जनगणना 2027: आज से आठ राज्यों में डिजिटल जनगणना शुरू, जानें शेड्यूल

Anjali Dwivedi | Apr 16, 2026, 14:04 IST
census 2027
जनगणना 2027 का फील्ड कार्य आज से 8 राज्यों में शुरू हुआ। पहली बार डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। 33 सवालों के जरिए घरों का डेटा जुटाया जाएगा।

News In Short

  • आज से 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउसलिस्टिंग का फील्ड कार्य शुरू।
  • भारत में पहली बार पारंपरिक सर्वे के साथ डिजिटल जनगणना हो रही है।
  • जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी।
  • हाउसलिस्टिंग चरण में परिवार और सुविधाओं से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे।
  • अलग-अलग राज्यों के लिए अप्रैल और मई 2026 तक का शेड्यूल निर्धारित किया गया है।

News In Detail

भारत के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने वाला महाअभियान जनगणना 2027 (Census 2027) आज,16 अप्रैल से जमीनी स्तर पर उतर रहा है। देश के आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना के फील्ड का काम आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है।



इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि भारत के इतिहास में पहली बार यह प्रक्रिया डिजिटल तकनीक के साथ कदम मिला रही है।



इस पहले चरण में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, और सिक्किम शामिल हैं। इसके साथ ही दिल्ली के कई क्षेत्रों जैसे नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी बोर्ड में भी प्रगणक (Enumerators) घर-घर पहुंचना शुरू कर देंगे। यह पूरी प्रक्रिया 15 मई 2026 तक चलेगी।



12 लाख परिवारों ने खुद चुनी डिजिटल राह

आधुनिक दौर को देखते हुए सरकार ने स्वयं-गणना का विकल्प दिया था, जिसका लाभ अब तक लगभग 12 लाख परिवार उठा चुके हैं। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने वाले इन परिवारों को एक SE ID (Self-Enumeration ID) दी गई है।



जब गणना कर्मचारी उनके घर पहुंचेंगे, तो उन्हें बस यह आईडी दिखानी होगी और उनकी प्रक्रिया तुरंत पूरी हो जाएगी। हालांकि, जिन्होंने ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा है, उनके लिए पारंपरिक घर-घर सर्वे की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी।



33 सवालों में सिमटेगी आपके घर की पूरी जानकारी

इस हाउसलिस्टिंग चरण के दौरान प्रगणक आपसे कुल 33 सबाल पूछेंगे। इन सवालों में घर की स्थिति, परिवार का आकार, घर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं और संपत्ति (Assets) जैसे विवरण शामिल होंगे।



खास बात यह है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत आपके द्वारा दी गई हर जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग किसी व्यक्तिगत जांच के लिए नहीं, बल्कि केवल देश के विकास और सांख्यिकीय कार्यों के लिए किया जाएगा।



मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार के लिए अलग शेड्यूल

देश के अन्य राज्यों के लिए भी समय-सीमा तय कर दी गई है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आज से स्वयं-गणना शुरू हो रही है जो 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी।



इसके बाद इन राज्यों में 1 मई से 30 मई 2026 तक हाउसलिस्टिंग का कार्य होगा। वहीं, बिहार में स्वयं-गणना 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक चलेगी और 2 मई से 31 मई 2026 तक घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा।



राष्ट्रीय अभियान में सहयोग की अपील

सरकार ने सभी निवासियों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। जब प्रगणक आपके घर आएं, तो उन्हें सही जानकारी देकर सहयोग करें। यह डेटा आने वाले वर्षों में सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और संसाधनों के सही वितरण में मील का पत्थर साबित होगा।



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