ABHIGYAN ऐप लॉन्च: 35 सेकेंड में होगी अपराधी की फिंगरप्रिंट पहचान
समझें क्या है पूरा मामला
- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ABHIGYAN ऐप लॉन्च किया।
- पुलिस को 35 सेकेंड में पहचान सुविधा मिलेगी।
- फिंगरप्रिंट आधारित सिस्टम से जांच तेज होगी।
- डेटाबेस में 1.29 करोड़ रिकॉर्ड शामिल हैं।
- पहले पहचान प्रक्रिया में कई दिन लगते थे।
अपराधी पहचानने में लगते थे कई दिन
किसी अपराध की जांच में सबसे पहला काम होता है संदिग्ध की पहचान करना। अगर उसका रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं है तो फिंगरप्रिंट मिलान में दिन और कभी-कभी हफ्ते लग जाते थे। अब यह समय सिमटकर 35 सेकेंड हो गया है। ABHIGYAN ऐप के जरिए मौके पर ही फिंगरप्रिंट स्कैन करके तुरंत रिजल्ट मिल सकेगा। पुलिसकर्मी को दफ्तर या किसी खास मशीन का इंतजार नहीं करना होगा।
क्या है ABHIGYAN और कैसे काम करता है
ABHIGYAN ऐप को गृह मंत्रालय की पहल पर बनाया गया है। इसे NCRB ( नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) ने तैयार किया है। ऐप देश में मौजूद NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System – राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली) के डेटाबेस से जुड़ा है। इस डेटाबेस में अभी एक करोड़ 29 लाख से ज्यादा अपराधियों और संदिग्धों के फिंगरप्रिंट हैं। पुलिसकर्मी किसी संदिग्ध का फिंगरप्रिंट इस ऐप से स्कैन करेगा। ऐप तुरंत डेटाबेस से मिलान करेगा। 35 सेकेंड में जवाब मिल जाएगा।
अभी सिर्फ 10 प्रतिशत हो रहा इस्तेमाल
शुक्रवार को नई दिल्ली में NCRB ने ऑल इंडिया फिंगरप्रिंट कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन किया। इसी मौके पर गृहमंत्री अमित शाह ने ABHIGYAN लॉन्च किया। शाह ने कहा कि जांच, अभियोजन और दोषसिद्धि की पूरी प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी का सक्रिय इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने माना कि NAFIS की क्षमता का अभी सिर्फ 10 प्रतिशत ही उपयोग हो रहा है। उन्होंने जोर दिया कि NAFIS का काम सिर्फ अपराधी खोजने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हर अपराध स्थल से मिले फिंगरप्रिंट को डेटाबेस में जोड़ा जाए ताकि यह और मजबूत बने।
नए आपराधिक कानूनों से जुड़ी है यह पहल
शाह ने यह भी कहा कि देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को हर नागरिक के संवैधानिक अधिकारों तक पहुंचने का माध्यम बनना चाहिए। नए आपराधिक कानूनों के तहत उपलब्ध डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल के लिए पुलिस को प्रशिक्षण देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आरोप-पत्र में सिर्फ वही साक्ष्य होने चाहिए जो अपराधी की भूमिका को साबित करें। यानी तकनीक से न सिर्फ अपराधी पकड़ने में बल्कि मजबूत केस बनाने में भी मदद मिलेगी।
अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने किया स्वागत
इस ऐप को लेकर अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ABHIGYAN मैदानी जांच में बेहद उपयोगी साबित होगा। खासकर उन मामलों में जहां संदिग्ध की कोई पहचान नहीं होती।
FAQ
- ABHIGYAN ऐप क्या है और यह कैसे काम करता है?
ABHIGYAN एक मोबाइल ऐप है जिसे गृह मंत्रालय और NCRB ने मिलकर बनाया है। पुलिस इससे किसी संदिग्ध का फिंगरप्रिंट स्कैन करके 35 सेकेंड में उसकी पहचान कर सकती है। - NAFIS क्या है और इसका ABHIGYAN से क्या संबंध है?
NAFIS यानी नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम, देश का केंद्रीय फिंगरप्रिंट डेटाबेस है। ABHIGYAN ऐप इसी डेटाबेस तक मोबाइल के जरिए पहुंचने का रास्ता देता है।
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