बांकीपुर सीट से प्रशांत किशोर की बड़ी जीत, 19324 वोटों से भाजपा के नीरज को हराया
समझें क्या है पूरा मामला
- प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव जीत लिया।
- भाजपा का 30 साल पुराना गढ़ टूट गया।
- 32 राउंड तक प्रशांत किशोर बढ़त पर रहे।
- भाजपा दूसरे और राजद तीसरे स्थान पर रही।
- जीत के बाद प्रशांत किशोर ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया।
बांकीपुर में बदल गया चुनावी इतिहास
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव बिहार की राजनीति के लिए बड़ा मोड़ लेकर आया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा का लंबे समय से कायम मजबूत गढ़ ध्वस्त कर दिया। इस जीत के साथ उन्होंने अपनी पार्टी को बड़ी राजनीतिक सफलता दिलाई।
बांकीपुर सीट कई वर्षों से भाजपा की मजबूत सीट मानी जाती रही है। इस बार परिणाम पूरी तरह अलग रहे। मतदाताओं ने प्रशांत किशोर पर भरोसा जताया और उन्हें स्पष्ट बढ़त दिलाई।
32 राउंड तक कायम रही बढ़त
मतगणना कुल 32 राउंड में हुई। हर चरण में प्रशांत किशोर बढ़त बनाए रहे। भाजपा किसी भी राउंड में उन्हें पीछे नहीं छोड़ सकी।
यह इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत रही। शुरुआत से लेकर अंतिम राउंड तक मुकाबले का रुख नहीं बदला। इससे साफ हुआ कि प्रशांत किशोर को लगातार और व्यापक समर्थन मिला।
किसे मिले कितने वोट
अंतिम नतीजों के अनुसार जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले। भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 44,827 वोट मिले। वह दूसरे स्थान पर रहे।
राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा कुमारी गुप्ता को 14,273 वोट मिले। उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
30 साल बाद टूटा भाजपा का गढ़
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती थी। इस बार इस सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इसलिए इस परिणाम को बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नतीजा आने वाले चुनावों की रणनीति पर भी असर डाल सकता है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव भविष्य के चुनावों में ही साफ होगा।
जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि 30 साल का गढ़ 30 दिन में ढह गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के नेतृत्व में बदलाव की मांग की।
प्रशांत किशोर ने कहा कि सम्राट चौधरी की जगह किसी अच्छे और चरित्रवान व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार का विकास सबसे बड़ी प्राथमिकता होना चाहिए। राज्य के सम्मान को आगे बढ़ाना जरूरी है।
भाजपा ने हार पर क्या कहा
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने परिणाम आने के बाद प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बांकीपुर में लगातार विकास कार्य किए हैं। आगे भी यह क्षेत्र पार्टी की प्राथमिकता रहेगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी समीक्षा करेगी कि अपेक्षा से कम वोट क्यों मिले। संजय सरावगी ने विजेता प्रत्याशी को अग्रिम बधाई भी दी।
बिहार की राजनीति पर असर
बांकीपुर का परिणाम केवल एक सीट का नतीजा नहीं माना जा रहा। इस जीत से जन सुराज पार्टी का मनोबल बढ़ा है। वहीं भाजपा के सामने अपनी रणनीति मजबूत करने की चुनौती भी बढ़ी है।
राजद के तीसरे स्थान पर रहने से विपक्षी राजनीति पर भी सवाल उठे हैं। अब सभी दल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी नए सिरे से करेंगे।
आगे किस पर रहेगी नजर
राजनीतिक दल इस परिणाम का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। भाजपा हार के कारण तलाशेगी। जन सुराज अपनी जीत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी। बांकीपुर उपचुनाव ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
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