तिरुपति प्रसाद मामले में SIT गठित, CM चंद्रबाबू नायडू ने बनाई 9 सदस्यों की टीम

Sourabh Bhatnagar | Sept 27, 2024, 13:41 IST
SIT
तिरुपति मंदिर में चढ़ाए जाने वाले प्रसाद को लेकर देशभर में घमासान मचा हुआ। अब इस मामले में चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने एक SIT का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं।

इस समय तिरुपति मंदिर में चढ़ाए जाने वाले प्रसाद को लेकर देशभर में घमासान मचा हुआ। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ( Chandrababu Naidu ) ने मंदिर में चढ़ने वाले प्रसाद में जानवरों की चर्बी मिलाने को लेकर प्रदेश की पिछली जगनमोहन रेड्डी ( Jagan Mohan Reddy ) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। सीएम के आरोपों की जांच में पुष्टि भी हो चुकी है। अब सीएम ने इस मामले की जांच के लिए नौ सदस्‍यीय SIT गठित की है। इस SIT में की कमान गुंटूर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के हाथों में दी गई है।



SIT में और कौन शामिल है

इस नौ सदस्‍यीय एसआईटी टीम में सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के अलावा, विशाखापत्तनम रेंज के उप महानिरीक्षक आईपीएस, गोपीनाथ जट्टी, वाईएसआर कडप्पा जिले के पुलिस अधीक्षक आईपीएस वी हर्षवर्धन राजू और तिरुपति जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वेंकट राव शामिल हैं। वहीं, अन्य सदस्यों में पुलिस उपाधीक्षक जी सीताराम राव और जे शिवनारायण स्वामी, अन्नामय्या जिले में स्पेशल ब्रांच के निरीक्षक टी सत्यनारायण, विजयवाड़ा में एनटीआर पुलिस आयुक्तालय के निरीक्षक के उमामहेश्वर, और चित्तूर जिले के कल्लूरु के एक सर्कल इंस्पेक्टर एम सूर्यनारायण शामिल हैं।



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कैसे शुरू हुआ यह विवाद?

दरअसल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया था कि पिछली सरकार में तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर में मिलने वाले प्रसाद बनाने वाले घी में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल किया जा रहा है।



इसके बाद 9 जुलाई को मंदिर बोर्ड ने घी के सैंपल गुजरात स्थित पशुधन लैब (NDDB CALF Ltd.) भेजे थे। 16 जुलाई को लैब रिपोर्ट में एक फर्म के घी में मिलावट पाई गई। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की फूड लैब काल्फ (CALF) (पशुधन और फूड में एनालिसिस और लर्निंग सेंटर) ने मुताबिक जानवरों की चर्बी और फिश ऑयल से तैयार किया गया घी से प्रसाद के लड्डू बनाए जा रहे हैं।



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इसके बाद 22 जुलाई को मंदिर ट्रस्ट ने बैठक के बाद 23 जुलाई को प्रसाद वाले घी के सैंपल लिए गए और जांच के लिए लैब भेजे गए। इसकी चौंकाने वाली रिपोर्ट 18 सितंबर को सामने आई। इस पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तत्कालीन जगन सरकार पर हमला बोला। चंद्रबाबू नायडू सरकार ने कहा कि जगन मोहन रेड्डी की सरकार ने हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। इस तरह के कृत्य से मंदिर की पवित्रता को ठेस पहुंची। ये आस्था से बहुत बड़ा खिलवाड़ हुआ।



सबसे धनी मंदिर है तिरुपति बालाजी

आंध्र प्रदेश में तिरुमला की पहाड़ी पर मौजूद देश का सबसे धनी तिरुपति बालाजी मंदिर ( Tirupati Balaji Temple ) है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित भगवान वेंकटेश को कई रुपों में जाना जाता है। जैसे कि वेंकटेश्वर और तिरुपति स्वामी, तिरुपति बालाजी के नाम से भी जाना जाता है।



मंदिर के विषय में अब तक तीन बातें प्रसिद्ध रही हैं। पहली, यह भारत के सबसे धनी मंदिरों में से एक है। दूसरी मंदिर में करोड़ों की चढ़ावे की धनराशि, और तीसरी यहां के प्रसाद की। प्रसाद के रुप में यहां लड्डू अधिक प्रसिद्ध है। यहां के लड्डू को तिरुपति भगवान की कृपा का साक्षात प्रतिरूप माना जाता है।



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