लाल किले पर गुंजा वंदे मातरम, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार दिखीं ये बड़ी चीजें
80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के मौके पर लाल किले की प्राचीर से विकसित भारत @2047 के संकल्प को नई दिशा मिली। पीएम नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान कई ऐसी अभूतपूर्व पहल की गईं, जिन्होंने इस राष्ट्रीय पर्व को और अधिक खास बना दिया। आइए जानें इस समारोह में पहली बार घटित हुईं कुछ प्रमुख विशेषताएं।
राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के गौरवमयी अवसर पर लाल किले के समारोह में पहली बार वंदे मातरम की पूर्ण धुन का औपचारिक गायन किया गया।
देश में निर्मित 105mm लाइट फील्ड गन (1721 फील्ड बैटरी) द्वारा स्वदेशी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पारंपरिक 21-तोपों की सलामी दी गई।
ध्वजारोहण के पावन क्षण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहायता का दायित्व भारतीय सेना की कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने सफलतापूर्वक निभाया।
राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के तुरंत बाद भारतीय वायु सेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा समारोह स्थल पर भव्य पुष्प वर्षा की गई।
राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करने हेतु इस वर्ष 2500 एनसीसी (NCC) कैडेट्स और 5000 विशेष अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति दर्ज की गई।
डिजिटल इंडिया भाषिणी तकनीक के माध्यम से प्रधानमंत्री के संबोधन का 22 भारतीय भाषाओं में लाइव ट्रांसलेशन ब्रॉडकास्ट किया गया।