चार धाम यात्रा 2026: बर्फबारी के बीच भी नहीं थम रहा भक्तों का उत्साह, टूटा रिकॉर्ड
इस साल की यात्रा को लेकर लोगों में बहुत ज्यादा क्रेज देखा जा रहा है। चारों धामों के कपाट खुलते ही पूरा उत्तराखंड जयकारों से गूंज उठा है। प्रशासन ने इस बार यात्रियों की सुरक्षा के लिए बहुत कड़े इंतजाम किए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं से लेकर ठहरने की व्यवस्था को काफी बेहतर बनाया गया है।
सनातन धर्म में चार धाम यात्रा का बहुत ही विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस यात्रा को करने से जीवन के सारे पाप धुल जाते हैं। हिंदू धर्म में इसे मोक्ष प्राप्ति का सबसे बड़ा जरिया माना जाता है। हर सनातनी अपने जीवन में एक बार यहां जरूर आना चाहता है।
बाबा केदारनाथ के कपाट भक्तों के दर्शन के लिए पूरी तरह खुल गए हैं। यात्रा शुरू होने के कुछ ही हफ्तों के भीतर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। बर्फबारी के बीच भी भक्तों का उत्साह बिल्कुल कम नहीं हुआ है। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरी केदार घाटी गूंज रही है।
सृष्टि के पालनकर्ता भगवान बद्री विशाल के कपाट भी खुल चुके हैं। शुरुआती हफ्तों में ही लगभग 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूट चुका है। यहां की अलकनंदा नदी की आरती भक्तों का मन मोह रही है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां माथा टेकने आ रहे हैं।
गंगा और यमुना नदी के उद्गम स्थल के कपाट भी खुल गए हैं। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर इन दोनों धामों की यात्रा शुरू हुई। यहां जल अर्पित कर भक्त खुद को बहुत भाग्यशाली मान रहे हैं। शुरुआती दिनों में ही 10 लाख से अधिक भक्त यहां दर्शन कर चुके हैं।
इस बार बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सरकार ने यात्रियों की गिनती तय करने के लिए ये नियम बनाया है। रास्ते में जगह-जगह मेडिकल कैंप और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। यात्रियों की सेहत पर स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर रख रहा है।
पहाड़ों पर मौसम पल-पल बदल रहा है, इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है। प्रशासन ने भक्तों से गर्म कपड़े और जरूरी दवाइएं साथ रखने को कहा है। यात्रा रूट की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। नियमों का पालन करने से आपकी यात्रा बेहद सुखद रहेगी।