तीन आईएएस व दो आईपीएस हुए रिटायर, शुभ्रा सिंह थी सीएस के बाद सबसे सीनियर

Mukesh Sharma | Jan 31, 2026, 17:28 IST
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IAS
Photograph: (the sootr)

राजस्थान में तीन आईएएस और दो आईपीएस के सेवाकाल का शनिवार को आखिरी दिन थे। वे अपने कामकाज को लेकर जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे। इन्होंने अपने सेवाकाल में कई अहम पदों पर काम किया हैं।

News In Short

  • राजस्थान में तीन आईएएस और दो आईपीएस हुए रिटायर
  • इनमें शुभ्रा सिंह सीएस के बाद वरिष्ठतम आईएएस थी
  • आईएएस राजेंद्र विजय और अरुण कुमार पुरोहित भी हुए रिटायर
  • आईपीएस संदीप सिंह चौहान व अनिल कुमार टांक का था आखिर सेवाकाल
  • दोनों आईपीएस ने अपनी सेवा​ अवधि में संभाली कई अहम जिम्मेदारी

News In Detail

जयपुर। राजस्थान की नौकरशाही में जनवरी के आखिरी दिन शनिवार को तीन आईएएस और दो आईपीएस सेवानिवृत्त हो गए। वर्ष 1989 बैच की आईएएस शुभ्रा सिंह वर्तमान मुख्य सचिव वी.श्रीनिवासन के बाद वरिष्ठतम आईएएस थी। वह इस समय राजस्थान रोडवेज की चेयरमैन थीं।

इन आईएएस और आईपीएस का हुआ रिटायरमेंट

31 जनवरी 2026 को जिन आईएएस अधिकारियों का रिटायरमेंट हुआ, उनमें शुभ्रा सिंह के अलावा
राजेंद्र विजय और अरुण कुमार पुरोहित शामिल हैं। शनिवार को रिटायर हुए दो आईपीएस अधिकारियों में संदीप सिंह चौहान और अनिल कुमार टाक है।

सीएस के बाद वरिष्ठतम थी शुभ्रा सिंह

सीएस वी श्रीनिवासन के बाद सबसे वरिष्ठ मानी जाने वाली आईएएस शुभ्रा सिंह ने अपने सेवाकाल में कई अहम पदों पर काम किया। उनकी पहली नियुक्ति उदयपुर के गिर्वा में एसडीओ के तौर पर हुई थी। वह बीकानेर व उदयपुर में कई विभाग में रहीं। ​उन्होंने लोक जुंबिश, पीएचईडी, योजना विभाग और राजस्थान खादी बोर्ड में बेहतर तरीके से जिम्मेदारी निभाई। वह करौली में कलेक्टर के रूप् में पदस्थ हुई।

कई बड़ी जिम्मेदारी निभाई

शुभ्रा सिंह ने केंद्र सरकार में परिवार कल्याण विभाग में डिप्टी सचिव व निदेशक तथा वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय में काम किया। प्रतिनियुक्ति से लौटने पर वह राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग व एनआरएचएम की सचिव व विशिष्ट सचिव रहीं। वे लंबे समय तक दिल्ली में रेजीडेंट कमिश्नर भी रहीं हैं। उन्होंने राजस्व बोर्ड सदस्य, जनगणना निदेशक तथा चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग में एसीएस के रूप् में काम किया। रिटायरमेंट के समय वह राजस्थान स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन में चेयरमैन थीं।

एसीबी छापे से विवाद में आए आईएएस राजेंद्र विजय

आएएस से आईएएस बनने वाले राजेंद्र विजय 2010 बैच के अधिकारी थे। एसीबी ने एक साल पहले कोटा संभागीय आयुक्त रहते हुए उन पर छापे मारे थे। एसीबी को उनके ठिकानों से 13 आवासीय व व्यावसायिक भूखंडों के दस्तावेज​ मिले थे। उनका टोंक रोड पर आलीशान घर तथा सी—स्कीम में लग्जरी कॉम्पलेक्स शामिल था। एसीबी को उनके 16 बैंक खातों का भी पता चला था। एसीबी ने राजेंद्र विजय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था। वह रिटायरमेंट के समय विभागीय जांच आयुक्त के पद पर कार्यरत थे।


समय के पाबंद थे आईएएस अरुण कुमार पुरोहित

नागौर कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित आरएएस से आईएएस बने थे। समय की पाबंदी के लिए मशहूर पुरोहित आमजन से सीधा संवाद रखने और तत्काल काम करने के लिए जाने जाते थे। नागौर में अंतिम कार्यदिवस पर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई।

पुरोहित ने 2016 में आईएएस में प्रमोट होने के बाद जोधपुर विकास प्राधिकरण में सचिव और आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार रहे। नागौर से पहले वह बाड़मेर कलक्टर रहे थे।

आईपीएस संदीप थे आईजी होमगार्ड

रिटायर हुए आईपीएस संदीप सिंह चौहान वर्तमान में आईजी होम गार्ड थे। वह 2013 में आरपीएस से आईपीएस में प्रमोट हुए थे। वे जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में डिप्टी कमिश्नर और एसपी सिरोही रहे। चौहान ने यूनीसेफ में प्रतिनियुक्ति पर भी सेवाएं दी हैं। इसके बाद वह सीआईडी सिविल राइट्स एसपी, रेलवे डीआईजी, नियुक्ति व प्रमोशन बोर्ड व सामुदायिक पुलिसिंग में आईजी के रूप में सेवारत रहे।

आईपीएस टांक कई जिलों के एसपी रहे

आईपीएस अनिल कुमार टांक वर्तमान में पुलिस मुख्यालय में कानून—व्यवस्था के आईजी थे। वह
2013 में आरपीएस से आईपीएस में प्रमोट हुए थे। इसके बाद वह एसपी जालौर, बांसवाड़ा और पाली तथा भरतपुर रहे। टाक सीआईडी क्राईम ब्रांच और नियुक्ति व प्रमोशन बोर्ड में भी रहे।

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