ADR Report : बीजेपी को MP, CG और Raj से सबसे ज्यादा चंदा, कांग्रेस को दानदाताओं की तलाश
ADR (Association for Democratic Reforms) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की चंदा रिपोर्ट जारी की है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ तीनों ही राज्यों में BJP को सबसे ज्यादा चंदा मिला है। मध्यप्रदेश से BJP को 54.03 करोड़, राजस्थान से 87.51 और छत्तीसगढ़ से 76.29 करोड़ मिले हैं। तीनों राज्यों में कांग्रेस को मिला चंदा BJP से बहुत कम रहा। दूसरी ओर BSP (Bahujan Samaj Party) ने लगातार 19 वर्षों से 20 हजार से अधिक का कोई चंदा घोषित नहीं किया।
देश में राजनीतिकचंदे के क्या हाल
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने वर्ष 2024-25 के दौरान भारत के राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मिले 20,000 रुपए से अधिक के चंदे का विस्तृत विश्लेषण किया है। इसमें भाजपा, कांग्रेस और आप जैसे प्रमुख दलों को प्राप्त कुल 6648.563 करोड़ रुपए के दान का एनालिसिस है। इसमें कॉर्पोरेट घरानों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 92 प्रतिशत से ज्यादा है। दस्तावेजों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी को अन्य सभी दलों के मुकाबले दस गुना से भी अधिक चंदा मिला है, जबकि बहुजन समाज पार्टी ने लगातार 19वें वर्ष शून्य दान घोषित किया है।
तीन राज्यों में राजनीतिक चंदे का हाल
हर चुनाव से पहले एक सवाल उठता है, राजनीतिक दलों के पास पैसा कहां से आता है? इसी सवाल का जवाब देती है ADR (Association for Democratic Reforms) यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की सालाना रिपोर्ट। इस रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2024-25 का पूरा डेटा है। इसमें 20 हजार से अधिक के सभी घोषित दानों का विश्लेषण किया गया है।
इस रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ें तो मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तस्वीर बहुत साफ नजर आती है। तीनों राज्यों में एक ही पैटर्न दिखता है, BJP को मिलने वाला चंदा बाकी सभी दलों से कहीं ज्यादा है।
मध्य प्रदेश: कांग्रेस BJP से बहुत पीछे
मध्य प्रदेश से BJP (Bharatiya Janata Party) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 54.03 करोड़ का चंदा मिला। वहीं कांग्रेस को मध्य प्रदेश से महज 1.34 करोड़ रुपए ही मिले। आम आदमी पार्टी (AAP) को 0.39 करोड़ और CPI(M) (Communist Party of India - Marxist) को 0.02 करोड़ मिले। मध्य प्रदेश से कुल 55.78 करोड़ का चंदा राष्ट्रीय दलों तक पहुंचा। इसमें BJP की हिस्सेदारी करीब 97 फीसदी रही।
राजस्थान: BJP को 3.5 गुना ज्यादा
राजस्थान से BJP ( BJP donation Rajasthan ) को 87.51 करोड़ का चंदा मिला, जबकि कांग्रेस को 25.00 करोड़। AAP को 0.39 करोड़ और CPI(M) को 0.07 करोड़ मिले। राजस्थान से राष्ट्रीय दलों को कुल 112.97 करोड़ का चंदा मिला। BJP की हिस्सेदारी यहां करीब 77 फीसदी रही। कांग्रेस की हिस्सेदारी करीब 22 फीसदी थी। यहां दिलचस्प यह है कि राजस्थान में कांग्रेस की स्थिति तीनों राज्यों में अपेक्षाकृत बेहतर रही।
क्या कहते हैं वरिष्ठ पत्रकार
राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार गुलाब बत्रा ने चंदे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कार्पोरेट जगत हमेशा से संसदीय चुनाव प्रणाली का अहम हिस्सा रहा है। कार्पोरेट न केवल चंदे में, बल्कि अन्य राजनीतिक गतिविधियों में भी भूमिका निभाता है।
गुलाब बत्रा ने यह भी कहा कि वर्तमान में चुनाव बहुत खर्चीले हो गए हैं, जिसमें कार्पोरेट की बड़ी भूमिका है। भाजपा वर्तमान में कार्पोरेट की पसंदीदा पार्टी बन गई है। कांग्रेस की कमजोरी के कारण कार्पोरेट के लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं। उनका मानना है कि भाजपा ही भविष्य में उन्हें लाभ दे सकती है। कार्पोरेट लगातार सियासी स्तर पर हावी हो रहा है और अपने एजेंडे को सफलतापूर्वक चला रहा है।
छत्तीसगढ़: BJP एकतरफा आगे
