ED की बड़ी स्ट्राइक: अशोक खरात के लॉकर से निकले एक करोड़ के सोने-चांदी और डॉलर
खुद को कैप्टन और आध्यात्मिक गुरु बताने वाले नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यौन शोषण और ठगी के आरोपों में घिरे खरात के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय ED ने अपनी जांच तेज कर दी है। हाल ही में नासिक के एक बैंक लॉकर की तलाशी के दौरान जांच एजेंसियों के हाथ कुबेर का खजाना लगा है।
बेटी की मौजूदगी में खुला खजाना
ED की टीम ने नासिक के विश्वास कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की मुंबई शाखा में धावा बोला। यहां अशोक खरात और उनकी पत्नी कल्पना खरात के नाम पर दर्ज लॉकर नंबर 555 की सघन तलाशी ली गई।
यह पूरी कार्रवाई खरात की बेटी की मौजूदगी में हुई। जब लॉकर खुला, तो वहां मौजूद अधिकारी भी दंग रह गए। लॉकर के भीतर भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और विदेशी मुद्रा छिपाई गई थी।
करोड़ों के आभूषण और विदेशी मुद्रा बरामद
ED द्वारा जब्त किए गए सामान का ब्यौरा चौंकाने वाला है। लॉकर से लगभग 1 करोड़ 10 लाख 61 हजार 407 की कीमत के सोने के आभूषण बरामद हुए हैं। इसके साथ ही 1 लाख 89 हजार 302 मूल्य की चांदी और 5500 अमेरिकी डॉलर भी मिले हैं। जांच एजेंसी ने इन सभी कीमती सामानों को कब्जे में लेकर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
अशोक खरात का बैंक खातों का काला खेल
अशोक खरात का अतीत काफी रसूखदार रहा है। मर्चेंट नेवी से रिटायर होने के बाद उसने ज्योतिष के क्षेत्र में कदम रखा। अपनी बातों और प्रभावशाली व्यक्तित्व के दम पर उसने जल्द ही कैप्टन के रूप में पहचान बना ली। उसके पास बड़े राजनेता और कारोबारी सलाह लेने आते थे।
हालांकि, इस रसूख की आड़ में एक काला खेल भी चल रहा था। ईडी की जांच में सामने आया है कि खरात ने नासिक की दो सहकारी क्रेडिट सोसायटियों में दर्जनों बैंक खाते खुलवा रखे थे। ये खाते उसके अपने नाम पर नहीं, बल्कि तीसरे पक्ष के नाम पर थे। चालाकी यह थी कि इन सभी बेनामी खातों में अशोक खरात ने खुद को नॉमिनी बना रखा था, ताकि पैसा सुरक्षित रहे और अंतिम अधिकार उसी का हो।
आध्यात्मिक शक्ति का झांसा और शोषण के आरोप
अशोक खरात पर केवल आर्थिक अपराध के ही नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाले आरोप भी हैं। पुलिस जांच के अनुसार, वह खुद को आध्यात्मिक शक्तियों का स्वामी बताकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था।
समस्याओं के समाधान और चमत्कार का लालच देकर वह महिलाओं का यौन शोषण करता था। इन्हीं आपराधिक मामलों को आधार बनाकर अब ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत शिकंजा कसा है।
जांच के घेरे में कई सफेदपोश
वर्तमान में ED खरात की चल और अचल संपत्तियों का पूरा कच्चा चिट्ठा तैयार कर रही है। बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि ठगी की इस कमाई को कहां-कहां निवेश किया गया है।
अधिकारियों को अंदेशा है कि बेनामी खाते खुलवाने में कुछ प्रभावशाली सफेदपोश लोगों ने भी उसकी मदद की है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
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