मुफ्त के वादे से बचेगी BJP! फ्रीबीज का नया फॉर्मूला लाने की तैयारी, यहां से होगी शुरुआत
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी चुनावों के लिए एक नया और सुधारात्मक मॉडल ( Corrective Models ) तैयार किया है। पार्टी का उद्देश्य मुफ्त की घोषणाओं (फ्रीबीज) पर अंकुश लगाना और विकासात्मक (developmental ) योजनाओं को बढ़ावा देना है। इस नए मॉडल में सीधे कैश ट्रांसफर की बजाय, राज्य की जीडीपी को गति देने वाले कार्यों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की जाएगी।
असम चुनाव से शुरू होगा नया मॉडल
फ्रीबीज की जगह आर्थिक प्रोत्साहन
पार्टी का नया मॉडल नॉन-परफॉर्मिंग खर्चों (Non Performing Expenditures) को कम कर, राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देगा। BJP का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी मदद न केवल मुफ्त वितरण के रूप में, बल्कि विकासात्मक कार्यों और व्यावसायिक पहलुओं में लागू हो।
महिला उद्यमिता को मिलेगा समर्थन
असम बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने बताया कि असम में करीब 4 लाख स्वयं सहायता समूह हैं, जिनमें 40 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। अगले साल, इन महिलाओं को प्रति वर्ष 20 हजार की मदद दी जाएगी, जिसमें 10 हजार का लोन और 10 हजार सरकारी सहायता होगी। इससे महिलाओं को उनके कारोबार में मदद मिलेगी, और राज्य की अर्थव्यवस्था में लगभग 33 हजार करोड़ का योगदान होगा।
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छोटे व्यवसायों को मिलेगा आर्थिक सहयोग
नए चुनावी मॉडल में छोटे दुकानदारों और रेस्त्रां वालों को भी एकमुश्त राशि देने का प्रावधान है। इसके अलावा, मुफ्त बिजली की बजाय सोलर लाइटिंग उपकरणों पर छूट दी जाएगी। वहीं, मुफ्त परिवहन के बजाय लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की छूट के साथ पास दिए जाएंगे। पार्टी के आर्थिक विशेषज्ञ इस नए मॉडल को तैयार करने में जुटे हैं। बता दें कि मौजूद समय में कई राज्य सरकारें फ्रीबीज स्कीम चला रखी हैं। इनमें तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक शामिल है। इसमें बीजेपी और नॉन बीजेपी की सरकारें शामिल हैं। हालांकि, अब बीजेपी नए मॉडल को आगे बढ़ाना चाहती है ताकि फ्रीबीज स्कीम को रोका जा सके।
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