अब लोगों की आवाज बनेंगी पूर्व IAS दिव्या मित्तल, इस्तीफे के बाद राजनीति में आने का किया ऐलान

Arohi Raj | Sootr Creatives | Sept 29, 2026, 13:04 IST
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफे के बाद राजनीति में आने का ऐलान किया है।
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने इस्तीफे के बाद अपने अगले कदम पर चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पोस्ट इंस्टाग्राम के जरिए राजनीति में आने का ऐलान किया है। दिव्या मित्तल ने कहा कि वे लोगों की आवाज बनना चाहती हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS दिव्या मित्तल मिर्जापुर की DM रह चुकी हैं। इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम पर कयास लगे थे। 29 सितंबर 2026 की सुबह साढ़े आठ बजे उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपने अलग कदम का ऐलान किया है।



दिव्या मित्तल ने साफ किया कि वे राजनीति में आ रही हैं। उनका मकसद उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी बात कहीं नहीं सुनी जाती।



लोगों की आवाज बनना चाहती हूं

दिव्या मित्तल ने पोस्ट में कहा कि कई लोगों ने उनसे पूछा कि वे अब क्या बनना चाहती हैं। उनका जवाब था कि वे राजनीति में आकर लोगों की आवाज बनना चाहती हैं।



उनके मुताबिक, ये वे लोग हैं जिनकी आवाज किसी दफ्तर तक नहीं पहुंचती है। अगर पहुंच भी जाए, तो सुनी नहीं जाती है। इन्हीं लोगों की तरफ से उन्हें आजादी के 80 साल का हिसाब चाहिए।



सड़क, स्कूल और मौतों का हिसाब

दिव्या मित्तल ने कहा कि हजारों गांवों में आज भी सड़क नहीं है। नदी है तो पुल नहीं है। बरसात में कई गांव टापू बन जाते हैं। उनके मुताबिक, गड्ढों वाली सड़कों पर हादसे होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को गड्ढों की जगह और मौतों का आंकड़ा दोनों पता है।



यहीं से भाषण का सुर और तीखा हो गया।



मिर्जापुर से राजनीति सफर शुरु होगी

दिव्या मित्तल ने कहा कि उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि है। इसलिए राजनीति की शुरुआत यहीं से होगी। उन्होंने आजादी के बाद देश के बंटने, भूखे मरने और लोकतंत्र फेल होने जैसी आशंकाओं को गलत साबित होने की मिसाल दी है। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश ने हमेशा राह दिखाई है।



उन्होंने लोगों से कमेंट या व्हाट्सऐप के जरिए जुड़ने की अपील की। इसके लिए उन्होंने अपना नंबर 9198956957 सार्वजनिक तौर पर शेयर किया है।



दिव्या मित्तल ने कब छोड़ी IAS की नौकरी?

दिव्या मित्तल ने IAS अधिकारी पद से अगस्त 2026 में इस्तीफा दे दिया था। उस समय वह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। 30 अगस्त 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी दी थीं। उन्होंने बताया कि 13 साल की IAS सेवा के बाद उन्होंने अपनी इच्छा से इस सफर को खत्म करने का फैसला लिया है।



अपने पोस्ट में दिव्या मित्तल ने IAS के दौरान बिताए कई अहम अनुभवों को याद किया। उन्होंने मिर्जापुर की जिलाधिकारी के तौर पर अपने कार्यकाल का भी जिक्र किया। इस दौरान किए गए काम और वहां के अनुभवों को उन्होंने अपनी सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।



इस्तीफे के बाद पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने पोस्ट शेयर किया था।

एजुकेशन डिटेल

दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से पढ़ाई की और IIM बेंगलुरु से मैनेजमेंट की पढ़ाई की हैं। IAS बनने से पहले उन्होंने लंदन में नौकरी भी की थी। बाद में भारत लौटकर उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा क्रैक किया था।



परिवार में कौन-कौन हैं ?

पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल की शादी गगनदीप सिंह ढिल्लों से हुई है। उनकी दो बेटियां हैं। पति गगनदीप सिंह भी सिविल सर्वेंट रह चुके हैं। उन्होंने साल 2011 में UPSC परीक्षा पास की थी। बाद में उन्होंने सरकारी सेवा छोड़कर निजी क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया।



मिर्जापुर के गांव का किस्सा क्यों सुनाया?

दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के लहरिया देह गांव का एक्सपीरियंस शेयर किया है। उन्होंने बताया कि वे गांव में पानी से संबंधित निरीक्षण करने गईं थी। इस दौरान एक महिला ने उनसे स्कूल की मांग की थीं। मित्तल ने उस वक्त स्कूल स्वीकृत कर दिया था।



उनके मुताबिक, तीन साल बाद भी वह स्कूल बनना शुरू नहीं हुआ है। यही घटना उनके भाषण में सिस्टम की खामी का उदाहरण बनी।



आखिर फाइल मंजूर होने के बाद भी काम क्यों अटका रहा?



देवरिया और राजस्व विभाग के अनुभव

दिव्या मित्तल विशेष सचिव राजस्व भी रह चुकी हैं। उन्होंने एक भूमिहीन व्यक्ति का मामला बताया। उसे पट्टे की जमीन मिली थी, लेकिन वह जमीन पर कब्जा नहीं पा सका। जांच में पता चला कि इस मामले की रिपोर्ट गलत थी। इसके बाद कार्रवाई भी हुई, लेकिन कब्जा दिलाने के समय ऊपर से मना करने की बात कही गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। इसे किस तरह से समझा जा सकता है।



उन्होंने देवरिया में चलाए गए ऑपरेशन कब्जा मुक्ति का भी जिक्र किया है। इस दौरान कई लोगों ने सरकारी जमीनों से खुद अपना कब्जा हटा लिया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में इस बात का भी उल्लेख किया है।




किसी झंडे तले नहीं, सिर्फ जनता के साथ

दिव्या मित्तल ने कहा कि मौजूदा राजनीति में सत्ता, शिलान्यास और शोर तो है, पर सोच नहीं है।



उन्होंने कहा कि इरादे, न्याय, फिक्र और सोच की राजनीति करनी होगी। उनके मुताबिक असली मंजिल लोग खुद हैं, कोई झंडा नहीं।



यानी दल नहीं, जनता उनकी दिशा तय करेगी।



एक प्रवक्ता के दावे पर क्या बोलीं?

दिव्या मित्तल ने कहा कि एक बड़ी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने उन पर एक दूसरे नेता से रात में मिलने का झूठा दावा किया था। उनके मुताबिक, मकसद डराना था, ताकि सवाल पूछने निकली महिला पहले ही दिन रुक जाए।



युवाओं के भविष्य पर चिंता

दिव्या मित्तल ने खुद को एक साधारण परिवार की बेटी बताया है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई से आगे बढ़ने का जो वादा उन्हें मिला था, वह आज के बच्चों के लिए अधूरा दिख रहा है। उन्होंने पेपर लीक और अदालतों में अटके नतीजों का जिक्र किया है। साथ ही एआई (Artificial Intelligence) से नौकरियों पर मंडराते खतरे की बात भी कही है।



FAQs

  1. दिव्या मित्तल ने IAS की नौकरी कब छोड़ी थी?
    दिव्या मित्तल ने अगस्त 2026 में IAS अधिकारी पद से इस्तीफा दिया था।
  2. दिव्या मित्तल राजनीति में आने का क्या उद्देश्य बताती हैं?
    दिव्या मित्तल राजनीति में आने का उद्देश्य उन लोगों की आवाज बनना बताती हैं, जिनकी बात कहीं नहीं सुनी जाती।
  3. दिव्या मित्तल ने किस गांव का अनुभव साझा किया है और क्या बताया?
    दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के लहरिया देह गांव का अनुभव साझा किया, जहां एक महिला ने उनसे स्कूल की मांग की थी, लेकिन तीन साल बाद भी स्कूल नहीं बना।
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