500 रुपए लगाकर बनें सरकार के पार्टनर, तीन साल बाद मुनाफा ही मुनाफा

Anjali Dwivedi | Feb 08, 2026, 18:19 IST
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गृह मंत्री अमित शाह ने देश का पहला सहकारी प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी लॉन्च किया है। अब 500 रुपए का शेयर लेकर ड्राइवर कंपनी के पार्टनर बनेंगे और उन्हें मुनाफे का 80% हिस्सा भी मिलेगा।

News In Short

  • मात्र 500 रुपए का शेयर लेकर टैक्सी ड्राइवर अब कंपनी के असली पार्टनर बन सकेंगे।
  • तीन साल बाद होने वाली कमाई का 80% हिस्सा सीधे ड्राइवरों की जेब में जाएगा।
  • भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय से संचालित देश का पहला सहकारी राइड-हेलिंग ऐप है।
  • भारत टैक्सी को पांच जनवरी को अमित शाह ने लॉन्च किया था।
  • ड्राइवरों को 80% सीधे भुगतान मिलता है और 20% फंड उनके भविष्य के लिए सुरक्षित रहता है।

News In Detail

सिर्फ 500 रुपए लगाइए और खुद मालिक बन जाइए। अमित शाह ने भारत टैक्सी (Bharat Taxi) नाम का देश का पहला सहकारी प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसमें टैक्सी चलाने वाले सिर्फ 500 रुपए का शेयर खरीदकर कंपनी के हिस्सेदार बन सकते हैं।



इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि 3 साल बाद होने वाले मुनाफे का 80% हिस्सा सीधे ड्राइवरों को मिलेगा। इसका मकसद बड़ी कंपनियों की मनमानी खत्म करना और ड्राइवरों को असली हक दिलाना है। अब ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि बिजनेस पार्टनर होंगे और तय किलोमीटर के आधार पर अतिरिक्त कमाई भी करेंगे। रोजगार बढ़ाने और ड्राइवरों की जेब भरने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है।



भारत टैक्सी की मुख्य विशेषताएं

  • निवेश और मालिकाना हक: टैक्सी चालक सिर्फ 500 रुपए का निवेश कर कंपनी के शेयरधारक (पार्टनर) बन सकते हैं।
  • मुनाफे का बंटवारा: कंपनी के मुनाफे का 80% हिस्सा ड्राइवरों (सारथियों) के बीच उनके द्वारा चलाई गई किलोमीटर के आधार पर वितरित किया जाएगा।
  • तीन साल का लक्ष्य: पहले तीन वर्षों तक कंपनी मुनाफे के 20% का उपयोग अपने कैपिटल (पूंजी) निर्माण के लिए करेगी।
  • सहकारी मॉडल: यह पांच बड़ी कोऑपरेटिवों को मिलाकर बनाई गई है, जिससे ड्राइवरों को भारी कमीशन और बुकिंग फीस से राहत मिलेगी।
  • अतिरिक्त सुविधाएं: इसमें ड्राइवरों के लिए 5 लाख रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, सारथी दीदी के माध्यम से महिला सुरक्षा, और SBI के माध्यम से वाणिज्यिक वाहन ऋण की सुविधा भी होगी।

यह योजना चालकों को केवल चालक नहीं, बल्कि कंपनी के मालिक के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखती है।



अगर आप भी ओला-उबर जैसी बड़ी कंपनियों के भारी-भरकम कमीशन से परेशान हैं, तो केंद्र सरकार आपके लिए एक शानदार विकल्प लेकर आई है। सहकारिता मंत्रालय के तहत देश का पहला सरकारी सहकारी राइड-हेलिंग ऐप भारत टैक्सी (Bharat Taxi) अब पूरे देश में धूम मचाने को तैयार है। इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि इसमें ड्राइवर सिर्फ एक कर्मचारी नहीं, बल्कि एक हिस्सेदार और मालिक की तरह काम करता है।





क्या है भारत टैक्सी और क्यों है यह खास?

भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड से किया जाता है। यह संस्था मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट 2002 के तहत रजिस्टर्ड है। इस ऐप को पांच जनवरी को केंद्रीय गृह और सहकारिता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया था।



दिल्ली-एनसीआर में सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब इसे देशभर के लिए खोल दिया गया है। यहां ड्राइवरों को सारथी कहा जाता है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सम्मान देना ही इस ऐप का मुख्य उद्देश्य है।



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भारत टैक्सी में कैसे लगाएं अपनी गाड़ी?

अगर आप भी भारत टैक्सी के साथ जुड़कर अपनी कमाई बढ़ाना चाहते हैं, तो इसकी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस बहुत ही सरल है-



  • सबसे पहले अपने फोन के प्ले स्टोर या ऐपल स्टोर से Bharat Taxi Driver APP डाउनलोड करें।
  • अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और उसे ओटीपी के जरिए वेरिफाई करें।
  • अपना नाम, ईमेल, गाड़ी की डिटेल, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • आपकी प्रोफाइल की जांच डिजिलॉकर और पुलिस वेरिफिकेशन के जरिए की जाएगी ताकि सुरक्षा बनी रहे।
  • अप्रूवल मिलते ही आप अपनी पहली राइड स्वीकार कर सकते हैं।

भारत टैक्सी में 30 दिन में कितना मुनाफा?

भारत टैक्सी में कमाई का मॉडल ड्राइवरों के हक में तैयार किया गया है। यहां कमीशन का बोझ बहुत कम है। अगर आप रोजाना औसतन 10 हजार रुपए का काम करते हैं, तो 30 दिनों में आपकी कुल कमाई लगभग 3 लाख रुपए तक पहुंच सकती है।



इसमें से 80 प्रतिशत हिस्सा सीधे आपके बैंक खाते में जाएगा। यानी महीने के करीब 2.4 लाख रुपए आपकी शुद्ध बचत होगी। बाकी का 20 प्रतिशत हिस्सा ऐप के संचालन और कोऑपरेटिव फंड में जाता है, जिसका इस्तेमाल भविष्य में ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा, बीमा और रिटायरमेंट फंड के लिए ही किया जाता है।



अक्सर प्राइवेट ऐप्स में ड्राइवर को एक कर्मचारी की तरह देखा जाता है, लेकिन भारत टैक्सी में व्यवस्था पूरी तरह अलग है। यहां मुनाफे का एक हिस्सा ड्राइवरों के कल्याण के लिए इस्तेमाल होता है। इसका मतलब है कि आप जितनी मेहनत करेंगे, उसका फल आपको न केवल आज की कमाई के रूप में मिलेगा, बल्कि भविष्य के लिए एक सुरक्षा कवच भी तैयार होगा।



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