FIR में अनुराग ठाकुर के नाम से पहले Hon'ble न लिखने पर HC सख्त

Anjali Dwivedi | Apr 04, 2026, 13:27 IST
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस पर नाराजगी जताई। दरअसल मथुरा में दर्ज FIR में BJP सांसद अनुराग ठाकुर के नाम से पहले Hon'ble या Mr नहीं लिखा गया था। कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह से 48 घंटे में हलफनामा मांगा है।

पांच प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  • मथुरा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
  • FIR में पुलिस ने ठाकुर के नाम से पहले कोई सम्मानजनक शब्द नहीं लिखा।
  • इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना है।
  • कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

FIR प्रोटोकॉल विवाद क्या है?

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस के एक काम पर कड़ी आपत्ति जताई है। मामला जुड़ा है मथुरा में दिसंबर 2024 में दर्ज एक FIR से। इस FIR में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का नाम आया, लेकिन पुलिस ने उनके नाम से पहले Hon'ble या Mr जैसा कोई सम्मानजनक शब्द नहीं जोड़ा। यहां तक कि एक जगह तो सिर्फ उनका नाम ही लिख दिया गया।



जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने 31 मार्च को यह मामला सुना। पीठ ने साफ कहा कि जब भी किसी केंद्रीय मंत्री का नाम FIR में आता है, तो पुलिस की जिम्मेदारी है कि प्रोटोकॉल के मुताबिक उनके नाम से पहले सम्मानजनक शब्द जरूर लिखे जाएं।



अदालत ने क्या कहा?

कोर्ट ने यूपी सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने पूछा कि FIR में Hon'ble Union Minister के नाम से पहले यह सम्मानजनक शब्द क्यों नहीं लिखे गए और एक जगह तो बिना किसी उपाधि के सिर्फ नाम लिख दिया गया।



अदालत ने यह भी कहा कि अगर रिपोर्ट में यह लिखना जरूरी था, तो पुलिस को 'Hon'ble' शब्द कोष्ठक में भी लिख सकती थी। यह आदेश उस याचिका की सुनवाई के दौरान आया, जो हाईवे पुलिस स्टेशन मथुरा में दर्ज FIR से राहत मांगने के लिए दाखिल की गई थी। 6 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी।



FIR में क्या है आरोप?

FIR दर्ज कराने वाले मथुरा निवासी खजान सिंह हैं। उन्होंने हर्षित शर्मा नाम के शख्स पर आरोप लगाया। शर्मा पर आरोप है कि उसने खजान सिंह, उनके रिश्तेदारों और दोस्तों से सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर 80 लाख रुपए ठगे। शर्मा ने खुद को अनुराग ठाकुर का करीबी बताया था और उन्हीं के प्रभाव का हवाला देकर भरोसा दिलाया।



खजान सिंह ने मीडिया को बताया कि वह 2023 में हर्षित शर्मा से मिले थे, जब अनुराग ठाकुर केंद्रीय मंत्री थे। शर्मा ने बार-बार दावा किया कि वह मंत्री के बेहद करीबी हैं। जब नौकरी नहीं मिली तो सिंह 28 जुलाई को दिल्ली में अनुराग ठाकुर के आवास पर भी गए और उन्हें पूरा मामला बताया।



खजान सिंह के मुताबिक उस दिन ठाकुर ने हर्षित शर्मा को अपने घर बुलाया। उन्हें फटकार लगाई और साउथ एवेन्यू पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। उस समय ठाकुर केंद्रीय मंत्री के पद पर नहीं थे।



FIR में और क्या है?

FIR में खजान सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि हर्षित शर्मा ने उनके मथुरा स्थित घर के बाहर से गाड़ी चुराने के लिए दो स्थानीय बदमाशों को लगाया था। उन दोनों को पकड़ा गया और स्थानीय पुलिस को सौंपा गया, लेकिन बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। यह पूरा मामला उस याचिका पर आधारित है, जो हर्षित शर्मा (हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता) ने दायर की है। उन्होंने इस FIR से राहत मांगी है।



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