अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को लिखी चिठ्ठी- अब खुद कोर्ट में पेश नहीं होंगे
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखा। उन्होंने बताया कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं रही। यह पत्र उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए लिखा। 20 अप्रैल 2023 को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने उनकी याचिका खारिज कर दी। केजरीवाल ने मांग की थी कि आबकारी नीति मामले को किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर किया जाए।
अब खुद अदालत में पेश नहीं होंगे
पत्र में केजरीवाल ने साफ किया कि वे अब खुद अदालत में पेश नहीं होंगे। वे अपने वकील के माध्यम से भी पेशी नहीं कराएंगे। यह निर्णय उन्होंने गांधीजी के सत्याग्रह के मार्ग पर चलने के उद्देश्य से लिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे जस्टिस स्वर्ण कांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार बनाए रखेंगे।
झूठे केस में फंसाया गया
केजरीवाल ने अपनी याचिका खारिज होने पर एक वीडियो संदेश भी जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक झूठे केस को लेकर साजिश की गई। उन्हें कई महीने जेल में रखा गया, और फिर अदालत ने उन्हें निर्दोष घोषित किया। केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के बच्चों का संबंध तुषार मेहता से है। इसके कारण उन्हें संदेह था कि उन्हें न्याय मिलेगा या नहीं।
केजरीवाल ने कहा कि उनके और उनके विपक्ष के बीच के संबंधों के कारण उन्हें न्याय मिलने में संदेह था। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे जस्टिस का सम्मान करते हैं, लेकिन जिन कारणों से उन्हें संशय हुआ, उन पर उनका निर्णय लिया।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का संकेत
केजरीवाल ने पत्र में यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वे इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है, क्योंकि इसने हमेशा देश को मुश्किल परिस्थितियों से उबारा है।
जस्टिस को हटाने की अर्जी क्यों, 5 पॉइंट्स में समझे
- ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। CBI ने इस आदेश को चुनौती दी थी।
- 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात थी।
- केजरीवाल ने कहा कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां गलत थीं। कोर्ट ने PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) की कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया।
- केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों ने जस्टिस शर्मा को हटाने की अर्जी दाखिल की।
- 13 अप्रैल को केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस शर्मा संघ से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं, इसलिए उन्हें हटाया जाए। 15 अप्रैल को हलफनामा दायर किया गया, जिसमें जस्टिस शर्मा के बच्चों का तुषार मेहता के साथ संबंध बताया गया।
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