नेशनल रैंकिंग में हिमांशु जैन ने अपने बैच के कुल 181 IAS अधिकारियों में 40वां स्थान हासिल किया है। सृजना और उनके पति को पॉवर कपल के रूप में जाना जाता है।
ई-न्यूजपेपर से मिल सकती है सारी जानकारी
अगर आपको अखबार पढ़ने की आदत नहीं है, तो शुरुआत के लिए ऑनलाइन ई-न्यूजपेपर एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जिसे आप अपने फोन पर बस एक क्लिक में डाउनलोड कर सकते हैं। आप चाहें तो पत्रिकाएँ भी पढ़ सकते हैं, लेकिन अंततः आपको हर दिन पेपर पढ़ने की आदत विकसित करनी ही होगी। इसलिए जितनी जल्दी इसकी शुरुआत करेंगे, उतना ही बेहतर रहेगा।
क्यों रहीं विवादों में
यह आरोप सामने आए हैं कि IAS Srijna Yadav ने UPSC परीक्षा में अनुचित लाभ पाने के लिए OBC-NCL प्रमाणपत्र का दुरुपयोग किया है।
आलोचकों का कहना है कि उनके पिता भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि उन्हें ‘क्रीमी लेयर’ श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए था।
OBC-NCL प्रमाणपत्र केवल उन उम्मीदवारों के लिए होता है जिनकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा वर्तमान में 8 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम हो, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर OBC वर्ग के लोगों को सहायता मिल सके।
UPSC अभ्यर्थियों के लिए उनकी सलाह
- बहुत सारी किताबें न पढ़ें, बल्कि कुछ चुनिंदा किताबों को बार-बार पढ़ें। हर विषय की एक या दो पुस्तकें काफी हैं।
- कंसेप्ट क्लियर रखें, रटने से ज्यादा समझना जरूरी है।
- उत्तर लेखन को नजरअंदाज न करें।
- Google, YouTube जैसे ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग करें।
- शोर्ट नोट्स डायरी में बनाकर रखें। उन्हें बार-बार देखते रहें।
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करियर एक नजर
नाम: सृजना यादव
जन्म: 16/10/1993
जन्मस्थान: दिल्ली
एजुकेशन: इंजीनियरिंग
बैच: 2020
कैडर: मध्य प्रदेश
पदस्थापना
IAS सर्जना यादव वर्तमान में सीहोर जिला पंचायत सीईओ के रूप में कार्यरत हैं।
Social Media Accounts of IAS Srijna Yadav
Instagram: https://www.instagram.com/sarjana_yadav_ias/?hl=en
LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/sarjana-yadav-745815b2/?originalSubdomain=in IAS सृजना का मानना है कि असफलता से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। लगातार मेहनत और सही दिशा आपको अवश्य मंजिल तक पहुँचाएगी।
FAQ
- सर्जना यादव कौन हैं?
सर्जना यादव 2019 बैच की IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने UPSC परीक्षा में AIR-126 हासिल किया था। वे अपनी मेहनत, सेल्फ-स्टडी और अनुशासन के लिए जानी जाती हैं। - सर्जना यादव ने UPSC किस प्रयास में पास किया?
उन्होंने UPSC को अपने तीसरे प्रयास में सफलतापूर्वक पास किया। - सर्जना यादव का शैक्षणिक बैकग्राउंड क्या है?
उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से की और ग्रेजुएशन में डिस्टिंक्शन हासिल किया।