ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगा रोड-कम-रेल टनल, सफर होगा आसान

Sandeep Kumar | Feb 14, 2026, 21:10 IST
brahmaputra river
भारत ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 34 किमी लंबी रोड-कम-रेल टनल परियोजना को मंजूरी दी है। इस टनल से असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

News in Short

  • कैबिनेट ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 34 किमी लंबी रोड-कम-रेल टनल परियोजना को मंजूरी दी।
  • इस टनल से असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
  • परियोजना की लागत 18,662 करोड़ रुपए है, और इसे EPC मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
  • नोएडा मेट्रो विस्तार को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी, जिससे ट्रैफिक में कमी आएगी।
  • पीएमओ को साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ शिफ्ट करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।

News in Detail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को कैबिनेट मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को मंजूरी मिली है। इन्हीं में एक है ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे रेल-रोड टनल परियोजना। जी हां चीन की सीमा और पूर्वोत्तर की चुनौतियों को देखते हुए भारत सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे रेल-रोड टनल परियोजना को मंजूरी दी है।



यह टनल नदी के नीचे बंकर जैसी होगी। आपातकाल में यह सीमा तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। युद्ध की स्थिति में यह महत्वपूर्ण साबित होगी। इस परियोजना की लागत 18662 करोड़ रुपए होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। टनल की लंबाई 34 किलोमीटर होगी।



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रोड-कम-रेल टनल परियोजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग में असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे रोड-कम-रेल टनल परियोजना को मंजूरी दी गई। इसकी कुल लागत 18 हजार 662 करोड़ होगी। यह भारत की पहली और दुनिया की दूसरी अंडरवॉटर रोड-कम-रेल टनल परियोजना होगी। इस टनल में एक ही सुरंग में रोड और रेल लाइन होगी। ट्रेन और गाड़ियां एक साथ चलेंगी। परियोजना को इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।



इस प्रोजेक्ट के तहत गोहपुर (NH-15) से नुमालीगढ़ (NH-715) तक 15.79 किमी लंबी टनल बनाई जाएगी। वर्तमान में नुमालीगढ़ और गोहपुर के बीच 240 किमी की दूरी तय करने में 6 घंटे लगते हैं। इस प्रोजेक्ट के बाद यह दूरी 20 मिनट में तय हो सकेगी।



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टनल से इन राज्यों को फायदा

असम, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।


11 आर्थिक, 3 सामाजिक, 2 पर्यटन और 8 लॉजिस्टिक नोड्स से कनेक्टिविटी होगी।


4 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट और 2 जलमार्ग से जुड़ाव होगा।


करीब 80 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।



नोएडा मेट्रो परियोजना की मंजूरी

केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो परियोजना को मंजूरी दी है। सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी लंबा विस्तार होगा। इस परियोजना में 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। परियोजना शुरू होने पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो नेटवर्क 61.62 किमी लंबा होगा। बॉटनिकल गार्डन पर ब्लू और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज होगा। व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्रों से सीधा जुड़ाव होगा। ट्रैफिक में कमी आएगी।



कैबिनेट मीटिंग में शहरी अवसंरचना के लिए 1 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता मंजूरी दी गई। यह राशि अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के तहत होगी। सूचना मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह योजना 2025-26 से 2030-31 तक लागू होगी। छोटे शहरों के लिए 5,000 करोड़ की क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी योजना भी मंजूर हुई है।



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इन शहरों को लाभ होगा

10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर।


राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की राजधानियां।


1 लाख से ज्यादा आबादी वाले औद्योगिक शहर।



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सेवा तीर्थ में PMO को शिफ्ट करने का प्रस्ताव

कैबिनेट में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ शिफ्ट करने का प्रस्ताव पारित हुआ। सरकार ने इसे इतिहास और भविष्य का मिलन बताया। नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को मिलाकर ‘युग-युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ बनेगा। यहां भारत के इतिहास और विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि नए दफ्तर की जरूरत थी। इसमें आधुनिक सुविधाएं, नई तकनीक और पर्यावरण-अनुकूल पहलू होंगे।



दुनिया की एकमात्र अंडरवाटर रोड-कम-रेल टनल

चैनल टनल दुनिया की एकमात्र अंडरवाटर रोड-कम-रेल टनल है। यह इंग्लिश चैनल के नीचे बनी है। यह टनल यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस को जोड़ती है। 1994 में यह टनल आम नागरिकों के लिए खोली गई थी। टनल की कुल लंबाई 50.45 किलोमीटर है। इसमें से 37.9 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे है। यह दुनिया की सबसे लंबी अंडर सी टनलों में से एक है।



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