RBI में नौकरी, लंच ब्रेक में पढ़ाई, बिना कोचिंग के IAS बनीं सृष्टि डबास

Jageshwar prasad | Jul 29, 2026, 17:19 IST
जन्म पर पसरा था सन्नाटा, सिंगल मदर की बेटी ने UPSC में पाई AIR 6
UPSC 2023 में ऑल इंडिया 6वीं रैंक हासिल करने वाली IAS सृष्टि डबास की कहानी बेहद प्रेरक है। सिंगल मदर ने अकेले उनकी परवरिश की। सृष्टि 2024 बैच की राजस्थान कैडर की IAS अधिकारी हैं।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को पास करने के लिए लाखों युवा दिन-रात कोचिंग और एकांत का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप एक ऐसी बेटी की कल्पना कर सकते हैं, जिसके पैदा होने पर खुशियों के बजाय घर में सन्नाटा पसर गया था? जिसकी मां को एक बेटी पैदा करने के जुर्म में समाज और परिवार के तानों को झेलना पड़ा और अकेले अपनी बच्ची को पालना पड़ा?



उसी बेटी ने अपनी मां के आंसुओं को अपनी ताकत बनाया। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) जैसी प्रतिष्ठित संस्था में दिन में फुल टाइम नौकरी की। लंच ब्रेक और रातों को जागकर पढ़ाई की और बिना किसी कोचिंग के यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया 6ठीं रैंक (AIR 6) हासिल कर पूरे देश की महिलाओं को संबल दिया।



यह आंखें नम कर देने वाली और जर्नी है वर्ष 2024 बैच की आईएएस अधिकारी सृष्टि डबास की। आइए जानते हैं उनके इस भावुक और प्रेरणादायी सफर को।



जन्म पर सन्नाटा और सिंगल मदर की परवरिश

सृष्टि डबास का जन्म 13 अक्टूबर 1998 को दिल्ली के रानी खेड़ा गांव में हुआ था। हमारे समाज के कड़वे सच की तरह, जब सृष्टि का जन्म हुआ तो घर में कोई जश्न नहीं मनाया गया, क्योंकि वे एक बेटी थीं।



बेटी पैदा होने के बाद पारिवारिक कलह और समस्याएं इतनी बढ़ गईं कि कुछ समय बाद उनके माता-पिता अलग हो गए। सृष्टि की मां ने किसी के आगे झुकने के बजाय अपनी बेटी को अकेले पालने का कठिन रास्ता चुना। उन्होंने अनगिनत सामाजिक तानों और आर्थिक तंगी को सहते हुए सृष्टि को पढ़ाया।



अपनी मां को हर दिन संघर्ष करते देख सृष्टि के मासूम मन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बचपन में ही खुद से वादा कर लिया था कि वे न केवल अपनी मां के दुखों का हिसाब करेंगी, बल्कि समाज में महिलाओं और मजलूमों पर होने वाले हर अन्याय के खिलाफ एक ढाल बनकर खड़ी होंगी।



स्कूल-कॉलेज की टॉपर और कथक नृत्यांगना

मां के त्याग का मान रखते हुए सृष्टि ने अपनी पढ़ाई में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी। दिल्ली के गंगा इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई करते हुए उन्होंने 2016-17 में सीबीएसई (CBSE) 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96.33% अंक हासिल कर पूरे स्कूल में टॉप किया।



उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर विमेन से पॉलिटिकल साइंस (राजनीति विज्ञान) में बी.ए. किया। इसके बाद इग्नू से राजनीति विज्ञान में एम.ए. की डिग्री पूरी की।



पढ़ाई के अलावा सृष्टि एक बेहद कुशल और प्रशिक्षित कथक नृत्यांगना भी हैं, जो उनके बहुमुखी व्यक्तित्व को दर्शाता है।



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सामाजिक न्याय मंत्रालय से RBI में नौकरी का सफर

अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सृष्टि ने अपनी आर्थिक जिम्मेदारियों को संभाला। वे शुरुआत में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में कार्यरत रहीं।



इसके बाद उनका चयन रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) में ग्रेड-2 एचआर एम्प्लॉई के पद पर हुआ, और वे मुंबई में पदस्थापित हुईं। एक सुरक्षित सरकारी नौकरी और मुंबई जैसे महानगर में शानदार करियर मिलने के बाद भी उनका असली लक्ष्य (आईएएस) उनकी आंखों के सामने तैर रहा था।



सृष्टि डबास जब RBI में काम करती थीं


लंच ब्रेक में नोट्स और रात-रात भर पढ़ाई

RBI में फुल-टाइम नौकरी करते हुए देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी करना लगभग असंभव माना जाता है। लेकिन सृष्टि का जुनून अलग ही स्तर का था।



सृष्टि दिन के समय आरबीआई में अपनी ड्यूटी पूरी करती थीं। जैसे ही लंच ब्रेक होता या थोड़ा भी खाली वक्त मिलता, वे सहकर्मियों के साथ समय गंवाने के बजाय सीधा आरबीआई की लाइब्रेरी पहुंच जाती थीं। वे लंच करते-करते सिलेबस का रिवीजन करती थीं।



उन्होंने किसी महंगी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। दफ्तर से घर लौटने के बाद जब पूरी दुनिया सोती थी, तब वे रात-रात भर जागकर किताबों से जूझती थीं।



उनकी यह अथक तपस्या साल 2023 की परीक्षा में रंग लाई। उन्होंने कुल 1048 अंक (लिखित परीक्षा में 862 और इंटरव्यू में 186 अंक) हासिल किए और ऑल इंडिया 6ठीं रैंक (AIR 6) हासिल की।



आईएएस सृष्टि डबास के जीवन से सबक

UPSC में 6वीं रैंक लाकर IAS सृष्टि डबास ने रचा इतिहास


जिस बेटी के आने पर कभी किसी ने खुशी का एक दीया तक नहीं जलाया था, आज उसी बेटी ने ऑल इंडिया 6ठीं रैंक लाकर पूरे देश में अपने नाम की रोशनी फैला दी है।



राजस्थान कैडर 2024 बैच की आईएएस अधिकारी के रूप में सृष्टि डबास आज उन लाखों महिलाओं और बेटियों के लिए एक मिसाल हैं जो अभावों और सामाजिक विषमताओं से लड़ रही हैं।



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