महिला आरक्षण बिल: लोकसभा में बिल नहीं हो सका पास, शाह बोले- ऐतिहासिक मौका गंवाया
महिला आरक्षण बिल, यानी 131वां संविधान संशोधन विधेयक, लोकसभा में अपनी मंजूरी पाने में असफल रहा। हालांकि, लंबे समय तक चली चर्चा और वोटिंग प्रक्रिया के बाद में कुल 540 सांसदों में से 528 ने वोटिंग की। इसमें 298 ने पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट किया। लेकिन दो-तिहाई वोट न मिलने के कारण यह बिल 54 वोट से लोकसभा में ही गिर गया।
फाइनल आंकड़ों में 298 वोट पक्ष में और 230 विरोध में थे, लेकिन फिर भी यह बिल पास नहीं हो सका। इसके साथ ही, सरकार ने जो अन्य दो बिल प्रस्तावित किए थे, उन्हें भी वापस ले लिया और लोकसभा की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
7.20 बजे
हमने जो किया, सबका किया विरोध
गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि महिला आरक्षण देने के लिए वह हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे हमेशा उनके द्वारा लाए गए सभी बिल और कानून का विरोध करते आए हैं। शाह ने यह भी बताया कि कैसे विपक्ष ने अनुच्छेद 370 को हटाने, राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक समाप्ति और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऐतिहासिक कदमों का विरोध किया।
--------------
7.00 बजे
मातृ-शक्ति के प्रकोप से बच नहीं पाएंगे
गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोलते हुए विपक्ष पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का विरोध इस बिल से नहीं, बल्कि महिलाओं के आरक्षण से है। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2029 तक महिला सशक्तिकरण के वादे को पूरा करने का भी भरोसा जताया और कहा कि 2029 का लोकसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ होगा।
------------
6.50 बजे...
शाह बोले- 50% आरक्षण लिखित में देंगे
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर गर्म बहस हो रही है। सरकार ने सभी दलों से 33% आरक्षण का समर्थन करने की अपील की, जबकि कांग्रेस ने संशोधन को वापस लेने और सर्वदलीय बैठक की मांग की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार महिला आरक्षण के लिए 50% आरक्षण लिखित में देने के लिए तैयार है। इस बीच, राहुल गांधी सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं और संसद में हंगामे के आसार हैं।
-----------
राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर अपनी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह बिल महिलाओं को कमजोर बनाएगा।
वहीं, अमित शाह ने इस बिल को 2029 तक लागू करने की योजना की घोषणा की। वे चाहते हैं कि इस मुद्दे पर विपक्ष समर्थन करे। लोकसभा में इस पर चर्चा और वोटिंग जारी है, जो देश की राजनीति को प्रभावित करेगा।
बिल पर राहुल गांधी का विरोध
राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर खुलकर अपनी राय रखी। उनका कहना था कि यह बिल महिलाओं को मजबूत करने की बजाय उन्हें कमजोर बनाएगा। राहुल गांधी ने इस कानून को "शर्मनाक" करार दिया और पुराना कानून लाने की बात की। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
अमित शाह का बयान
अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल पर अपनी योजना का खुलासा किया। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य 2029 से महिलाओं को आरक्षण प्रदान करना है।
वे विपक्ष से आग्रह करते हैं कि इस प्रस्ताव का समर्थन करें ताकि महिला सशक्तिकरण में एक और कदम आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के हित में होगा और संसद में इसे लागू किया जाएगा।
लोकसभा में वोटिंग पर चर्चा
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर बहस जारी है। इस बिल के लिए तीन संशोधित बिलों पर चर्चा हो रही है, और आज ही इन पर वोटिंग होगी। महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन की प्रक्रिया भी इस बिल के तहत की जा रही है। सांसदों ने इस पर अपनी राय दी है, और अब यह निर्णय लोकसभा में मतदान से लिया जाएगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
लोकसभा सीट परिसीमन 2026: 1947 से अब तक कब और कैसे हुआ बदलाव, जानिए सीटों का इतिहास
संसद में बहस के बीच देशभर में 33% महिला आरक्षण लागू, आधी रात नोटिफिकेशन जारी
महिला आरक्षण पर बड़ा दांव: 2029 से बदलेगा चुनावी गणित, MP में बढ़ेंगी सीटें
महिला आरक्षण पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष को जमकर घेरा