छत्तीसगढ़ में तस्वीर और भी एकतरफा है। यहां से BJP को 76.29 करोड़ मिले, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 17 लाख रुपए ही चंदे के रूप में मिल सके। AAP और CPI(M) को कुछ नहीं मिला। छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय दलों को कुल 76.46 करोड़ मिले। इसमें BJP की हिस्सेदारी लगभग 99.8 फीसदी है। ADR के आंकड़े यह भी बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में BJP को मिला चंदा मुख्यतः कॉर्पोरेट (Corporate) स्रोतों से आया। 69.79 करोड़ कॉर्पोरेट दानदाताओं ने दिए।
क्षेत्र के हिसाब से चंदे का स्रोत
ADR रिपोर्ट में क्षेत्रवार यानी सेक्टर-वाइज (Sector-wise) विश्लेषण भी है। मध्य प्रदेश में 38.48 करोड़ कॉर्पोरेट स्रोत से आए, जबकि 17.21 करोड़ व्यक्तिगत दानदाताओं से।
राजस्थान में 69.27 करोड़ कॉर्पोरेट और 43.70 करोड़ व्यक्तिगत चंदा रहा। यहां व्यक्तिगत दानदाताओं की हिस्सेदारी अन्य दोनों राज्यों की तुलना में ज्यादा है।
छत्तीसगढ़ में 69.79 करोड़ कॉर्पोरेट और 0.57 करोड़ व्यक्तिगत रहे। यहां 6.10 करोड़ एचयूएफ (HUF - Hindu Undivided Family) यानी हिंदू अविभाजित परिवार श्रेणी से भी आए, जो तीनों राज्यों में सबसे ज्यादा है।
तीनों राज्यों की तुलना एक नजर में
BJP Congress donation comparison: तीनों राज्यों को एक साथ देखें तो कुल मिलाकर BJP को 217.83 करोड़ मिले। कांग्रेस को 26.51 करोड़, AAP को 0.78 करोड़ और CPI(M) को 0.09 करोड़ मिले।
यानी इन तीन राज्यों में BJP का चंदा कांग्रेस से करीब 8 गुना ज्यादा रहा। बाकी दलों की हिस्सेदारी तो नगण्य ही रही।
देर से रिपोर्ट जमा करना भी सवाल में
ADR की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दान रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा 30 सितंबर, 2025 थी। BJP ने यह रिपोर्ट 8 दिसंबर, 2025 को जमा की, यानी 68 दिन की देरी से। कांग्रेस ने 23 दिन देरी से रिपोर्ट दी। वहीं AAP, BSP और NPEP (National Peoples Party) ने समय पर रिपोर्ट जमा की।
क्या बोले जिम्मेदार?
ADR ने क्या सुझाव दिए?
ADR ने अपनी रिपोर्ट में कई अहम सुझाव भी दिए हैं। संस्था का कहना है कि 20 हजार या उससे ज्यादा का चंदा देने वाले हर दानदाता को पैन (PAN - Permanent Account Number) विवरण देना अनिवार्य होना चाहिए। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि अधूरी दान रिपोर्ट को चुनाव आयोग को अस्वीकार कर देना चाहिए। कॉर्पोरेट कंपनियों को भी अपने राजनीतिक चंदे का विवरण अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करना चाहिए। ADR यह भी चाहती है कि सभी राजनीतिक दल अपने वित्तीय विवरण आरटीआई (RTI - Right to Information) यानी सूचना के अधिकार के तहत सार्वजनिक करें।
यह खबर क्यों जरूरी है?
यह रिपोर्ट लोकतंत्र की पारदर्शिता से सीधे जुड़ी है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) हर नागरिक को जानकारी पाने का अधिकार देता है। यह खबर उसी अधिकार को मजबूत करती है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मतदाताओं को यह जानने का हक है कि उनके राज्य से राजनीतिक दलों को कितना और कहां से पैसा मिल रहा है। ADR जैसी स्वतंत्र संस्था की रिपोर्ट यह भी बताती है कि BJP और कांग्रेस जैसे बड़े दलों ने चंदा रिपोर्ट समय पर जमा नहीं की, जो चुनावी जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। डिजिटल और सामाजिक नैतिकता के लिहाज से यह खबर नागरिकों को सूचित मतदाता बनाने में मदद करती है। यह खबर किसी दल विशेष के पक्ष या विरोध में नहीं, बल्कि सरकारी रूप से दाखिल आंकड़ों पर आधारित है।
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FAQ
- मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में किस पार्टी को सबसे ज्यादा चंदा मिला?
ADR (Association for Democratic Reforms) की वित्तीय वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार तीनों राज्यों में BJP को सबसे ज्यादा चंदा मिला। राजनीतिक चंदा मध्य प्रदेश से BJP को 54.03 करोड़, राजस्थान से 87.51 करोड़ और छत्तीसगढ़ से 76.29 करोड़ मिले। कांग्रेस तीनों राज्यों में दूसरे स्थान पर रही लेकिन उसे मिला चंदा BJP से बहुत कम रहा। छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस को केवल 0.17 करोड़ ही मिले।
सोर्स: ADR (Association for Democratic Reforms) रिपोर्ट, दिनांक 26 मार्च 2026।
डेटा स्रोत: https://myneta.info/party एवं भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट।
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