टेलीग्राम फाउंडर पावेल ड्यूरोव की रूस से दुबई तक विवादों और सत्ता से टकराव की कहानी

Sandeep Kumar | Jun 19, 2026, 19:32 IST
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टेलीग्राम फाउंडर पावेल ड्यूरोव
टेलीग्राम फाउंडर पावेल ड्यूरोव

टेलीग्राम फाउंडर पावेल ड्यूरोव की जिंदगी रूस से दुबई तक विवादों से भरी है। रूस में जन्मे ड्यूरोव ने तकनीकी दुनिया में बड़ा नाम तो बनाया, लेकिन सरकारों से टकराव उनकी पहचान बन गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • पावेल ड्यूरोव टेलीग्राम और VK के फाउंडर हैं।
  • रूस में जन्मे और टेक दुनिया में बड़ा नाम बनाया।
  • सरकारों से टकराव के बाद रूस छोड़ दिया।
  • दुबई में रहकर टेलीग्राम का विस्तार किया।
  • निजी जीवन और 100 बच्चों के दावे चर्चा में हैं।

पावेल ड्यूरोव का सत्ता से टकराव

टेलीग्राम के फाउंडर पावेल ड्यूरोव अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को लेकर लगातार चर्चा में रहते हैं। रूस में जन्मे ड्यूरोव ने तकनीकी दुनिया में बड़ा नाम बनाया, लेकिन सरकारों से टकराव उनकी पहचान बन गया। रूस छोड़कर दुबई बसने, फ्रांस में गिरफ्तारी और 100 बच्चों के दावे ने उन्हें और विवादों में ला दिया है। उनकी सोच और नेतृत्व शैली पर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं।

रूस से टेक यात्रा की शुरुआत

टेलीग्राम फाउंडर पावेल ड्यूरोव का जन्म सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था। बचपन से ही वे बेहद प्रतिभाशाली छात्र माने जाते थे। उन्होंने रूस का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाया। यह प्लेटफॉर्म VKontakte नाम से काफी लोकप्रिय हुआ। इसी ने उन्हें टेक दुनिया में पहचान दिलाई।

इसके बाद उन्होंने क्रिप्टो और मैसेजिंग दुनिया में कदम रखा। टेलीग्राम ऐप उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बन गया। इस प्लेटफॉर्म ने वैश्विक स्तर पर तेजी से विस्तार किया। लेकिन इसके साथ विवाद भी लगातार बढ़ते गए। सरकारों के साथ उनका टकराव शुरू हो गया।

पुतिन से टकराव और रूस छोड़ना

रिपोर्टों के अनुसार 2013 में बड़ा मोड़ आया। पावेल की मुलाकात व्लादिमीर पुतिन से होती है। VKontakte पर कंटेंट नियंत्रण को लेकर दबाव बढ़ा। इसके बाद उन्हें रूस छोड़ने का संकेत मिला। उन्होंने अपनी कंपनी हिस्सेदारी भी बेच दी।

रूस छोड़ने के बाद उन्होंने दुबई को ठिकाना बनाया। यहीं से टेलीग्राम का वैश्विक विस्तार हुआ। उनका रुख हमेशा सरकारों से टकराव वाला रहा। वे स्वतंत्रता और निजी नियंत्रण के समर्थक रहे। लेकिन यह सोच विवादों में भी रही है।

टेलीग्राम और विवाद

टेलीग्राम को अभिव्यक्ति की आजादी का प्लेटफॉर्म कहा गया। लेकिन बाद में यह कई विवादों में घिर गया। अवैध कंटेंट और स्कैम्स के आरोप लगे। कुछ देशों में इसके उपयोग पर सवाल उठे। भारत सहित कई जगहों पर कार्रवाई हुई।

ड्यूरोव पर आरोप है कि प्लेटफॉर्म पूरी तरह नियंत्रित है। हर बड़ा निर्णय उनके हाथ में होता है। इसी कारण इसे वन-मैन सिस्टम कहा जाता है। कई विशेषज्ञ इसे केंद्रीकृत शक्ति मानते हैं। इस पर लगातार बहस जारी है।

फ्रांस गिरफ्तारी और वैश्विक टकराव

कुछ समय पहले पावेल फ्रांस में हिरासत में रहे। उन पर गंभीर डिजिटल अपराधों से जुड़े आरोप लगे। वह तीन दिन तक जेल में रहे। उन्होंने इस अनुभव को बेहद खराब बताया। इसके बाद पश्चिमी देशों से तनाव और बढ़ा। उनका सरकारों पर भरोसा कम बताया जाता है। वे खुद को स्वतंत्र विचारक मानते हैं। लेकिन आलोचक उन्हें नियंत्रित व्यक्तित्व बताते हैं। उनकी छवि हमेशा विवादों में घिरी रहती है। यह टकराव अभी भी जारी है।

निजी जीवन और विचारधारा

पावेल ड्यूरोव निजी जीवन को लेकर भी चर्चा में हैं। उनका दावा है कि उनके कई देशों में बच्चे हैं। वे खुद को प्रोनेटलिज्म विचारधारा से जोड़ते हैं। इस विचार में अधिक बच्चों को महत्व दिया जाता है। वे स्वास्थ्य और लंबी उम्र पर भी ध्यान देते हैं।

वे सोशल मीडिया पर हेल्थ टिप्स भी साझा करते हैं। उनकी तस्वीरें अक्सर चर्चा का विषय बनती हैं। वे खुद को तकनीक से आगे का इंसान मानते हैं। आलोचक इसे आत्म-केन्द्रित सोच कहते हैं। उनकी छवि अब भी विवादास्पद बनी हुई है।

FAQ

  1. पावेल ड्यूरोव कौन हैं?
    पावेल ड्यूरोव टेलीग्राम के फाउंडर हैं। उन्होंने VKontakte सोशल मीडिया भी बनाया था। वे रूस के प्रसिद्ध टेक उद्यमी हैं।
  2. पावेल ड्यूरोव रूस क्यों छोड़कर गए?
    सरकारी दबाव और कंटेंट विवादों के कारण। उनकी कंपनी पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश हुई। इसके बाद उन्होंने रूस छोड़ दिया।

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